पेड़ कटाई के 2.65 करोड़ के जुर्माने से BHU में बवाल, छात्रों ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में अवैध पेड़ कटाई के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) द्वारा लगाए गए 2.65 करोड़ रुपये के जुर्माने और छात्र फंड की सुरक्षा को लेकर मंगलवार को छात्रों ने कुलपति कार्यालय का घेराव किया। कुलपति के आउट ऑफ स्टेशन होने की जानकारी मिलने के बाद छात्र कार्यालय परिसर में धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की होने का भी आरोप लगाया गया है।
छात्र प्रतिनिधिमंडल में सत्यम सिंह, अमन मौर्य, नितेश राय, विवर्त सिंह, निशांत अश्विनी समेत अन्य छात्र शामिल रहे। छात्रों के मुताबिक, करीब 12 दिन पहले कुलपति कार्यालय को ज्ञापन सौंपा गया था, जिसकी स्थिति जानने के लिए वे मंगलवार को कार्यालय पहुंचे थे। कर्मचारियों ने बताया कि ज्ञापन कुलपति तक पहुंच चुका है, लेकिन छात्रों का आरोप है कि उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
छात्रों ने दावा किया कि कुलपति के पीए ने बीएचयू डोमेन से भेजे गए ईमेल और स्क्रीनशॉट देखने के बावजूद छात्रों से मुलाकात करने से इनकार कर दिया। उन्हें बताया गया कि कुलपति आउट ऑफ स्टेशन हैं। इसके बाद छात्रों ने कुलपति कार्यालय में ही धरना शुरू कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के बीच कथित तौर पर धक्का-मुक्की हुई। मामला बढ़ने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की रजिस्ट्रार से बातचीत कराई। छात्रों के अनुसार, रजिस्ट्रार ने 5 सितंबर तक कार्रवाई का मौखिक आश्वासन दिया, हालांकि उन्होंने कैमरे पर बयान देने से इनकार कर दिया।
छात्रों का आरोप है कि इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें धक्का देकर कार्यालय से बाहर कर दिया। छात्रों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 5 सितंबर तक उनके ज्ञापन पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
छात्रों का कहना है कि उनका प्रदर्शन विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाबदेही सुनिश्चित करने और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों के समाधान की मांग को लेकर है। वहीं, घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में तनाव का माहौल देखने को मिला।
अब सभी की निगाहें 5 सितंबर पर टिकी हैं। यदि तय समय तक छात्रों की मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है, तो आंदोलन के आगे बढ़ने की संभावना है।
