8वां वेतन आयोग आया तो सैलरी में धमाका, सैलरी में बड़े बदलाव की उठी आवाज
New Delhi : देशभर में संभावित 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने केंद्र सरकार से वेतन, भत्तों और वेतन संरचना में बड़े बदलाव की मांग उठाई है। अगर इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है, तो यह सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में अब तक का बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।
न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग
केंद्र शासित प्रदेशों के सरकारी शिक्षकों के संगठन ‘प्रगतिशील शिक्षक न्याय मंच’ (PSNM) ने न्यूनतम मूल वेतन को 50,000 से 60,000 रुपये तक करने का प्रस्ताव रखा है। वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत लेवल-1 कर्मचारियों का बेसिक पे 18,000 रुपये है।
संगठनों ने फिटमेंट फैक्टर को मौजूदा 2.57 से बढ़ाकर 2.62 से 3.83 के बीच करने की मांग की है। इसके अलावा सालाना वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) को 3% से बढ़ाकर 6–7% करने का सुझाव दिया गया है। संगठनों का कहना है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए यह बदलाव जरूरी है।
4 गुना वेतन बढ़ाने की मांग
भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS) ने न्यूनतम बेसिक पे को बढ़ाकर करीब 72,000 रुपये करने की मांग की है, जो वर्तमान वेतन से लगभग चार गुना अधिक है। इसके साथ ही फिटमेंट फैक्टर को 4 तक बढ़ाने और शीर्ष स्तर के पदों के लिए अधिकतम वेतन 10 लाख रुपये तक करने का सुझाव भी दिया गया है।
सरकार के फैसले पर टिकी नजर
फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से 8वें वेतन आयोग को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि, लगातार बढ़ती मांगों के बीच माना जा रहा है कि सरकार इस पर विचार कर सकती है।
अगर ये प्रस्ताव लागू होते हैं, तो केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी और भत्तों में बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है, जिससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को सीधा लाभ होगा।
