Movie prime

दिवाली पर WhatsApp से आ रहे फर्जी ऑफर्स, एक क्लिक में खाली हो सकता है बैंक अकाउंट; जानें ठगी से बचने के 5 तरीके

 
whatsapp
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

दिवाली का त्योहार आते ही बाजार से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म तक आकर्षक ऑफर्स की भरमार हो जाती है। लोग सस्ते सामान, डिस्काउंट और फ्री गिफ्ट की तलाश में रहते हैं। लेकिन इसी मौके का फायदा साइबर ठग भी उठा रहे हैं। WhatsApp पर दिवाली बोनस, कैशबैक और फ्री गिफ्ट के नाम पर फर्जी मैसेज भेजकर लोगों को अपने जाल में फंसाया जा रहा है। ऐसे में एक छोटी सी गलती आपकी मेहनत की कमाई पर भारी पड़ सकती है।

दरअसल, साइबर ठग लोगों को आकर्षक ऑफर का लालच देकर WhatsApp पर लिंक भेजते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति उस लिंक पर क्लिक करता है, उसे किसी नामी कंपनी या सरकारी योजना जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट पर पहुंचा दिया जाता है। यहां उससे नाम, मोबाइल नंबर, बैंक खाते की जानकारी, डेबिट-क्रेडिट कार्ड डिटेल और ओटीपी जैसी संवेदनशील जानकारी मांगी जाती है।

 कैसे होती है दिवाली ऑफर के नाम पर ठगी?

साइबर अपराधी इस तरीके को फिशिंग (Phishing) कहते हैं। इसमें ठग किसी बड़ी शॉपिंग वेबसाइट, बैंक या सरकारी योजना के नाम से मिलती-जुलती नकली वेबसाइट बनाते हैं। इसके बाद WhatsApp के जरिए लोगों को मैसेज भेजकर भारी छूट, फ्री गिफ्ट या कैशबैक का लालच दिया जाता है।

इन मैसेज में अक्सर लिखा होता है कि ऑफर कुछ ही समय के लिए है और गिफ्ट पाने के लिए तुरंत लिंक पर क्लिक करना होगा। जल्दबाजी में लोग बिना जांच किए लिंक खोल लेते हैं और अपनी निजी जानकारी साझा कर बैठते हैं। कई बार ठग अनजान ऐप डाउनलोड करने के लिए भी कहते हैं, जिसके जरिए मोबाइल में मौजूद जानकारियों तक पहुंचने की कोशिश की जा सकती है।

हाल ही में WhatsApp पर सरकार की ओर से 8,000 रुपये का दिवाली बोनस देने का दावा करने वाला एक मैसेज भी वायरल हुआ था। प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने इस दावे को फर्जी बताया था। सरकार की ओर से ऐसा कोई दिवाली बोनस घोषित नहीं किया गया था। इस तरह के मैसेज के जरिए लोगों की निजी जानकारी हासिल करने की कोशिश की जा रही थी।

## साइबर ठगी से बचने के लिए अपनाएं ये 5 सावधानियां

*1. अनजान लिंक पर क्लिक न करें*

WhatsApp या किसी दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनजान नंबर से आए डिस्काउंट, गिफ्ट या बोनस वाले लिंक को खोलने से बचें। कोई ऑफर बहुत ज्यादा आकर्षक लगे, तो पहले उसकी सच्चाई जांच लें।

*2. आधिकारिक वेबसाइट पर करें ऑफर की पुष्टि*

किसी भी कंपनी या सरकारी योजना के नाम पर ऑफर मिलने पर उसकी पुष्टि संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से जरूर करें। वेबसाइट के नाम और URL को ध्यान से देखें।

*3. OTP और UPI PIN किसी को न बताएं*

बैंक खाते, डेबिट-क्रेडिट कार्ड और UPI से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। याद रखें, पैसे प्राप्त करने के लिए UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होती। OTP भी किसी अनजान व्यक्ति को न बताएं।

**4. अनजान ऐप डाउनलोड करने से बचें**

WhatsApp पर भेजी गई APK फाइल या किसी अनजान लिंक के जरिए मोबाइल में ऐप इंस्टॉल न करें। ऐसे ऐप आपके फोन की निजी जानकारी और बैंकिंग डेटा के लिए खतरा बन सकते हैं।

*5. बिना जांचे मैसेज फॉरवर्ड न करें*

फ्री गिफ्ट, बोनस या भारी डिस्काउंट के नाम पर आए मैसेज को बिना पुष्टि किए परिवार और दोस्तों के ग्रुप में शेयर न करें। ऐसा करने से अनजाने में आप भी साइबर ठगी फैलाने का जरिया बन सकते हैं।

अगर साइबर ठगी का शिकार हो जाएं तो क्या करें?

अगर गलती से किसी फर्जी लिंक पर क्लिक करने के बाद आपके बैंक खाते से पैसे कट जाते हैं, तो बिना देर किए अपने बैंक को इसकी सूचना दें। इसके साथ ही राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर **1930** पर कॉल करें। आप साइबर अपराध की शिकायत आधिकारिक वेबसाइट **cybercrime.gov.in** पर भी दर्ज करा सकते हैं।

ध्यान रखें कि साइबर ठगी की स्थिति में जितनी जल्दी शिकायत की जाएगी, पैसे को रोकने या वापस पाने की संभावना उतनी बेहतर हो सकती है।

दिवाली पर सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव

त्योहारों के मौसम में ऑनलाइन शॉपिंग और आकर्षक ऑफर्स का फायदा उठाना गलत नहीं है, लेकिन किसी भी अनजान लिंक पर भरोसा करना नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए दिवाली पर मिलने वाले हर बोनस, गिफ्ट और डिस्काउंट की पहले जांच करें। थोड़ी सी सतर्कता आपकी मेहनत की कमाई और निजी जानकारी दोनों को सुरक्षित रख सकती है।

दिवाली का त्योहार आते ही बाजार से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म तक आकर्षक ऑफर्स की भरमार हो जाती है। लोग सस्ते सामान, डिस्काउंट और फ्री गिफ्ट की तलाश में रहते हैं। लेकिन इसी मौके का फायदा साइबर ठग भी उठा रहे हैं। WhatsApp पर दिवाली बोनस, कैशबैक और फ्री गिफ्ट के नाम पर फर्जी मैसेज भेजकर लोगों को अपने जाल में फंसाया जा रहा है। ऐसे में एक छोटी सी गलती आपकी मेहनत की कमाई पर भारी पड़ सकती है।

दरअसल, साइबर ठग लोगों को आकर्षक ऑफर का लालच देकर WhatsApp पर लिंक भेजते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति उस लिंक पर क्लिक करता है, उसे किसी नामी कंपनी या सरकारी योजना जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट पर पहुंचा दिया जाता है। यहां उससे नाम, मोबाइल नंबर, बैंक खाते की जानकारी, डेबिट-क्रेडिट कार्ड डिटेल और ओटीपी जैसी संवेदनशील जानकारी मांगी जाती है।

 कैसे होती है दिवाली ऑफर के नाम पर ठगी?

साइबर अपराधी इस तरीके को फिशिंग (Phishing) कहते हैं। इसमें ठग किसी बड़ी शॉपिंग वेबसाइट, बैंक या सरकारी योजना के नाम से मिलती-जुलती नकली वेबसाइट बनाते हैं। इसके बाद WhatsApp के जरिए लोगों को मैसेज भेजकर भारी छूट, फ्री गिफ्ट या कैशबैक का लालच दिया जाता है।

इन मैसेज में अक्सर लिखा होता है कि ऑफर कुछ ही समय के लिए है और गिफ्ट पाने के लिए तुरंत लिंक पर क्लिक करना होगा। जल्दबाजी में लोग बिना जांच किए लिंक खोल लेते हैं और अपनी निजी जानकारी साझा कर बैठते हैं। कई बार ठग अनजान ऐप डाउनलोड करने के लिए भी कहते हैं, जिसके जरिए मोबाइल में मौजूद जानकारियों तक पहुंचने की कोशिश की जा सकती है।

हाल ही में WhatsApp पर सरकार की ओर से 8,000 रुपये का दिवाली बोनस देने का दावा करने वाला एक मैसेज भी वायरल हुआ था। प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने इस दावे को फर्जी बताया था। सरकार की ओर से ऐसा कोई दिवाली बोनस घोषित नहीं किया गया था। इस तरह के मैसेज के जरिए लोगों की निजी जानकारी हासिल करने की कोशिश की जा रही थी।

## साइबर ठगी से बचने के लिए अपनाएं ये 5 सावधानियां

*1. अनजान लिंक पर क्लिक न करें*

WhatsApp या किसी दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनजान नंबर से आए डिस्काउंट, गिफ्ट या बोनस वाले लिंक को खोलने से बचें। कोई ऑफर बहुत ज्यादा आकर्षक लगे, तो पहले उसकी सच्चाई जांच लें।

*2. आधिकारिक वेबसाइट पर करें ऑफर की पुष्टि*

किसी भी कंपनी या सरकारी योजना के नाम पर ऑफर मिलने पर उसकी पुष्टि संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से जरूर करें। वेबसाइट के नाम और URL को ध्यान से देखें।

*3. OTP और UPI PIN किसी को न बताएं*

बैंक खाते, डेबिट-क्रेडिट कार्ड और UPI से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। याद रखें, पैसे प्राप्त करने के लिए UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होती। OTP भी किसी अनजान व्यक्ति को न बताएं।

**4. अनजान ऐप डाउनलोड करने से बचें**

WhatsApp पर भेजी गई APK फाइल या किसी अनजान लिंक के जरिए मोबाइल में ऐप इंस्टॉल न करें। ऐसे ऐप आपके फोन की निजी जानकारी और बैंकिंग डेटा के लिए खतरा बन सकते हैं।

*5. बिना जांचे मैसेज फॉरवर्ड न करें*

फ्री गिफ्ट, बोनस या भारी डिस्काउंट के नाम पर आए मैसेज को बिना पुष्टि किए परिवार और दोस्तों के ग्रुप में शेयर न करें। ऐसा करने से अनजाने में आप भी साइबर ठगी फैलाने का जरिया बन सकते हैं।

अगर साइबर ठगी का शिकार हो जाएं तो क्या करें?

अगर गलती से किसी फर्जी लिंक पर क्लिक करने के बाद आपके बैंक खाते से पैसे कट जाते हैं, तो बिना देर किए अपने बैंक को इसकी सूचना दें। इसके साथ ही राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर **1930** पर कॉल करें। आप साइबर अपराध की शिकायत आधिकारिक वेबसाइट **cybercrime.gov.in** पर भी दर्ज करा सकते हैं।

ध्यान रखें कि साइबर ठगी की स्थिति में जितनी जल्दी शिकायत की जाएगी, पैसे को रोकने या वापस पाने की संभावना उतनी बेहतर हो सकती है।

दिवाली पर सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव

त्योहारों के मौसम में ऑनलाइन शॉपिंग और आकर्षक ऑफर्स का फायदा उठाना गलत नहीं है, लेकिन किसी भी अनजान लिंक पर भरोसा करना नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए दिवाली पर मिलने वाले हर बोनस, गिफ्ट और डिस्काउंट की पहले जांच करें। थोड़ी सी सतर्कता आपकी मेहनत की कमाई और निजी जानकारी दोनों को सुरक्षित रख सकती है।