2 रुपये की वेरिफिकेशन में उड़ गए 54,900! गैस बुकिंग के नाम पर ठगों ने खाली कर दिया खाता
वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र में गैस बुकिंग के नाम पर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को गैस एजेंसी कर्मचारी बताकर ऐप डाउनलोड कराया और मोबाइल क्लोन कर 54,900 रुपये निकाल लिए। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वाराणसी: चौबेपुर थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां गैस बुकिंग के नाम पर एक व्यक्ति को निशाना बनाकर उसके बैंक खाते से हजारों रुपये निकाल लिए गए।
IVR कॉल के बाद ठगों ने बनाया शिकार
जाल्हूपुर गांव निवासी हरिश्चंद्र सिंह के अनुसार, उन्होंने 29 अप्रैल को गैस बुकिंग के लिए एक आईवीआर नंबर पर कॉल किया था। इसके अगले दिन उनके पास एक अज्ञात कॉल आया, जिसमें कॉलर ने खुद को भारत गैस एजेंसी का कर्मचारी बताया और कहा कि उनकी बुकिंग पूरी नहीं हुई है।
फर्जी ऐप डाउनलोड कराकर जाल में फंसाया
कॉलर ने भरोसा जीतने के बाद एक लिंक भेजा और ‘गैस डिलीवरी’ नाम का ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा। पीड़ित ने निर्देशों का पालन करते हुए ऐप इंस्टॉल कर लिया। इसके बाद तथाकथित वेरिफिकेशन के नाम पर मात्र 2 रुपये ट्रांसफर करने को कहा गया।
मोबाइल क्लोन कर खाते से निकाले 54,900 रुपये
जैसे ही पीड़ित ने बताए गए निर्देशों का पालन किया, साइबर अपराधियों ने उसका मोबाइल क्लोन कर लिया और बैंक खाते से कुल 54,900 रुपये निकाल लिए। घटना के बाद पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ।
पुलिस ने शुरू की जांच, लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मामले में चौबेपुर थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार सोनकर ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है और साइबर टीम की मदद से आरोपियों की तलाश की जा रही है।
ऐसे ठगी से बचने के लिए रहें सतर्क
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान लिंक या ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें। साथ ही, किसी भी वेरिफिकेशन या केवाईसी के नाम पर पैसे ट्रांसफर करने से बचें, क्योंकि साइबर अपराधी इसी तरह लोगों को निशाना बना रहे हैं।
