ChatGPT में जुड़ा नया ‘Health’ सेक्शन, मानसिक और शारीरिक सेहत पर फोकस
OpenAI ने ChatGPT में नया ‘Health’ सेक्शन जोड़ा है, जो मानसिक और शारीरिक सेहत से जुड़े सवालों के लिए सुरक्षित प्लेटफ़ॉर्म प्रदान करता है। यूजर लैब रिपोर्ट, प्रिस्क्रिप्शन और वेलनेस ऐप्स कनेक्ट कर सकते हैं। यह डायग्नोसिस नहीं करेगा, केवल हेल्थ जानकारी और सपोर्ट प्रदान करने के लिए है।
New Delhi : OpenAI ने अपने एआई चैटबॉट ChatGPT में एक नया ‘Health’ सेक्शन जोड़ा है। यह फीचर खास तौर पर मानसिक और शारीरिक सेहत से जुड़ी बातचीत के लिए तैयार किया गया है। कंपनी के मुताबिक, यह नया सेक्शन हेल्थ से जुड़े विषयों पर चर्चा के लिए एक फोक्स्ड और सुरक्षित एनवायरनमेंट देगा, जहां की बातचीत यूजर की डेली चैट्स से पूरी तरह अलग रहेगी।
हर हफ्ते करोड़ों लोग पूछते हैं सेहत से जुड़े सवाल
OpenAI का कहना है कि ChatGPT पर हेल्थ और वेलनेस से जुड़े सवाल सबसे ज्यादा पूछे जाते हैं। हर हफ्ते करीब 23 करोड़ यूजर्स चैटबॉट से मेडिकल और हेल्थ से संबंधित जानकारी लेते हैं। अब तक ऐसी बातचीत सामान्य चैट्स में ही होती थी, लेकिन नए अपडेट के बाद हेल्थ से जुड़ा सवाल पूछते ही यूजर को Health सेक्शन में शिफ्ट होने का विकल्प मिलेगा।
क्या-क्या होंगे ChatGPT Health के फीचर्स
नए हेल्थ सेक्शन में यूजर्स अपनी लैब रिपोर्ट, प्रिस्क्रिप्शन और अन्य हेल्थ डॉक्यूमेंट अपलोड कर सकते हैं। इसके अलावा इसे Apple Health, MyFitnessPal जैसी वेलनेस ऐप्स से भी कनेक्ट किया जा सकता है। हालांकि, OpenAI ने साफ किया है कि यह फीचर बीमारी का डायग्नोसिस या इलाज नहीं बताएगा। इसका मकसद कॉम्प्लेक्स मेडिकल जानकारी और आम यूजर्स की समझ के बीच एक ब्रिज का काम करना है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि Health सेक्शन में होने वाली बातचीत को मॉडल ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा, जिससे यूजर की प्राइवेसी सुरक्षित रहेगी।
यूजर्स को बरतनी होगी सावधानी
OpenAI ने इस फीचर को लेकर यूजर्स को सतर्क भी किया है। कंपनी के अनुसार, ChatGPT Health को मेडिकल केयर के विकल्प के तौर पर नहीं, बल्कि केवल सपोर्ट टूल के रूप में डिजाइन किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि एआई चैटबॉट डॉक्टरों की तरह बीमारी की सटीक पहचान नहीं कर सकते। इनके जवाब प्रोबैबिलिटी पर आधारित होते हैं, जो कई बार सही लग सकते हैं लेकिन गलत भी हो सकते हैं। इसलिए किसी भी गंभीर स्वास्थ्य समस्या में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
