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Zoho ने बनाया अपना Cloud, अब छात्रों को मिलेगा फ्री; Sridhar Vembu ने बताया पूरा प्लान

Zoho Cloud: Zoho ने AWS और Google Cloud पर निर्भर रहने के बजाय अपना Cloud Infrastructure तैयार किया है। कंपनी के सह-संस्थापक Sridhar Vembu के मुताबिक अब इस इंफ्रास्ट्रक्चर को Catalyst के जरिए डेवलपर्स के लिए खोला जा रहा है। छात्रों को Catalyst की सुविधा मुफ्त देने की योजना है, जिससे वे बिना इंफ्रास्ट्रक्चर लागत के ऐप बना सकेंगे।
 
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Zoho Cloud: भारतीय टेक कंपनी Zoho ने अपना Cloud Infrastructure तैयार किया है और अब इसे डेवलपर्स के लिए खोलने की दिशा में आगे बढ़ रही है। कंपनी के सह-संस्थापक Sridhar Vembu ने बताया कि Zoho ने अपने सॉफ्टवेयर और एप्लिकेशन चलाने के लिए शुरुआत से ही क्लाउड की कई जरूरी तकनीकों को खुद विकसित किया, बजाय इसके कि वह AWS या Google Cloud जैसी बड़ी कंपनियों की सेवाओं पर निर्भर रहे। अब कंपनी अपने Catalyst प्लेटफॉर्म के जरिए इस इंफ्रास्ट्रक्चर को डेवलपर्स तक पहुंचा रही है और छात्रों के लिए इसे मुफ्त करने की योजना है।

Zoho ने खुद क्यों बनाया Cloud Infrastructure?

Sridhar Vembu के मुताबिक Zoho ने कंपनी के शुरुआती दौर में ही अपने एप्लिकेशन चलाने के लिए खुद का Cloud Infrastructure तैयार करना शुरू कर दिया था। इसके पीछे उद्देश्य अपने सॉफ्टवेयर को चलाने के लिए जरूरी बुनियादी तकनीकी ढांचे पर कंपनी का खुद का नियंत्रण रखना था।

Zoho ने क्लाउड सिस्टम के कई जरूरी हिस्से खुद तैयार किए हैं। इनमें डेटाबेस, आइडेंटिटी, मैसेजिंग, सर्च, स्टोरेज और कंप्यूटिंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं। कंपनी का कहना है कि इसके लिए उसने AWS और Google Cloud जैसे बाहरी क्लाउड प्रोवाइडर्स पर पूरी तरह निर्भर रहने का रास्ता नहीं चुना।

अब डेवलपर्स के लिए खुल रहा Zoho का Cloud

Zoho ने अपने इस इंफ्रास्ट्रक्चर को अब केवल अपने प्रोडक्ट्स तक सीमित नहीं रखा है। कंपनी इसे Catalyst के जरिए डेवलपर्स के लिए उपलब्ध करा रही है।

Catalyst Zoho का सर्वरलेस डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म है। शुरुआत में इसे Zoho के एप्लिकेशन को एक्सटेंड करने के लिए तैयार किया गया था, लेकिन अब इसका इस्तेमाल Zoho के इकोसिस्टम से बाहर के डेवलपर्स भी कर रहे हैं।

इसका मतलब है कि डेवलपर्स को एप्लिकेशन तैयार करने और उसे चलाने के लिए जरूरी कई इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं एक ही प्लेटफॉर्म के जरिए मिल सकती हैं।

छात्रों को मुफ्त मिलेगा Catalyst

Zoho की इस पहल का सबसे अहम हिस्सा छात्रों के लिए फ्री एक्सेस है। Sridhar Vembu ने बताया कि कंपनी Catalyst को छात्रों के लिए मुफ्त उपलब्ध कराने की योजना बना रही है।

इसका मकसद छात्रों के लिए Cloud Infrastructure की लागत को कम करना है, ताकि वे सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर के खर्च की चिंता किए बिना अपने एप्लिकेशन बना और उन्हें डिप्लॉय कर सकें।

टेक्नोलॉजी सीखने वाले छात्रों के लिए इसका फायदा खास तौर पर प्रोजेक्ट और एप्लिकेशन डेवलपमेंट के दौरान हो सकता है, जहां क्लाउड कंप्यूटिंग और सर्वर की लागत शुरुआती स्तर पर बाधा बन सकती है।

Zoho के लिए क्यों खास है यह कदम?

Zoho लंबे समय से अपने सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट्स के लिए इन-हाउस टेक्नोलॉजी विकसित करने पर जोर देता रहा है। कंपनी का अपना Cloud Infrastructure तैयार करना इसी रणनीति का हिस्सा है।

कंपनी के मुताबिक उसके अपने इंफ्रास्ट्रक्चर में Cloud Software को चलाने के लिए जरूरी कई मूलभूत क्षमताएं पहले से मौजूद हैं। अब इन्हें धीरे-धीरे डेवलपर्स के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है।

इससे Zoho के लिए सिर्फ अपने बिजनेस को चलाने के बजाय एक व्यापक डेवलपर प्लेटफॉर्म तैयार करने की संभावना भी बनती है।

AWS और Google Cloud से अलग रास्ता

आज दुनिया की बड़ी संख्या में कंपनियां अपने एप्लिकेशन और सेवाओं के लिए AWS, Google Cloud और Microsoft Azure जैसे Cloud Providers का इस्तेमाल करती हैं। Zoho ने इसके बजाय लंबे समय में अपना इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने का रास्ता चुना।

Sridhar Vembu के मुताबिक कंपनी ने अपने एप्लिकेशन को चलाने के लिए जरूरी तकनीकी सिस्टम खुद तैयार किए। अब उसी इंफ्रास्ट्रक्चर को Catalyst के जरिए बाहरी डेवलपर्स तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

छात्रों और डेवलपर्स के लिए क्या बदलेगा?

Catalyst के जरिए छात्रों और डेवलपर्स को Cloud Infrastructure से जुड़ी सुविधाओं तक पहुंच मिल सकती है। खासतौर पर छात्रों के लिए मुफ्त उपलब्धता का मतलब है कि शुरुआती स्तर पर ऐप या सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट तैयार करने के लिए Cloud Infrastructure पर अलग से खर्च का बोझ कम हो सकता है।

Zoho का यह कदम कंपनी के उस मॉडल को भी दिखाता है जिसमें वह अपने बनाए हुए टेक्नोलॉजी स्टैक को धीरे-धीरे बाहरी डेवलपर समुदाय के लिए उपलब्ध करा रही है।