4 सितंबर को UPI पर लगेगा ब्रेक! जानिए कितने घंटे नहीं कर पाएंगे पेमेंट
नई दिल्ली। अगर आप रोजमर्रा के खर्चों के लिए UPI का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने ग्राहकों को UPI सर्विस में अस्थायी रुकावट को लेकर जानकारी दी है। बैंक के अनुसार, 4 सितंबर 2026 की रात 12:15 बजे से 1:00 बजे तक करीब 45 मिनट के लिए SBI की UPI सेवा उपलब्ध नहीं रहेगी।
इस दौरान SBI के जरिए UPI पेमेंट करने वाले ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, बैंक ने कहा है कि अगर मेंटेनेंस का काम निर्धारित समय से पहले पूरा हो जाता है, तो UPI सेवा को उससे पहले ही बहाल किया जा सकता है।
क्यों बंद रहेगी UPI सर्विस?
SBI की ओर से यह रुकावट मेंटेनेंस कार्य के कारण रहेगी। इस दौरान UPI से जुड़े कुछ सामान्य लेनदेन प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए अगर आपको रात में कोई जरूरी भुगतान करना है, तो बेहतर होगा कि पहले से वैकल्पिक भुगतान व्यवस्था तैयार रखें।
UPI Lite से कर सकेंगे छोटा पेमेंट
मेंटेनेंस अवधि के दौरान सामान्य UPI लेनदेन प्रभावित रहेगा, लेकिन UPI Lite का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके जरिए ग्राहक बिना UPI PIN डाले छोटे भुगतान कर सकते हैं।
जानकारी के मुताबिक, UPI Lite से ₹1,000 तक का भुगतान किया जा सकता है, जबकि इसमें अधिकतम ₹5,000 का बैलेंस रखा जा सकता है।
क्या UPI पेमेंट पर लगेगा अतिरिक्त चार्ज?
UPI ट्रांजैक्शन पर MDR (Merchant Discount Rate) लगाए जाने को लेकर हाल के दिनों में चर्चा चल रही है। हालांकि, आम ग्राहकों के लिए राहत की बात यह है कि UPI भुगतान पर अतिरिक्त चार्ज को लेकर सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि आम यूजर्स से किसी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
MDR का मुद्दा मुख्य रूप से व्यापारियों से जुड़े लेनदेन से संबंधित है।
SBI UPI से कितने रुपये तक कर सकते हैं भुगतान?
SBI UPI की सामान्य दैनिक लेनदेन सीमा आमतौर पर ₹1 लाख तक बताई जाती है। हालांकि, अलग-अलग श्रेणियों के लिए यह सीमा अधिक हो सकती है।
- कैपिटल मार्केट और इंश्योरेंस: ₹2 लाख तक
- IPO, टैक्स भुगतान और स्कूल-कॉलेज फीस: ₹5 लाख तक
इसलिए बड़े भुगतान करने वाले ग्राहकों को अपनी ट्रांजैक्शन लिमिट और भुगतान के समय का ध्यान रखना चाहिए।
ग्राहकों के लिए जरूरी सलाह
SBI की UPI सेवा 4 सितंबर की रात 12:15 बजे से 1:00 बजे तक प्रभावित रहने की जानकारी है। ऐसे में अगर इस अवधि में कोई जरूरी भुगतान करना है, तो कैश, कार्ड या अन्य उपलब्ध डिजिटल पेमेंट विकल्प पहले से तैयार रखना बेहतर होगा।
