पेट्रोल-डीजल होगा सस्ता? केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने ईंधन की कीमतों पर दिया ये बड़ा अपडेट, जानें क्या कहा
New Delhi : पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बीच केंद्र सरकार ने आम जनता को राहत की उम्मीद दी है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि यदि अगले 2 से 3 महीनों तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतें कम बनी रहती हैं, तो पेट्रोल और डीजल के दामों में कटौती पर विचार किया जा सकता है।
सरकारी तेल कंपनियों को 74,781 करोड़ रुपये का नुकसान
गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि 30 जून 2026 तक सरकारी तेल कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी लागत से कम कीमत पर बेचने के कारण 74,781 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि यह घाटा मुख्य रूप से मिडिल ईस्ट में तनाव के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी की वजह से हुआ।
अभी ग्राहकों को नहीं मिलेगा सस्ते तेल का लाभ
मंत्री ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में फिलहाल कच्चे तेल की कीमतें कम हुई हैं, लेकिन तेल कंपनियां अभी उसी क्रूड ऑयल को रिफाइन कर रही हैं, जिसे लगभग दो महीने पहले ऊंची कीमतों पर खरीदा गया था। ऐसे में इसका सीधा फायदा उपभोक्ताओं तक तुरंत नहीं पहुंच सकेगा।
कीमतों में कटौती पर अभी फैसला नहीं
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि यदि आने वाले 2-3 महीनों तक कच्चे तेल की कीमतें स्थिर और कम बनी रहती हैं, तभी पेट्रोल और डीजल के दाम घटाने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल इस संबंध में कोई फैसला लेना जल्दबाजी होगी।
भारत में सीमित रही कीमतों में बढ़ोतरी
मंत्री के अनुसार, मिडिल ईस्ट संकट के दौरान कई विकसित देशों में पेट्रोल की कीमतें करीब 20 प्रतिशत और भारत के पड़ोसी देशों में 35 प्रतिशत तक बढ़ीं। इसके मुकाबले भारत में पेट्रोल की कीमतों में केवल 5.58 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इस दौरान देश के 1.07 लाख से अधिक पेट्रोल पंपों पर ईंधन की आपूर्ति भी बिना किसी बाधा के जारी रही।
नायरा एनर्जी ने घटाए दाम
इस बीच 1 जुलाई को नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की है। इस पर मंत्री ने कहा कि संकट के दौरान कंपनी ने 5 रुपये प्रति लीटर तक कीमत बढ़ाई थी, इसलिए अब उसके द्वारा कीमतों में कमी करना स्वाभाविक है।
