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BHU में विज्ञान भारती का 7वां राष्ट्रीय अधिवेशन: ‘विकसित भारत’ के रोडमैप पर होगा मंथन, 1200 से अधिक विदेशी प्रतिनिधि होंगे शामिल
 

 
 BHU में विज्ञान भारती का 7वां राष्ट्रीय अधिवेशन: ‘विकसित भारत’ के रोडमैप पर होगा मंथन, 1200 से अधिक विदेशी प्रतिनिधि होंगे शामिल
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वाराणसी। देश के प्रमुख विज्ञान संगठन विज्ञान भारती का सातवां राष्ट्रीय अधिवेशन 13 एवं 14 जून को काशी हिंदू विश्वविद्यालय के स्वतंत्रता भवन में आयोजित किया जाएगा। इस दो दिवसीय अधिवेशन में भारतीय ज्ञान परंपरा में निहित वैज्ञानिक प्रणालियों के आधार पर एक समग्र विज्ञान नीति के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जाएगा।

इस राष्ट्रीय अधिवेशन में विदेशों से आए लगभग 1200 प्रतिनिधि, जिनमें विज्ञान भारती के सदस्य, वैज्ञानिक शोधकर्ता और शिक्षाविद शामिल हैं, भाग लेंगे। कार्यक्रम में नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों तथा विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों की व्यापक सहभागिता रहेगी।

अधिवेशन का मुख्य उद्देश्य समसामयिक वैज्ञानिक एवं सामाजिक चुनौतियों पर विचार-विमर्श करते हुए वैज्ञानिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के लिए एक कार्ययोजना तैयार करना है। इस वर्ष अधिवेशन में ‘वन हेल्थ (One Health)’, ‘विकसित भारत हेतु नेट जीरो’ और ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं नैतिकता’ जैसे राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।

13 जून को प्रातः 10 बजे होने वाले उद्घाटन सत्र में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि होंगे। वहीं वैद्य राजेश कोटेचा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। उद्घाटन सत्र में इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी के अध्यक्ष एवं विज्ञान भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. शेखर सी. मांडे भी शामिल होंगे।

वन हेल्थ विषयक सत्र का नेतृत्व राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के अध्यक्ष डॉ. बी.एन. गंगाधर करेंगे। वहीं ‘विकसित भारत हेतु नेट ज़ीरो’ सत्र का नेतृत्व मध्य प्रदेश शासन के ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव मनु श्रीवास्तव करेंगे, जिसमें सतत विकास और ऊर्जा संक्रमण पर चर्चा होगी।

अधिवेशन के दूसरे दिन ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं नैतिकता’ विषय पर विशेष सत्र का नेतृत्व पूर्व सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग तथा पूर्व अध्यक्ष इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी के प्रो. आशुतोष शर्मा करेंगे। इस सत्र में एआई के उत्तरदायी और नैतिक उपयोग पर विशेषज्ञ विचार रखेंगे।

कार्यक्रम में नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष राजीव कुमार का सार्वजनिक व्याख्यान भी होगा। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल विशेष उद्बोधन देंगे, जबकि अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर विशेष व्याख्यान प्रस्तुत करेंगे।

यह अधिवेशन भारत में विज्ञान, नवाचार और नीति निर्माण के बीच समन्वय स्थापित करते हुए ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।