अमेरिकी टैरिफ में कटौती से भारत को निर्यात बढ़ाने का मौका, विशेषज्ञों ने बताया सुनहरा अवसर
नई दिल्ली। अमेरिका की व्यापार नीति में हालिया बदलाव को भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ा अवसर माना जा रहा है। बनारस इंडस्ट्रियल एंड ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार गुप्ता का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump को सुप्रीम कोर्ट से झटका मिलने के बाद जो नई टैरिफ व्यवस्था लागू की गई है, उससे भारतीय उत्पादों को राहत मिल सकती है।
दरअसल, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन द्वारा कार्यकारी आदेश के जरिए लगाए गए व्यापक टैरिफ को 6-3 के बहुमत से रद्द कर दिया। अदालत ने कहा कि यह कदम 1977 के उस कानून की भावना के विपरीत है, जो राष्ट्रपति को राष्ट्रीय आपातकाल की स्थिति में सीमित दायरे में व्यापार नियमन की अनुमति देता है।
फैसले के बाद ट्रंप ने एक नया घोषणापत्र जारी कर अधिकांश आयातित सामानों पर अस्थायी रूप से 10 प्रतिशत आयात शुल्क लागू कर दिया, जो 24 फरवरी से 150 दिनों के लिए प्रभावी बताया जा रहा है। पहले भारत से आने वाले कई उत्पादों पर 18 प्रतिशत तक शुल्क लगाया गया था, जो अब घटकर 10 प्रतिशत हो गया है।
भारतीय निर्यातकों के लिए अवसर
अशोक कुमार गुप्ता ने कहा कि शुल्क में कमी से भारतीय निर्यातकों को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिल सकती है। उनके अनुसार, जिन निर्यातकों के शिपमेंट लंबित हैं, वे 150 दिनों की इस अवधि का लाभ उठाकर अपने ऑर्डर पूरे कर सकते हैं। इससे वस्त्र, इंजीनियरिंग सामान, फार्मा और कृषि उत्पाद जैसे क्षेत्रों को विशेष फायदा मिल सकता है।
व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारतीय कंपनियां समयबद्ध तरीके से आपूर्ति सुनिश्चित करें और गुणवत्ता मानकों का पालन करें, तो अमेरिकी बाजार में उनकी हिस्सेदारी बढ़ सकती है। इससे विदेशी मुद्रा आय में वृद्धि और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावना है।
अमेरिकी नीति में बड़ा बदलाव
सुप्रीम कोर्ट के फैसले को अमेरिकी व्यापार नीति में एक अहम मोड़ माना जा रहा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि कार्यकारी आदेशों के जरिए व्यापक टैरिफ लगाना कांग्रेस द्वारा निर्धारित अधिकारों का अतिक्रमण है। इस घटनाक्रम से यह संकेत मिलता है कि भविष्य में व्यापार संबंधी फैसलों पर न्यायिक निगरानी और सख्त हो सकती है।
कुल मिलाकर, मौजूदा परिस्थितियों में भारतीय निर्यातकों के सामने एक महत्वपूर्ण अवसर है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि कारोबारी वर्ग रणनीतिक योजना बनाकर इस अस्थायी राहत का अधिकतम लाभ उठाए।
