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वाराणसी में साइबर ठगों का बड़ा नेटवर्क ध्वस्त, 5 गिरफ्तार, थार समेत करोड़ों का खेल उजागर

 
वाराणसी में साइबर ठगी का सबसे बड़ा खुलासा! करोड़ों के फ्रॉड से खरीदी Thar और i20, 5 शातिर गिरफ्तार
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वाराणसी। पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी की साइबर क्राइम टीम ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 5 शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह म्यूल बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने, ट्रांजेक्शन APK फाइल के जरिए खातों का रिमोट एक्सेस लेने और साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर ट्रांसफर करने का काम करता था।

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देशन में चलाए जा रहे साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान के तहत पुलिस उपायुक्त (अपराध) नीतू कादयान, अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) नृपेन्द्र और सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध) विनय द्विवेदी के पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने कार्रवाई की।

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कमजोर लोगों को लालच देकर खुलवाते थे बैंक खाते

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी आर्थिक रूप से कमजोर और भोले-भाले लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम से अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाते थे। इसके बाद उनसे ATM कार्ड, पासबुक, चेकबुक, सिम कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग आईडी और पासवर्ड लेकर खातों पर पूरा नियंत्रण कर लेते थे।

इन बैंक खातों को देश-विदेश में सक्रिय साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराया जाता था। विदेशी साइबर अपराधियों से मिली ट्रांजेक्शन APK फाइल को लिंक मोबाइल नंबर वाले डिवाइस में इंस्टॉल कराकर बैंक खातों तक रिमोट एक्सेस हासिल किया जाता था और ठगी की रकम को कई खातों में ट्रांसफर किया जाता था।

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8 से 15 प्रतिशत कमीशन पर करते थे काम

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि साइबर अपराध से प्राप्त रकम पर उन्हें करीब 8 से 15 प्रतिशत तक कमीशन मिलता था। इसी अवैध कमाई से उन्होंने महिंद्रा थार और हुंडई आई-20 कार खरीदी थी और उनकी EMI का भुगतान भी साइबर ठगी के पैसों से कर रहे थे।

पुलिस ने बरामद किए ये सामान

गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने बरामद किए—

15 एंड्रॉयड मोबाइल फोन
3 आईफोन
43 एटीएम कार्ड
12 पासबुक
10 चेकबुक
12 सिम कार्ड
11 क्यूआर कोड
1 लैपटॉप
1 डायरी
₹12,060 नकद
महिंद्रा थार (UP 65 FV 0326)
हुंडई आई-20 (UP 65 EA 2803)

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ये हैं गिरफ्तार आरोपी

आदर्श चौबे – निवासी रामगढ़, चुनार, मिर्जापुर (हाल पता वाराणसी कैंट)
आशीष यादव – निवासी आजमगढ़ (हाल पता वाराणसी कैंट)
सुजल सिंह – निवासी मुजफ्फरनगर (हाल पता सुंदरपुर, वाराणसी)
पियूष सिंह – निवासी मऊ (हाल पता भेलूपुर, वाराणसी)
युवराज वर्मा – निवासी नरिया, थाना लंका, वाराणसी

डिजिटल साक्ष्य मिले, जांच जारी

पुलिस ने बताया कि आरोपियों के मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों से बैंक खातों की जानकारी, साइबर लेन-देन, टेलीग्राम चैट और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। इनकी वैज्ञानिक जांच कराई जा रही है।

इस मामले में साइबर क्राइम थाना वाराणसी में मु0अ0सं0 35/2026, धारा 318(4), 61(2), 112 BNS और 66C, 66D IT Act के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

साइबर पुलिस की अपील

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि—

  • बैंक खाता, ATM कार्ड, पासबुक, चेकबुक या इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी किसी को न दें।
  • किसी भी APK फाइल या संदिग्ध एप्लीकेशन को मोबाइल में इंस्टॉल न करें।
  • बैंक खाता उपलब्ध कराने के बदले मिलने वाले कमीशन के लालच से बचें।
  • साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।