UPI यूजर्स अलर्ट! AutoPay से अपने-आप कट रहे पैसे, RBI ने शुरू की बड़ी जांच
UPI AutoPay से बिना अनुमति पैसे कटने की बढ़ती शिकायतों पर RBI ने NPCI को जांच के निर्देश दिए हैं। यूजर्स को मैंडेट रद्द करने और जानकारी न मिलने की समस्या सामने आई है। RBI ने सिस्टम को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने तथा ग्राहकों की स्पष्ट सहमति सुनिश्चित करने को कहा है।
UPI AutoPay RBI: डिजिटल भुगतान प्रणाली को लेकर बढ़ती शिकायतों के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बैंक ने भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) को UPI AutoPay से जुड़ी समस्याओं की विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया है। बड़ी संख्या में उपयोगकर्ताओं ने शिकायत की है कि उनके बैंक खातों से बिना स्पष्ट अनुमति के पैसे कट रहे हैं और इन भुगतानों को बंद करना भी आसान नहीं है।
पिछले कुछ महीनों में यूजर्स ने बताया कि ऑटो-पे मैंडेट की अनुमति देते समय शर्तें स्पष्ट रूप से नहीं दिखाई जातीं। कई लोगों का कहना है कि उन्हें ऐप पर सक्रिय मैंडेट की पूरी जानकारी नहीं मिलती, जबकि कुछ यूजर्स ने यह भी शिकायत की कि सब्सक्रिप्शन रद्द करने की प्रक्रिया जटिल है। कई मामलों में लोगों ने यह समझकर ऐप डिलीट कर दिया कि भुगतान बंद हो जाएगा, लेकिन बैंक स्तर पर मैंडेट सक्रिय रहने के कारण खाते से पैसे कटते रहे। इसके अलावा, कुछ यूजर्स को ट्रांजेक्शन की SMS सूचना भी नहीं मिली।
UPI AutoPay सुविधा की शुरुआत वर्ष 2020 में नियमित भुगतानों को आसान बनाने के उद्देश्य से की गई थी। इसके जरिए बिजली-पानी के बिल, बीमा प्रीमियम, OTT सब्सक्रिप्शन और EMI जैसे भुगतान स्वतः हो जाते हैं। हालांकि हाल ही में साइबर अपराध विभाग और बैंकों के पास शिकायतें आई हैं कि कुछ मामलों में एक बार भुगतान करने के बाद ऑटो-पे मैंडेट स्वतः सक्रिय हो गया या उपयोगकर्ताओं को इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
RBI ने NPCI से पूरी ऑटो-पे प्रणाली की समीक्षा करने और इसे अधिक पारदर्शी बनाने को कहा है। केंद्रीय बैंक चाहता है कि किसी भी ऑटो-डेबिट से पहले ग्राहकों की स्पष्ट सहमति ली जाए और उन्हें मैंडेट को आसानी से रद्द करने का विकल्प मिले। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि ग्राहकों को हर ट्रांजेक्शन की सही और समय पर सूचना मिले।
आंकड़े बताते हैं कि UPI AutoPay का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। नवंबर 2025 में देश के शीर्ष 10 बैंकों ने 92 करोड़ से अधिक ऑटो-पे लेनदेन प्रोसेस किए। वर्तमान में हर महीने करीब एक अरब ऑटो-पे ट्रांजेक्शन हो रहे हैं, जो कुल UPI लेनदेन का लगभग 5 प्रतिशत है। ऐसे में इस सुविधा की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करना और भी महत्वपूर्ण हो गया है।
यदि किसी उपयोगकर्ता के खाते से बिना जानकारी के पैसे कट रहे हैं, तो उसे तुरंत अपने बैंक या UPI ऐप के कस्टमर सपोर्ट में शिकायत दर्ज करनी चाहिए। इसके अलावा NPCI हेल्पलाइन और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर भी शिकायत की जा सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यूजर्स को समय-समय पर अपने UPI मैंडेट की जांच करते रहना चाहिए, ताकि किसी अनचाहे भुगतान से बचा जा सके।
