इमाम हुसैन की बच्ची सकीना की याद में उठा जुलूस, जाफरी स्ट्रीट दुल्हीपुर में हुआ आयोजन, अमारी की जियारत को उमड़े जायरीन
चंदौली के दुल्हीपुर स्थित जाफरी स्ट्रीट में अशर ए मश्को अलम की आखिरी मजलिस के बाद अलम, दुलदुल और अमारी का जुलूस उठाया गया। इस जुलूस में बनारस की कई अंजुमनों ने सीना जनी वा मातम किया । इमामबारगाह नवाब शहज़ादे हुसैन की बारगाह से निकले इस जुलूस को अंजुमन सज्जादिया असगरिया के जेरे इंतजाम उठाया गया।

जुलूस उठने से पहले नकी बनारसी ने इमाम हुसैन और उनके शुजा भाई हजरत अब्बास के मसायब पढ़े । इसके बाद उन्होंने इमाम हुसैन की चार बरस की बच्ची सकीना का मसायाब पढ़ा तो लोग जारों कतार रोने लगे। इसके बाद जुलूस उठाया गया। जिसमें अंजुमन सज्जादिया असगरिया ने सिनाजनी वा मातम कर जुलूस को आगे बढ़ाया।
इसके बाद जुलूस के सरपरस्त मौलाना सैयद कैसर हुसैन नजफी ने तकरीर की और इमाम हुसैन की चार साल की बच्ची के मसायब पढ़े जिसे सुनकर लोग जारों कतार रोने लगे। इसके बाद बनारस के नक्खीघाट से पहुंची अंजुमन सदा ए अब्बास ने नौहा ख्वानी वा मातम किया।
जुलूस में इसके अलावा अंजुमन हाशिमिया, अंजुमन गुलामने मुस्तफा अहलेसुन्नत शकूराबाद, अंजुमन यादगारे हुसैनी, अंजुमन सदा ए हक कटेसर, अंजुमन नसीरुल अजा, अंजुमन आबादिया बनारस ने देर रात तक नौहाख्वानी वा मातम किया। जुलूस दी रात इमामबारगाह आगा नजफ अली साहब में खत्म हुआ।
अंजुमन सज्जादिया असगरिया के सेक्रेटरी यासिर हैदर जाफरी ने बताया। यह जुलूस पिछले 28 सालों से बदस्तूर निकाला जा रहा है। जुलूस में सैकड़ों जाएं जियारत को उमड़ते है । वहीं जुलूस का संचालन कर रहे राहिब जाफरी ने जुलूस में आए हुए लोगों का धन्यवाद किया। जुलूस में हाजी समर हुसैनी, फैजी जाफरी, जाफर मेंहदी एडवोकेट, कासिम जाफरी, काशिफ जाफरी, फराज हुसैन, शेमू, आले अब्बास, शहंशाह हुसैन, विक्की, दबीर, उरूज, अरशद, फारीस, जैन, फहमी, नदीम, आसिम, सालिम, असद, गाजी, युशा, ताबिश, समद, ताज आदि लोग शामिल रहे। > Ankita: 🖼 Photo
