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काशी विद्यापीठ में राष्ट्ररत्न बाबू शिव प्रसाद गुप्त की 143वीं जयंती, राष्ट्र निर्माण में योगदान को किया गया नमन

 
काशी विद्यापीठ में राष्ट्ररत्न बाबू शिव प्रसाद गुप्त की 143वीं जयंती, राष्ट्र निर्माण में योगदान को किया गया नमन
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Varanasi : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में रविवार को संस्थापक राष्ट्र रत्न बाबू शिव प्रसाद गुप्त की 143वीं जयंती श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार ने पंत प्रशासनिक भवन में उनके तैल चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। साथ ही राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और डॉ. भगवान दास के चित्रों पर भी माल्यार्पण किया गया। शिक्षा शास्त्र विभाग में भी उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।

इस मौके पर विश्वविद्यालय परिसर में विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी के प्रतिनिधि प्रो. सुधीर कुमार शुक्ल, कुलानुशासक प्रो. के.के. सिंह, शिक्षा शास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. रमाकांत सिंह सहित अनेक अधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।

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“सत्य और न्याय की यात्रा था राष्ट्ररत्न का जीवन” – संगोष्ठी में विचार

जयंती के अवसर पर डॉ. भगवान दास केंद्रीय पुस्तकालय में ‘मेधा-उद्यमिता अभिनंदन समारोह एवं संगोष्ठी’ का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम काशी विद्यापीठ एवं कर्मपथ फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में ‘राष्ट्ररत्न के दृष्टिकोण में विकसित भारत और युवा पीढ़ी’ विषय पर आधारित रहा।

मुख्य अतिथि प्रो. श्रद्धानंद ने कहा कि बाबू शिव प्रसाद गुप्त का जीवन सत्य और न्याय की प्रेरणादायक यात्रा था। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में तन-मन-धन से योगदान दिया और अपनी दानशीलता से राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि काशी विद्यापीठ उनकी ही राष्ट्रवादी सोच का जीवंत प्रतीक है।

सारस्वत अतिथि महामंडलेश्वर कृपानंद महाराज ने कहा कि बाबू शिव प्रसाद गुप्त ने काशी विद्यापीठ, भारत माता मंदिर और मंडलीय अस्पताल जैसी संस्थाओं के माध्यम से राष्ट्रवादी विचारधारा को धरातल पर उतारा।

विशिष्ट अतिथि डॉ. अत्रि भारद्वाज ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में उन्होंने मातृभाषा और पत्रकारिता को सशक्त माध्यम बनाया।

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सम्मान समारोह और कार्यक्रमों का आयोजन

कार्यक्रम का संचालन पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष शिवजनक गुप्ता ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन अंकित कुमार द्वारा किया गया। इस अवसर पर ‘संकल्प दर्पण’ का विमोचन किया गया तथा मेधावियों और उद्यमियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी के प्रतिनिधि प्रो. सुधीर कुमार शुक्ल, कुलानुशासक प्रो. के.के. सिंह, शिक्षा शास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. रमाकांत सिंह, मुख्य गृहपति डॉ. नागेन्द्र कुमार सिंह एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।