वाराणसी समेत 50 शहरों की बदलेगी तस्वीर, बनेंगे ‘स्वच्छ आदर्श शहर’, हर 2 महीने में होगी समीक्षा
स्वच्छ भारत अभियान को नई दिशा देते हुए केंद्र सरकार ने देश के 50 शहरों को‘स्वच्छ आदर्श शहर’के रूप में विकसित करने का फैसला लिया है। इनमें उत्तर प्रदेश के वाराणसी, अयोध्या, लखनऊ, आगरा, मथुरा और प्रयागराज के साथ बिहार के पटना और गया जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को इस पहल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन शहरों में चल रहे स्वच्छता कार्यों की हर दो महीने में व्यक्तिगत रूप से समीक्षा की जाएगी।
यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश के बाद शुरू की गई है। 51वें प्रगति सम्मेलन के बाद मंत्रालय ने इसे ‘प्रगति-50’ नाम दिया है। इस योजना के तहत 24 राज्यों के 50 शहरों को केवल नियमित साफ-सफाई तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें ऐसे स्वच्छता मानकों और व्यवस्थाओं का उदाहरण बनाना होगा, जिन्हें देश के दूसरे शहर भी अपनाया जा सकें।
चयनित शहरों में बड़े महानगरों के अलावा सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व रखने वाले शहर, प्रमुख पर्यटन स्थल और आर्थिक गतिविधियों के केंद्र भी शामिल हैं। इसका उद्देश्य इन शहरों में स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत करने के साथ ऐसी व्यवस्थाएं विकसित करना है, जो लंबे समय तक प्रभावी रहें और दूसरे नगरीय निकायों के लिए मॉडल बन सकें।
इन शहरों को स्वच्छ आदर्श शहर बनाने की जिम्मेदारी संबंधित नगरीय निकायों को दी गई है। हालांकि, सरकार ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि सभी 50 शहरों को कब तक निर्धारित मानकों के अनुरूप ‘स्वच्छ आदर्श शहर’ बनाया जाएगा।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने इससे पहले शहरों के समग्र विकास और उन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए स्मार्ट सिटी मिशन शुरू किया था। अब ‘प्रगति-50’ के जरिए स्वच्छता के क्षेत्र में चुनिंदा शहरों को मॉडल के तौर पर विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
