Google Chrome में आया Gemini Auto Browse: अब AI खुद खोलेगा वेबसाइट, करेगा तुलना और पूरे करेगा ऑनलाइन काम
Google ने भारत में Chrome यूजर्स के लिए अपने AI फीचर्स का दायरा बढ़ाते हुए Gemini के Auto Browse फीचर का रोलआउट शुरू किया है। इस फीचर के जरिए Gemini अब केवल किसी वेबपेज से जुड़े सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यूजर के निर्देश पर कई चरणों वाले ऑनलाइन काम भी कर सकेगा।
Auto Browse की मदद से Gemini वेबसाइट खोल सकता है, अलग-अलग पेज पर उपलब्ध जानकारी जुटा सकता है, विकल्पों की तुलना कर सकता है और कुछ मामलों में यूजर की ओर से ब्राउजर में जरूरी स्टेप भी पूरे कर सकता है। Google के मुताबिक यह सुविधा फिलहाल चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जा रही है और Google AI Pro तथा Google AI Ultra सब्सक्राइबर्स को इसका एक्सेस दिया जा रहा है।
बार-बार वेबसाइट खोलने की जरूरत होगी कम
Gemini Auto Browse की सबसे खास बात यह है कि यूजर को हर वेबसाइट पर जाकर अलग-अलग जानकारी तलाशने की जरूरत कम हो सकती है। यूजर सामान्य बोलचाल की भाषा में Gemini को अपना काम बता सकता है, जिसके बाद AI ब्राउजर में जरूरी वेबसाइटों पर जाकर उस टास्क को पूरा करने की कोशिश करेगा।
उदाहरण के तौर पर, अगर किसी यूजर को यात्रा के लिए होटल खोजना है तो वह Gemini से अपनी जरूरत और बजट के मुताबिक अलग-अलग होटल विकल्प तलाशने और उनकी तुलना करने के लिए कह सकता है।
इसी तरह यह प्रोडक्ट्स खोजने, कीमतों और विकल्पों की तुलना करने तथा चुनिंदा मामलों में सामान को ऑनलाइन शॉपिंग कार्ट में जोड़ने में भी मदद कर सकता है। Google के अनुसार Auto Browse का इस्तेमाल ट्रैवल, शॉपिंग और अन्य मल्टी-स्टेप ऑनलाइन टास्क के लिए किया जा सकता है।
वेबसाइट खोलने से लेकर लिंक पर क्लिक तक कर सकेगा Gemini
Auto Browse के दौरान यूजर Gemini को ब्राउजर में काम करने की अनुमति देता है। इसके बाद AI जरूरत के मुताबिक वेबसाइट खोल सकता है, लिंक पर क्लिक कर सकता है, पेज स्क्रॉल कर सकता है और टास्क पूरा करने के लिए जरूरी जानकारी का इस्तेमाल कर सकता है।
Chrome में Auto Browse सक्रिय होने के दौरान इसका संकेत भी दिखाया जाता है, ताकि यूजर को यह पता रहे कि Gemini ब्राउजर में काम कर रहा है।
यूजर किसी भी समय Gemini को नया निर्देश दे सकता है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर टास्क रोका जा सकता है और ब्राउजर का कंट्रोल वापस अपने हाथ में लिया जा सकता है।
संवेदनशील काम से पहले मांगी जा सकती है अनुमति
Google ने Auto Browse में सुरक्षा और यूजर कंट्रोल पर भी जोर दिया है। Gemini हर संवेदनशील या महत्वपूर्ण कार्रवाई अपने आप पूरी नहीं करेगा।
खासतौर पर ऐसी गतिविधियों में, जिनमें पैसे खर्च हो सकते हैं या जिन्हें बाद में आसानी से बदला नहीं जा सकता, Gemini यूजर से पुष्टि मांग सकता है। यानी खरीदारी, बुकिंग या दूसरे महत्वपूर्ण ऑनलाइन कदमों को पूरा करने से पहले यूजर की मंजूरी जरूरी हो सकती है।
भारत में किन यूजर्स को मिलेगा Auto Browse?
Google की आधिकारिक सपोर्ट जानकारी के अनुसार Auto Browse भारत और अमेरिका में चुनिंदा योग्य यूजर्स के लिए उपलब्ध है। इसके लिए Google AI Pro या Google AI Ultra सब्सक्रिप्शन, समर्थित Chrome वर्जन और Google अकाउंट से साइन-इन जैसी शर्तें लागू होती हैं।
Google का कहना है कि फीचर धीरे-धीरे रोल आउट किया जा रहा है। ऐसे में योग्य सब्सक्रिप्शन होने के बावजूद सभी यूजर्स को यह विकल्प एक साथ दिखाई देना जरूरी नहीं है।
Chrome में Auto Browse कैसे इस्तेमाल करें?
सबसे पहले Chrome को लेटेस्ट उपलब्ध वर्जन पर अपडेट करें और Google अकाउंट से साइन-इन रखें। इसके बाद Chrome में Gemini का विकल्प खोलें।
अगर आपके अकाउंट पर Auto Browse उपलब्ध है तो Gemini को किसी मल्टी-स्टेप टास्क का निर्देश दिया जा सकता है। उदाहरण के लिए आप उससे होटल ढूंढने, अलग-अलग प्रोडक्ट की तुलना करने या किसी ऑनलाइन टास्क में मदद करने के लिए कह सकते हैं।
Gemini पहले टास्क को समझेगा और इसके बाद जरूरी वेबसाइटों पर काम शुरू करेगा। यूजर प्रक्रिया के दौरान नए निर्देश दे सकता है या जरूरत पड़ने पर Auto Browse को रोक सकता है।
Gemini in Chrome के विस्तार के साथ Google अब Chrome को सिर्फ पारंपरिक वेब ब्राउजर के बजाय AI आधारित असिस्टेंट के रूप में विकसित कर रहा है, जहां AI जानकारी देने के साथ-साथ यूजर की ओर से कई ऑनलाइन प्रक्रियाओं में सक्रिय मदद भी कर सकेगा।
