काशी में FHRAI के 56वें राष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य समापन, 1500 प्रतिनिधियों ने पर्यटन के भविष्य पर किया मंथन
Varanasi : होटल और रेस्तरां उद्योग के शीर्ष संगठन फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशंस ऑफ इंडिया (FHRAI) के 56वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन का रविवार को ताज होटल में भव्य समापन हुआ। तीन दिवसीय सम्मेलन का आयोजन ‘अनंत काशी: अध्यात्म, संस्कृति, व्यंजन और शिल्प से पर्यटन के भविष्य का नेतृत्व’ थीम पर किया गया।
समापन सत्र और FHRAI एक्सीलेंस अवॉर्ड फॉर हॉस्पिटैलिटी स्टूडेंट्स एंड हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री समारोह में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत मुख्य अतिथि रहे। इस दौरान FHRAI अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार जायसवाल, पर्यटन उद्यमी एवं उदयपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ सहित संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
1500 प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा
कन्वेंशन आयोजन समिति के अध्यक्ष गरिश ओबेराय ने बताया कि सम्मेलन में करीब 1500 प्रतिनिधियों का पंजीकरण हुआ। देशभर से आए प्रतिनिधियों के साथ थाईलैंड की राजदूत और श्रीलंका समेत कई देशों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। सम्मेलन के चलते वाराणसी के होटल भी पूरी तरह बुक रहे।
तीन दिनों तक पर्यटन को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने, निवेश, ऊर्जा, तकनीक, मार्केटिंग, उपभोक्ता मांग और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की भविष्य की चुनौतियों पर मंथन हुआ।
मेवाड़ और काशी के ऐतिहासिक संबंधों का जिक्र
लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने काशी और मेवाड़ के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 1912 में महाराणा फतेह सिंह ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना में डेढ़ लाख रुपये का योगदान दिया था। उन्होंने कहा कि शिक्षा और समाज में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल थी।
'हॉस्पिटैलिटी सिर्फ कारोबार नहीं, संस्कृति की अभिव्यक्ति'
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि भारत की ‘अतिथि देवो भव’ की परंपरा हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र की मूल भावना है। हॉस्पिटैलिटी केवल व्यवसाय या प्रोफेशन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और संस्कारों की अभिव्यक्ति है।
उन्होंने कहा कि हॉस्पिटैलिटी पर्यटन अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण ग्रोथ इंजन है। यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार भी पैदा करता है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग के दौर में भी हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में बड़ी संख्या में स्थानीय रोजगार के अवसर बने रहेंगे।
होटल उद्योग को इंडस्ट्री स्टेटस देने की पैरवी
केंद्रीय मंत्री ने होटल उद्योग की मांगों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि होटल उद्योग को पूर्ण इंडस्ट्री स्टेटस, कम लागत वाला दीर्घकालिक वित्त, सस्ती जमीन और बेहतर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि सरकार निवेश को सुरक्षित बनाने और पर्यटन क्षेत्र के लिए व्यावहारिक नीतियां तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। देश के 50 पर्यटन स्थलों पर होटलों को विशेष दर्जा और बेहतर वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी काम जारी है।
हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के उत्कृष्ट योगदानकर्ताओं को सम्मान
सम्मेलन के दौरान आध्यात्मिक एवं वेलनेस पर्यटन, MICE, वेडिंग टूरिज्म, सस्टेनेबल हॉस्पिटैलिटी, AI और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, ODOP तथा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
समापन समारोह में हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के मेधावी विद्यार्थियों और उद्योग में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों को FHRAI एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
आयोजकों के मुताबिक, तीन दिवसीय सम्मेलन में देशभर से 1400 से अधिक प्रतिनिधियों ने काशी की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का अनुभव किया। सम्मेलन ने काशी को पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के भविष्य पर चर्चा के एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में भी स्थापित किया।
