WhatsApp Encryption विवाद गहराया: Meta पर केस, मस्क और टेलीग्राम CEO आमने-सामने
New Delhi/Washington : पिछले कुछ दिनों से WhatsApp के मैसेज एनक्रिप्शन और प्राइवेसी दावों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इसी बीच व्हाट्सऐप की पैरेंट कंपनी मेटा (Meta) के खिलाफ अमेरिका में दायर एक मुकदमे ने इस बहस को और तेज कर दिया है। अब इस मामले में अमेरिकी अरबपति एलन मस्क और टेलीग्राम के सीईओ पावेल दुरोव भी खुलकर सामने आ गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
अमेरिका में एक यूजर ग्रुप ने मेटा के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि मेटा और व्हाट्सऐप यूजर्स के प्राइवेट कम्यूनिकेशन को स्टोर, एनालाइज और वर्चुअली एक्सेस कर सकती हैं। इस मुकदमे में ऑस्ट्रेलिया, भारत, ब्राजील, मेक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के याचिकाकर्ता शामिल हैं।
याचिकाकर्ताओं का दावा है कि मेटा यूजर चैट्स को स्टोर करती है और कंपनी के कर्मचारी उन्हें एक्सेस कर सकते हैं। हालांकि, मेटा ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि व्हाट्सऐप एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन पर आधारित है और यूजर्स की बातचीत सुरक्षित रहती है।
एलन मस्क ने दी चेतावनी
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा कि “व्हाट्सऐप सिक्योर नहीं है।” उन्होंने यहां तक कहा कि Signal जैसे ऐप्स पर भी सवाल उठते हैं। मस्क ने यूजर्स से अपने प्लेटफॉर्म X Chat का इस्तेमाल करने की अपील की। गौरतलब है कि मस्क पहले भी डिजिटल प्राइवेसी और डेटा सिक्योरिटी को लेकर मुखर रहे हैं।
पावेल दुरोव की तीखी टिप्पणी
विवाद के बीच टेलीग्राम के सीईओ और संस्थापक पावेल दुरोव ने और कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि 2026 में जो लोग व्हाट्सऐप को सिक्योर मानते हैं, वे ब्रेनडेड हैं। दुरोव ने दावा किया कि टेलीग्राम की टीम ने व्हाट्सऐप के एनक्रिप्शन सिस्टम का विश्लेषण किया है, जिसमें कई अटैक वेक्टर्स पाए गए। उनके मुताबिक, व्हाट्सऐप का सुरक्षा सिस्टम कभी भी उतना मजबूत नहीं रहा, जितना यूजर्स को बताया गया।
बढ़ती बहस
व्हाट्सऐप की सुरक्षा और प्राइवेसी को लेकर उठे इन सवालों के बाद एक बार फिर यह बहस तेज हो गई है कि यूजर्स का डेटा कितना सुरक्षित है और टेक कंपनियां अपने दावों पर कितनी खरी उतरती हैं। आने वाले दिनों में इस मुकदमे और दिग्गज टेक लीडर्स की टिप्पणियों पर वैश्विक स्तर पर नजर बनी रहेगी।
