Movie prime

अमेरिकी टैरिफ कटौती से निवेशकों का भरोसा बढ़ा, रुपया 90.40 के स्तर पर मजबूत

 
अमेरिकी टैरिफ कटौती से निवेशकों का भरोसा बढ़ा, रुपया 90.40 के स्तर पर मजबूत
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

New Delhi : अमेरिका की ओर से भारत पर लगाए गए हाई टैरिफ में बड़ी कटौती किए जाने से भारतीय अर्थव्यवस्था को अहम राहत मिली है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ऐलान के बाद भारतीय सामानों पर कुल टैरिफ दर 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दी गई है। इस फैसले का असर सीधे तौर पर बाजार पर दिखा है, जहां निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और रुपये में भी मजबूत तेजी देखने को मिली है।

डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत

हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार, 3 फरवरी 2026 को रुपया शुरुआती कारोबार में करीब 1.2 प्रतिशत की मजबूती के साथ डॉलर के मुकाबले 90.40 के स्तर पर खुला। यह मजबूती विदेशी निवेशकों के बढ़ते भरोसे और वैश्विक संकेतों के प्रति बाजार की सकारात्मक प्रतिक्रिया को दर्शाती है।

फॉरेक्स ट्रेडर्स का कहना है कि अमेरिकी टैरिफ में कटौती से भारत की वैश्विक स्थिति मजबूत हुई है। इससे भारतीय बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की वापसी की उम्मीदें भी बढ़ी हैं।

इंटरबैंक मार्केट में भी दिखी तेजी

इंटरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले 90.30 पर खुला, जो पिछले बंद स्तर 91.49 की तुलना में 119 पैसे की मजबूती को दिखाता है। इस दौरान छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति बताने वाला डॉलर इंडेक्स 0.20 प्रतिशत गिरकर 97.43 पर आ गया। वहीं, वैश्विक तेल बाजार में ब्रेंट क्रूड वायदा 0.41 प्रतिशत की गिरावट के साथ 66.03 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता नजर आया।

शेयर बाजार पर भी सकारात्मक असर

टैरिफ कटौती के फैसले का असर शेयर बाजार की धारणा पर भी पड़ा है। हालांकि, शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को 1,832.46 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की थी, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में एफआईआई फ्लो में सुधार देखने को मिल सकता है।

50% टैरिफ से मिली राहत

गौरतलब है कि अमेरिका ने पहले भारत पर 25 प्रतिशत का बेस टैरिफ लगाया था। इसके अलावा रूस से कच्चे तेल की खरीद को लेकर अतिरिक्त 25 प्रतिशत का शुल्क भी लागू किया गया था। इस तरह कुल मिलाकर भारतीय निर्यात पर 50 प्रतिशत तक का भारी टैरिफ बोझ पड़ रहा था।

इस मुद्दे को लेकर भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से बातचीत और ट्रेड डील पर चर्चा चल रही थी, लेकिन अब जाकर ठोस नतीजा सामने आया है। टैरिफ में कटौती से भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है और उनकी वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता भी मजबूत हो सकती है।