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वाराणसी में 500 बेड के महिला छात्रावास का रास्ता साफ, 47.75 करोड़ की लागत से बनेगा 8 मंजिला भवन

 
Vns
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वाराणसी। शहर की कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और किफायती आवास उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद रामनगर के साहित्यनाका में प्रस्तावित 500 बेड वाले कामकाजी महिला छात्रावास की निर्माण प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। 21 जुलाई को परियोजना को हरी झंडी मिलने के बाद महज कुछ दिनों में जमीन हस्तांतरण से लेकर कार्यदायी संस्था के चयन और डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है।

मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना और त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत बनने वाला यह छात्रावास 47.75 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा। परियोजना के लिए कुल 334.25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें 170 करोड़ रुपये का बजट पहले ही आवंटित किया जा चुका है। व्यय वित्त समिति भी निर्माण को मंजूरी दे चुकी है।

रामनगर के साहित्यनाका स्थित 6,000 वर्गमीटर जमीन राजस्व विभाग से प्रोबेशन विभाग को हस्तांतरित की जा रही है। राजकीय निर्माण निगम को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है, जो विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर वित्त विभाग को भेजेगा। धनराशि स्वीकृत होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

पहले बनेगा 8 मंजिला भवन, आगे 13 मंजिल तक होगा विस्तार

करीब 2,000 वर्गमीटर क्षेत्रफल में पहले चरण में आठ मंजिला छात्रावास बनाया जाएगा। भविष्य में आवश्यकता के अनुसार इसे 13 मंजिल तक विस्तारित करने की योजना है। निर्माण कार्य 18 माह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

आधुनिक सुविधाओं से होगा लैस

प्रस्तावित छात्रावास में महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शिशु गृह, जिम, ऑडिटोरियम, कैंटीन, मिनी पार्क, मंदिर, मनोरंजन के साधन सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही शहर के विभिन्न हिस्सों तक आवागमन के लिए बस सेवा शुरू करने पर भी विचार किया जा रहा है।

निजी पीजी पर निर्भरता होगी कम

वर्तमान में वाराणसी में लगभग 300 निजी महिला पीजी और छात्रावास संचालित हैं, जहां कामकाजी महिलाओं को प्रतिमाह 8,000 से 12,000 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। सरकारी छात्रावास बनने से उन्हें कम खर्च में सुरक्षित आवास उपलब्ध होने की उम्मीद है।

जमीन की नापी पूरी

महिला छात्रावास निर्माण के लिए लेखपाल और महिला कल्याण विभाग की टीम ने साहित्यनाका स्थित डबल पानी टंकी के पास जमीन की पैमाइश पूरी कर ली है। अब परियोजना की आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।

लोगों ने बताया सराहनीय कदम

एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रेशमा मिर्जा ने कहा कि महिला छात्रावास बनने से सबसे बड़ा लाभ सुरक्षा के रूप में मिलेगा और एक ही परिसर में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

रामनगर निवासी अंजलि कुमारी ने कहा कि सरकार की यह दूरदर्शी पहल है, क्योंकि अब तक कामकाजी महिलाओं के लिए इस प्रकार की व्यापक योजना नहीं थी।

मनसा गुप्ता ने कहा कि कम वेतन पर नौकरी करने वाली महिलाओं के लिए निजी पीजी का खर्च उठाना कठिन होता है। सरकारी छात्रावास बनने से उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी।

सहायक अध्यापिका जया कुमारी ने कहा कि सुरक्षित वातावरण और सभी सुविधाओं के साथ यह छात्रावास नौकरीपेशा महिलाओं के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।

अधिकारी बोले

जिला प्रोबेशन अधिकारी पंकज कुमार मिश्र ने बताया कि साहित्यनाका में जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया चल रही है और डीपीआर तैयार की जा रही है। वित्तीय स्वीकृति मिलते ही राजकीय निर्माण निगम निर्माण कार्य शुरू करेगा। परियोजना की निगरानी विभागीय स्तर पर की जाएगी।