Movie prime

सस्ता दिखा, महंगा पड़ा! ऑनलाइन खरीदारी का नया Scam ट्रिक ‘डार्क पैटर्न’ सरकार ने दी वार्निंग

 
Dark Pattern
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

Dark Pattern : आज के डिजिटल दौर में ऑनलाइन शॉपिंग हर किसी की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है। लोग ग्रोसरी से लेकर गैजेट्स तक सबकुछ घर बैठे ऑर्डर कर लेते हैं। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि किसी प्रोडक्ट को कार्ट में डालने के बाद जब आप पेमेंट करने जाते हैं, तो उसका दाम अचानक बढ़ जाता है? अगर हां, तो समझिए आप भी ‘डार्क पैटर्न’ के जाल में फंस चुके हैं। आइए बताते है कि ये डार्क पैटर्न क्या होता है और इससे आप कैसे बचें।

क्या होता है डार्क पैटर्न?

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ग्राहकों को भ्रमित करने के लिए कंपनियां कई तरह की चालें चलती हैं। इनमें से एक है ‘डार्क पैटर्न’। ये एक ऐसा तरीका है, जिसके ज़रिए कंपनियां किसी प्रोडक्ट का असल दाम या शर्तें छिपा लेती हैं, ताकि ग्राहक जल्दी में खरीदारी कर ले।

अक्सर ऐसा देखा गया है कि किसी प्रोडक्ट का दाम कम दिखाया जाता है, लेकिन पेमेंट पेज पर टैक्स, डिलीवरी चार्ज या अन्य फीस जोड़कर कीमत बढ़ा दी जाती है। इस तरह की भ्रामक प्राइसिंग को ही ‘डार्क पैटर्न’ कहा जाता है।


कंज्यूमर अफेयर्स ने दी चेतावनी

कंज्यूमर अफेयर्स मंत्रालय ने लोगों को इस तरह की ऑनलाइन ट्रिक से सतर्क रहने की सलाह दी है। मंत्रालय के X (पूर्व में ट्विटर) हैंडल @JagoGrahakJago से एक पोस्ट शेयर कर कहा गया कि, डार्क पैटर्न की वजह से कई बार उपभोक्ता सही प्रोडक्ट का चुनाव नहीं कर पाते। अगर आपको भी किसी वेबसाइट या ऐप पर ऐसा मामला दिखे, तो तुरंत कंज्यूमर हेल्पलाइन पर शिकायत करें।




त्योहारों की सेल में बढ़ जाते हैं ऐसे केस

त्योहारों के मौसम में ऑनलाइन सेल के दौरान ऐसे मामलों में खासा इज़ाफा होता है। उदाहरण के तौर पर किसी स्मार्टफोन को वेबसाइट पर ₹37,999 में दिखाया जाता है, लेकिन जब आप उस पर क्लिक करते हैं, तो असल कीमत ज़्यादा निकलती है।
कई बार ऑफर्स और डिस्काउंट की आड़ में कंपनियां छोटे अक्षरों में असली दाम या शर्तें लिख देती हैं, जिन्हें लोग जल्दी में पढ़ नहीं पाते।


डार्क पैटर्न के कई रूप

डार्क पैटर्न सिर्फ कीमत बढ़ाने तक सीमित नहीं है। इसके कई प्रकार होते हैं —

टाइमर ट्रिक: ऑफर खत्म होने में 10 मिनट बाकी जैसे मैसेज दिखाकर ग्राहक पर दबाव बनाना।


हिडन कॉस्ट: पेमेंट के समय छिपे हुए चार्ज जोड़ देना।


फोर्स कंटिन्यूटी: फ्री ट्रायल खत्म होने के बाद ऑटो पेमेंट चालू रखना।


मिसलीडिंग डिजाइन: असली जानकारी को छोटे फॉन्ट में दिखाना या कन्फ्यूज़िंग बटन लगाना।

कैसे बचें डार्क पैटर्न से

  • जल्दबाजी में पेमेंट कभी न करें।
  • हर ऑफर की टर्म्स और कंडीशंस ध्यान से पढ़ें।
  • “फ्री ट्रायल” या “वन क्लिक सब्सक्रिप्शन” के बाद ऑटो पेमेंट बंद कर दें।
  • किसी भी वेबसाइट पर टाइमर या फोर्स बाय वाले पॉप-अप से सावधान रहें।

ऑनलाइन शॉपिंग करते समय सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव है। याद रखें हर डिस्काउंट ऑफर आपके लिए फायदेमंद नहीं होता।