मेरे नाम वाले पहले ही बुक...लाख-कोशिशों के बाद भी मनीष सिसोदिया को नहीं मिला WhatsApp Username, मेटा से की ये मांग
आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता Manish Sisodia ने WhatsApp के नए यूजरनेम फीचर को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि उनके नाम से जुड़े कई यूजरनेम पहले ही रिजर्व हो चुके हैं, जिससे किसी और द्वारा उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल (इम्पर्सनेशन) किए जाने का खतरा बढ़ सकता है।
'मेरे नाम वाले कई यूजरनेम पहले से रिजर्व'
मनीष सिसोदिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने अपना WhatsApp यूजरनेम रिजर्व करने की कोशिश की, लेकिन उनके नाम के कई कॉम्बिनेशन पहले से उपलब्ध नहीं थे।
उन्होंने लिखा कि Manish.Sisodia.AAP", "Manish_Sisodia_AAP, "ManishSisodiaAAP" समेत उनके नाम और AAP से जुड़े कई यूजरनेम पहले ही रिजर्व किए जा चुके हैं। सिसोदिया ने कहा कि उन्हें इस बात से चिंता है कि ऐसे यूजरनेम का इस्तेमाल कर कोई व्यक्ति उनकी पहचान का दुरुपयोग कर सकता है और लोगों को गुमराह कर सकता है।
Meta से की कार्रवाई की मांग
AAP नेता ने Meta और WhatsApp से आग्रह किया कि सार्वजनिक हस्तियों की पहचान की सुरक्षा के लिए मजबूत वेरिफिकेशन और प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था लागू की जाए। उनका कहना है कि इससे फर्जी अकाउंट और इम्पर्सनेशन की घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
WhatsApp ने क्या कहा?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, WhatsApp ने स्पष्ट किया है कि मशहूर हस्तियों के नाम वाले यूजरनेम केवल उनके वास्तविक अकाउंट धारकों के लिए ही सुरक्षित रखे जा सकते हैं। कंपनी ने उन दावों को खारिज किया है जिनमें कहा गया था कि कोई भी व्यक्ति पहले से लोकप्रिय या चर्चित नामों वाले यूजरनेम रिजर्व कर सकता है।
केंद्र सरकार ने भी भेजा है नोटिस
इस बीच, केंद्र सरकार ने भी WhatsApp के नए यूजरनेम फीचर को लेकर Meta को नोटिस जारी किया है। सरकार ने आशंका जताई है कि इस फीचर के कारण ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट स्कैम और इम्पर्सनेशन जैसे साइबर अपराध बढ़ सकते हैं।
सरकार ने Meta से कहा है कि जब तक इन सुरक्षा संबंधी चिंताओं का संतोषजनक समाधान नहीं हो जाता, तब तक इस फीचर के क्रियान्वयन पर रोक लगाने पर विचार किया जाए।
