अब आवाज़ के साथ चलेंगे इलेक्ट्रिक वाहन! सरकार ने AVAS सिस्टम अनिवार्य किया
नई दिल्ली I भारत में तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के चलते सड़क सुरक्षा को लेकर नई चुनौती पैदा हो रही है। चूंकि ये वाहन लगभग बिना आवाज के चलते हैं, इसलिए पैदल यात्री, साइकिल सवार और दृष्टिबाधित लोग इनकी उपस्थिति का पता नहीं लगा पाते। इस जोखिम को देखते हुए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है।
मंत्रालय ने ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है जिसमें कहा गया है कि 1 अक्टूबर 2026 से लॉन्च होने वाले सभी नए इलेक्ट्रिक वाहन मॉडल्स में Acoustic Vehicle Alert System (AVAS) लगाना अनिवार्य होगा। वहीं मौजूदा बिक रहे इलेक्ट्रिक पैसेंजर व कमर्शियल वाहनों को 1 अक्टूबर 2027 तक AVAS से अपडेट करना होगा।
AVAS क्या है और क्यों जरूरी?
AVAS एक कृत्रिम ध्वनि उत्पन्न करने वाला सिस्टम है जो कम स्पीड (20 किमी/घंटा तक) और रिवर्स गियर में अपने आप सक्रिय हो जाता है। इससे पैदल चलने वालों को वाहन की मौजूदगी का पता चल जाता है। जैसे ही स्पीड 20 किमी/घंटा से ऊपर जाती है, यह ध्वनि अपने आप बंद हो जाती है।
अमेरिकी परिवहन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार कम स्पीड पर इलेक्ट्रिक वाहन पैदल यात्रियों के लिए पारंपरिक वाहनों से 20% ज्यादा खतरनाक हैं और यह जोखिम 50% तक बढ़ जाता है। यही कारण है कि अमेरिका, यूरोपीय संघ और जापान में कई सालों से AVAS अनिवार्य है। भारत अब इसी वैश्विक सुरक्षा मानक को अपना रहा है।
किन वाहनों पर लागू होगा नियम?
- M कैटेगरी: इलेक्ट्रिक कारें, SUVs, वैन, बसें आदि पैसेंजर वाहन
- N कैटेगरी: इलेक्ट्रिक ट्रक व मालवाहक वाहन
इन गाड़ियों में पहले से मौजूद है AVAS
भारत में कई नई इलेक्ट्रिक कारें पहले से ही AVAS के साथ आ रही हैं:
- MG Comet EV
- Tata Curvv EV
- Hyundai Creta Electric
- Mahindra XEV 9e
- Mahindra BE 6
