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बजट 2025: किसी ने कहा दिशाहीन तो किसी किने बताया राहत भरा, जानें वाराणसी के नागरिकों और व्यापारियों की बजट पर प्रतिक्रिया

 
बजट 2025: किसी ने कहा दिशाहीन तो किसी किने बताया राहत भरा, जानें वाराणसी के नागरिकों और व्यापारियों की बजट पर प्रतिक्रिया
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वाराणसी। संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2025 को लेकर वाराणसी के व्यापारियों, आम नागरिकों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई है। इस बजट में महिलाओं, करदाताओं, व्यापारियों, मध्यम वर्ग, किसानों, शिक्षा, हेल्थ और एमएसएमई सेक्टर** के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। आइए जानते हैं, वाराणसी के प्रमुख लोगों ने इस बजट को लेकर क्या कहा।

कांग्रेस नेता ने बजट को बताया दिशाहीन

उ.प्र. कांग्रेस सेवा दल के पूर्व अध्यक्ष प्रजा नाथ शर्मा ने बजट को लेकर सरकार की आलोचना करते हुए कहा, यह बजट जनता को ठगने वाला है, जिसमें किसी वर्ग को कोई लाभ नहीं मिला। उन्होंने इसे अदूरदर्शी और निराशाजनक" बताते हुए कहा कि महंगाई पर कोई नियंत्रण नहीं किया गया, जिससे गरीब और गरीब होता जाएगा, जबकि अमीर और अमीर बनते जाएंगे।"

उन्होंने किसानों के मुद्दे को उठाते हुए कहा, देश के अन्नदाता लगातार धरने पर बैठे हैं, लेकिन इस बजट में एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर कोई बात तक नहीं की गई। इसके अलावा, उन्होंने इस बजट को देश को आर्थिक रूप से पीछे धकेलने वाला करार दिया।

मध्यम वर्ग के लिए राहत भरा बजट

पूर्व अध्यक्ष, वाराणसी आईसीएआई, सीए जय प्रद्धवानी ने इस बजट को ऐतिहासिक" बताते हुए इसे "मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत देने वाला"करार दिया। उन्होंने कहा, **"इस बजट में कर प्रावधानों को सरल बनाया गया है और किसी विवादित मुद्दे को उठाने से बचा गया है।"

  • 12 लाख तक की आय कर मुक्त होने से मध्यम वर्ग को फायदा होगा।
  • नौकरीपेशा कर्मचारियों को 75,000 रुपये की अतिरिक्त छूट दी गई है, जिससे 12.75 लाख तक की सालाना आय कर मुक्त हो जाएगी।
  • आयकर प्रणाली को सरल बनाने के लिए नया इनकम टैक्स बिल लाने की घोषणा की गई है, जो 1961 के पुराने कानून की जगह लेगा।

उन्होंने कहा, "अब करदाता बीते चार वर्षों के इनकम टैक्स रिटर्न को संशोधित कर सकते हैं या यदि रिटर्न दाखिल नहीं किया गया है तो उसे अब भरा जा सकता है। इसके अलावा,टीडीएस और टीसीएस के प्रावधानों को भी आसान किया गया है, जिससे आम आदमी को राहत मिलेगी।