अब आपके मोबाइल पर नहीं बजेगा इमरजेंसी अलर्ट मैसेज! Cell Broadcasting Service बंद
Jun 14, 2026, 11:58 IST
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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देशभर में हाल ही में शुरू की गई सेल ब्रॉडकास्टिंग सर्विस को फिलहाल अगले आदेश तक बंद कर दिया है। यह सेवा लोगों को प्राकृतिक आपदाओं, मौसम संबंधी चेतावनियों और अन्य आपात स्थितियों में मोबाइल फोन पर तत्काल अलर्ट भेजने के लिए शुरू की गई थी। हालांकि, अब राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने इसे अस्थायी रूप से रोकने का फैसला लिया है।
NDMA द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि तकनीकी और संचालन संबंधी कुछ समस्याओं के चलते इस सेवा को फिलहाल स्थगित किया जा रहा है। हालांकि, सेवा बंद करने के पीछे की विस्तृत वजह सार्वजनिक नहीं की गई है।
क्या प्रधानमंत्री के फोन पर गया अलर्ट बना वजह?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस फैसले के पीछे एक बड़ी वजह आधी रात को कुछ वीआईपी नंबरों पर पहुंचे इमरजेंसी अलर्ट को माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री के संपर्क नंबर पर भी देर रात अलर्ट संदेश पहुंचा था। हालांकि, इस संबंध में NDMA की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि उत्तर प्रदेश और हरियाणा की आपदा प्रबंधन एजेंसियों की ओर से जारी किए गए अलर्ट के कारण कई लोगों के मोबाइल फोन रात में बज उठे थे। खास बात यह है कि सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट फोन के साइलेंट मोड या कुछ मामलों में स्विच ऑफ स्थिति में भी तेज ध्वनि के साथ दिखाई दे सकता है।
2 मई को हुई थी शुरुआत
केंद्र सरकार ने 2 मई को इस मोबाइल आधारित आपदा संचार प्रणाली की शुरुआत की थी। इसे दूरसंचार विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने संयुक्त रूप से विकसित किया है। इसका उद्देश्य चक्रवात, बाढ़, भूकंप, भारी बारिश और अन्य आपात परिस्थितियों में लोगों तक त्वरित चेतावनी पहुंचाना है।
क्या है सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक?
सेल ब्रॉडकास्ट एक ऐसी तकनीक है, जिसके माध्यम से किसी विशेष क्षेत्र में मौजूद सभी मोबाइल फोन पर एक साथ अलर्ट संदेश भेजे जा सकते हैं। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि नेटवर्क पर अधिक दबाव होने की स्थिति में भी संदेश तेजी से लोगों तक पहुंच जाता है।
यह तकनीक इंटरनेट पर निर्भर नहीं होती और इसके लिए सरकार को मोबाइल उपभोक्ताओं के व्यक्तिगत नंबरों की भी आवश्यकता नहीं होती। एक मोबाइल टावर से जुड़े सभी डिवाइस तक एक साथ संदेश पहुंचाया जा सकता है।
30 से अधिक देशों में हो रहा इस्तेमाल
सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक का विकास 1990 के दशक में यूरोपियन टेलीकम्युनिकेशन स्टैंडर्ड्स इंस्टीट्यूट (ETSI) द्वारा किया गया था। वर्तमान में दुनिया के 30 से अधिक देशों में इसका उपयोग आपदा प्रबंधन और सार्वजनिक सुरक्षा अलर्ट जारी करने के लिए किया जा रहा है।
फिलहाल इस सेवा को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है और इसके दोबारा शुरू होने को लेकर सरकार की ओर से कोई समयसीमा घोषित नहीं की गई है।
NDMA द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि तकनीकी और संचालन संबंधी कुछ समस्याओं के चलते इस सेवा को फिलहाल स्थगित किया जा रहा है। हालांकि, सेवा बंद करने के पीछे की विस्तृत वजह सार्वजनिक नहीं की गई है।
क्या प्रधानमंत्री के फोन पर गया अलर्ट बना वजह?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस फैसले के पीछे एक बड़ी वजह आधी रात को कुछ वीआईपी नंबरों पर पहुंचे इमरजेंसी अलर्ट को माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री के संपर्क नंबर पर भी देर रात अलर्ट संदेश पहुंचा था। हालांकि, इस संबंध में NDMA की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि उत्तर प्रदेश और हरियाणा की आपदा प्रबंधन एजेंसियों की ओर से जारी किए गए अलर्ट के कारण कई लोगों के मोबाइल फोन रात में बज उठे थे। खास बात यह है कि सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट फोन के साइलेंट मोड या कुछ मामलों में स्विच ऑफ स्थिति में भी तेज ध्वनि के साथ दिखाई दे सकता है।
2 मई को हुई थी शुरुआत
केंद्र सरकार ने 2 मई को इस मोबाइल आधारित आपदा संचार प्रणाली की शुरुआत की थी। इसे दूरसंचार विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने संयुक्त रूप से विकसित किया है। इसका उद्देश्य चक्रवात, बाढ़, भूकंप, भारी बारिश और अन्य आपात परिस्थितियों में लोगों तक त्वरित चेतावनी पहुंचाना है।
क्या है सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक?
सेल ब्रॉडकास्ट एक ऐसी तकनीक है, जिसके माध्यम से किसी विशेष क्षेत्र में मौजूद सभी मोबाइल फोन पर एक साथ अलर्ट संदेश भेजे जा सकते हैं। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि नेटवर्क पर अधिक दबाव होने की स्थिति में भी संदेश तेजी से लोगों तक पहुंच जाता है।
यह तकनीक इंटरनेट पर निर्भर नहीं होती और इसके लिए सरकार को मोबाइल उपभोक्ताओं के व्यक्तिगत नंबरों की भी आवश्यकता नहीं होती। एक मोबाइल टावर से जुड़े सभी डिवाइस तक एक साथ संदेश पहुंचाया जा सकता है।
30 से अधिक देशों में हो रहा इस्तेमाल
सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक का विकास 1990 के दशक में यूरोपियन टेलीकम्युनिकेशन स्टैंडर्ड्स इंस्टीट्यूट (ETSI) द्वारा किया गया था। वर्तमान में दुनिया के 30 से अधिक देशों में इसका उपयोग आपदा प्रबंधन और सार्वजनिक सुरक्षा अलर्ट जारी करने के लिए किया जा रहा है।
फिलहाल इस सेवा को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है और इसके दोबारा शुरू होने को लेकर सरकार की ओर से कोई समयसीमा घोषित नहीं की गई है।
