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Boss Scam Alert: 20 दिन में 300 से ज्यादा लोग ठगी का शिकार, whatsapp पर एक मैसेज से उड़ सकते हैं लाखों रुपये

देश में तेजी से फैल रहे 'बॉस स्कैम' को लेकर सरकार ने बड़ा अलर्ट जारी किया है। साइबर ठग CEO या कंपनी के मालिक बनकर कर्मचारियों से व्हाट्सएप पर तत्काल पैसे ट्रांसफर करा रहे हैं। जानिए यह नया साइबर फ्रॉड कैसे काम करता है और इससे बचने के आसान तरीके।

 
Boss Scam Alert
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Boss Scam Alert: देश में तेजी से फैल रहे नए साइबर फ्रॉड 'बॉस स्कैम' (Boss Scam) को लेकर सरकार ने चेतावनी जारी की है। पिछले 20 दिनों में 300 से अधिक लोग इस ठगी का शिकार हो चुके हैं। साइबर अपराधी कंपनी के मालिक, CEO या वरिष्ठ अधिकारी बनकर कर्मचारियों को व्हाट्सएप या अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर तत्काल पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाते हैं और इसी भरोसे का फायदा उठाकर लाखों रुपये की ठगी कर लेते हैं।

क्या है Boss Scam?

'बॉस स्कैम' एक नया साइबर फ्रॉड है, जिसमें ठग किसी कंपनी के CEO, मालिक या वरिष्ठ अधिकारी की पहचान का इस्तेमाल करते हैं। कई मामलों में वे अधिकारी का प्रोफाइल फोटो और नाम लगाकर नया नंबर इस्तेमाल करते हैं, जबकि कुछ मामलों में व्हाट्सएप अकाउंट तक हैक कर लिया जाता है। इसके बाद कर्मचारियों को "अभी तुरंत पेमेंट करो", "यह गोपनीय काम है" या "किसी को मत बताना" जैसे संदेश भेजकर पैसे ट्रांसफर करवाए जाते हैं।

सरकार ने क्यों जारी किया अलर्ट?

भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने इस बढ़ते खतरे को देखते हुए सभी कंपनियों, संस्थानों और कर्मचारियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। एजेंसी का कहना है कि किसी भी वित्तीय लेन-देन से पहले संबंधित अधिकारी से फोन या वीडियो कॉल के जरिए पुष्टि जरूर करें और केवल व्हाट्सएप संदेश के आधार पर पैसे ट्रांसफर न करें।

ऐसे करें खुद का बचाव

  • व्हाट्सएप या मैसेज पर आए किसी भी भुगतान के निर्देश की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें।
  • अनजान नंबर से आए 'बॉस' के संदेश पर तुरंत भरोसा न करें।
  • जल्दबाजी या गोपनीयता का दबाव बनाने वाले संदेशों से सतर्क रहें।
  • किसी संदिग्ध लिंक, ZIP फाइल या अटैचमेंट को बिना जांचे न खोलें।
  • साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें या साइबर क्राइम पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज कराएं।


विशेषज्ञों की सलाह

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि 'बॉस स्कैम' पूरी तरह भरोसे और मनोवैज्ञानिक दबाव का फायदा उठाने वाला फ्रॉड है। इसलिए किसी भी असामान्य वित्तीय निर्देश पर बिना पुष्टि कार्रवाई करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है। कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और कंपनी में स्पष्ट वेरिफिकेशन प्रक्रिया अपनाना ही इस तरह की ठगी से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।