Movie prime

वाराणसी के 1.80 लाख स्कूली बच्चों को मिड-डे मील के साथ मिलेगा हलवा और उपमा, रसोइयों को भी मिलेगा अतिरिक्त पारिश्रमिक
 

 
 वाराणसी के 1.80 लाख स्कूली बच्चों को मिड-डे मील के साथ मिलेगा हलवा और उपमा, रसोइयों को भी मिलेगा अतिरिक्त पारिश्रमिक
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

वाराणसी। जिले के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए अच्छी खबर है। अब प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) के अतिरिक्त पूरक पोषण के रूप में सूजी का मीठा हलवा और उपमा भी परोसा जाएगा। प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत शुरू की जा रही इस व्यवस्था से वाराणसी के लगभग 1.80 लाख विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।

बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने इस संबंध में वाराणसी समेत प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। इसके बाद मंडलीय सहायक निदेशक बेसिक शिक्षा ने वाराणसी, जौनपुर, चंदौली और गाजीपुर के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों से योजना के क्रियान्वयन के लिए विस्तृत कार्ययोजना मांगी है।

महीने के पहले और तीसरे सप्ताह में मिलेगा मीठा हलवा

नई व्यवस्था के तहत बच्चों को साप्ताहिक चक्र के अनुसार पूरक पोषण उपलब्ध कराया जाएगा। महीने के पहले और तीसरे सप्ताह में विद्यार्थियों को सूजी का मीठा हलवा दिया जाएगा, जबकि दूसरे, चौथे और पांचवें सप्ताह में उपमा परोसा जाएगा।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह के अनुसार, मध्यावकाश के दौरान प्रत्येक विद्यार्थी को कम से कम 30 ग्राम सूजी से तैयार पौष्टिक व्यंजन उपलब्ध कराया जाएगा।

मीठा हलवा तैयार करने के लिए प्रति छात्र 30 ग्राम सूजी, पांच ग्राम तेल, 22 ग्राम चीनी और पांच ग्राम कसा हुआ नारियल इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं, उपमा बनाने में 30 ग्राम सूजी, दो ग्राम तेल, 20 ग्राम मौसमी सब्जियां, छह ग्राम मूंगफली, नमक और मसालों का उपयोग होगा।

रसोइयों को मिलेगा दो रुपये प्रति छात्र अतिरिक्त पारिश्रमिक

पूरक पोषण तैयार करने और विद्यार्थियों में वितरित करने की जिम्मेदारी विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों को सौंपी जाएगी। इसके लिए उन्हें नियमित मानदेय के अतिरिक्त प्रति छात्र, प्रति विद्यालय दिवस दो रुपये की दर से पारिश्रमिक दिया जाएगा।

यह अतिरिक्त धनराशि सभी संबंधित रसोइयों में समान रूप से वितरित की जाएगी। शासन के निर्देशानुसार पारिश्रमिक का भुगतान 31 मार्च 2027 से पहले सीधे रसोइयों के बैंक खातों में किया जाएगा।

खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर रहेगी विशेष नजर

बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए खाद्य सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सूजी, तेल, चीनी, सब्जियां और अन्य सामग्री की खरीद स्थानीय स्तर पर पहले से निर्धारित व्यवस्था के अनुसार की जाएगी।

विद्यालयों में इस्तेमाल होने वाली पैक्ड खाद्य सामग्री भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। साथ ही खाद्य पदार्थों की एक्सपायरी डेट की जांच के बाद ही उनका उपयोग किया जाएगा।

वितरण का रिकॉर्ड और फोटोग्राफ रखना होगा सुरक्षित

योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी विद्यालयों को पूरक पोषण प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का तिथिवार विवरण, खाद्य सामग्री की स्टॉक पंजिका, खरीद के बिल और वितरण के फोटोग्राफ सुरक्षित रखने होंगे।

जिलाधिकारी, ब्लॉक स्तरीय टास्क फोर्स और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से खाद्य सामग्री की गुणवत्ता तथा वितरण व्यवस्था का नियमित निरीक्षण किया जाएगा।