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WhatsApp पर शेयर टिप्स से रहें सावधान, ₹200 करोड़ के मामले के बाद Zerodha CEO की चेतावनी

Zerodha के CEO नितिन कामथ ने WhatsApp, Telegram और सोशल मीडिया पर मिलने वाली शेयर टिप्स से सावधान रहने की सलाह दी है। ED ने कथित शेयर हेरफेर मामले में करीब 200 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों वाले ट्रेडिंग खाते फ्रीज किए हैं। जानिए पंप-एंड-डंप स्कैम कैसे काम करता है।

 
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शेयर बाजार में जल्दी और मोटा मुनाफा कमाने के लालच में WhatsApp, Telegram और सोशल मीडिया पर मिलने वाली स्टॉक टिप्स पर भरोसा करना निवेशकों को भारी पड़ सकता है। Zerodha के सह-संस्थापक और CEO नितिन कामथ ने निवेशकों को ऐसी सलाह से सावधान किया है। उनकी यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित शेयर हेरफेर मामले में करीब 200 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों वाले ट्रेडिंग खातों को फ्रीज किया है।

WhatsApp और Telegram की शेयर टिप्स पर क्या बोले नितिन कामथ?

नितिन कामथ ने 20 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए निवेशकों को आगाह किया। उन्होंने कहा कि 2026 में भी लोग WhatsApp, Telegram, SMS और सोशल मीडिया पर मिलने वाली शेयर बाजार की टिप्स के झांसे में आ रहे हैं। कामथ ने इसे पैसा गंवाने का सबसे मूर्खतापूर्ण तरीका बताते हुए आशंका जताई कि बाजार के मौजूदा चक्र में ऐसे मामले और बढ़ सकते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि WhatsApp ग्रुप और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के जरिए शेयरों और IPO को प्रमोट करने के मामले पहले से अधिक दिखाई दे रहे हैं। उनके मुताबिक, इस तरह के कथित पंप-एंड-डंप मामलों का नतीजा निवेशकों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

क्या होता है Pump-and-Dump स्कैम?

पंप-एंड-डंप शेयर बाजार में हेरफेर का एक तरीका है। इसमें किसी शेयर की कीमत बढ़ाने के लिए भ्रामक जानकारी, प्रचार या समन्वित खरीदारी का सहारा लिया जा सकता है। कीमत बढ़ने के बाद पहले से शेयर रखने वाले लोग अपनी हिस्सेदारी बेच देते हैं। इसके बाद शेयर का भाव गिरने पर ऊंची कीमत पर खरीदारी करने वाले निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

ऐसे मामलों में WhatsApp ग्रुप, सोशल मीडिया पोस्ट और कथित मल्टीबैगर टिप्स के जरिए निवेशकों को किसी शेयर में खरीदारी के लिए आकर्षित किया जा सकता है।

निवेशकों के लिए जोखिम तब बढ़ जाता है, जब वे कंपनी की वित्तीय स्थिति, आधिकारिक घोषणाओं और शेयर की वास्तविक संभावनाओं की जांच किए बिना केवल किसी मैसेज या इन्फ्लुएंसर की सलाह पर पैसा लगा देते हैं।

₹200 करोड़ के शेयरों से जुड़े मामले में ED की कार्रवाई

नितिन कामथ की चेतावनी के बीच ED की एक जांच भी चर्चा में है। एजेंसी ने कथित शेयर मूल्य हेरफेर और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में छह शहरों में 29 ठिकानों पर तलाशी ली थी। इनमें मुंबई, नासिक, अहमदाबाद, गांधीनगर, सूरत और भावनगर शामिल हैं।

जांच RM Drip and Sprinklers Systems Ltd और R&B Denims Ltd के शेयरों से संबंधित कथित हेरफेर पर केंद्रित है। ED ने करीब 200 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों वाले ट्रेडिंग खातों को फ्रीज किया है।

एजेंसी के मुताबिक, अप्रैल 2023 से मार्च 2024 के बीच दोनों कंपनियों ने चुनिंदा व्यक्तियों और संस्थाओं को 3.5 करोड़ से अधिक शेयर और कन्वर्टिबल वारंट जारी किए थे। जांचकर्ताओं को संदेह है कि बाद में इन शेयरों को WhatsApp ग्रुप और अन्य माध्यमों के जरिए प्रमोट कर खरीदारी बढ़ाने की कोशिश की गई।

'Multibagger Stocks' जैसे ग्रुप के जरिए भेजे गए खरीदारी के संदेश

ED की जांच के अनुसार, दिसंबर 2025 के आखिर से फरवरी 2026 के बीच 'Multibagger Stocks' जैसे नामों वाले WhatsApp ग्रुप में खुदरा निवेशकों को रोजाना शेयर खरीदने के सुझाव भेजे गए।

एजेंसी का आरोप है कि इन संदेशों से संबंधित शेयरों में खरीदारी की दिलचस्पी और ट्रेडिंग गतिविधि बढ़ी। इसके बाद पहले से शेयर रखने वाले कुछ लोगों ने बढ़ी हुई मांग का फायदा उठाकर अपनी हिस्सेदारी बेची।

जांच के दौरान कंपनियों के कार्यालयों, प्रमोटरों के आवास, शेयर प्राप्त करने वाले कुछ लोगों और कथित प्रचार नेटवर्क से जुड़े ठिकानों की तलाशी ली गई। इस दौरान दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, शेयर लेनदेन के रिकॉर्ड और संपत्ति से जुड़े कागजात भी जब्त किए गए।

मामले में जांच जारी है। एजेंसी के आरोपों को अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।

निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान

नितिन कामथ ने निवेशकों को सलाह दी कि आसान और जल्दी कमाई का वादा करने वाले संदेशों पर आंख बंद करके भरोसा न करें। उन्होंने ऐसे संदेशों की विश्वसनीयता परखने के लिए Claude या ChatGPT जैसे AI टूल की मदद लेने का भी सुझाव दिया।

हालांकि, AI टूल की राय अपने आप में किसी शेयर के सुरक्षित या लाभदायक होने का प्रमाण नहीं है। निवेश से पहले कंपनी की आधिकारिक घोषणाओं, स्टॉक एक्सचेंज में उपलब्ध जानकारी और संबंधित नियामकीय खुलासों की जांच करना जरूरी है।

निवेशकों को खास तौर पर उन संदेशों से सावधान रहना चाहिए, जिनमें गारंटीड रिटर्न का दावा किया जाता है, तुरंत पैसा लगाने का दबाव बनाया जाता है या किसी शेयर को निश्चित रूप से मल्टीबैगर बताया जाता है।

कामथ ने अपनी पोस्ट में कहा कि शेयर बाजार में यह बात खास तौर पर लागू होती है कि कोई पेशकश सच होने के लिए जरूरत से ज्यादा अच्छी लग रही है, तो उसकी सावधानी से जांच करनी चाहिए।