Movie prime

काशी में रूसी कपल ने हिंदू रीति-रिवाज से रचाई शादी, सात जन्मों तक साथ रहने की खाईं कसमें

 
..
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

वाराणसी। आध्यात्मिक नगरी काशी में बुधवार को एक अनोखा दृश्य देखने को मिला, जब रूस से आए एक कपल ने प्राचीन दशाश्वमेध घाट पर वैदिक हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह किया। सात फेरों के साथ सात जन्मों तक एक-दूसरे का साथ निभाने की कसम खाते हुए दोनों ने ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष लगाए।

रूसी नागरिक कोंस्टेंटिन मरिंग (40) और मरीना (36) भारतीय पारंपरिक परिधानों में नजर आए। घाट के किनारे स्थित एक मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विवाह संपन्न हुआ। विवाह के दौरान जब दूल्हे ने अपनी दुल्हन की मांग में सिंदूर भरा, तो वह क्षण दोनों के लिए बेहद भावुक रहा।

पांच साल पहले देखा था काशी में शादी का सपना

कपल ने बताया कि भगवान शिव और माता पार्वती से प्रेरित होकर उन्होंने करीब पांच साल पहले ही काशी में विवाह करने का सपना देखा था। उनका कहना है कि काशी की आध्यात्मिक ऊर्जा और सनातन संस्कृति ने उन्हें हिंदू रीति-रिवाजों से विवाह करने के लिए प्रेरित किया।

सात फेरे, सात जन्मों की प्रतिज्ञा

दशाश्वमेध घाट पर आयोजित इस विवाह समारोह में दंपती ने अग्नि के समक्ष सात फेरे लेकर सात जन्मों तक साथ निभाने की प्रतिज्ञा की। विवाह के दौरान घाट पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तालियों के साथ नवदंपती को आशीर्वाद दिया।

स्थानीय लोगों ने निभाई कन्यादान की रस्म

शादी में जयमाल, हवन, सिंदूरदान और कन्यादान सहित सभी प्रमुख वैदिक संस्कार पूरे विधि-विधान से संपन्न हुए। खास बात यह रही कि कन्यादान की रस्म स्थानीय लोगों ने निभाई, जिन्होंने बेटी की तरह मरीना को विदा करते हुए दंपती को आशीर्वाद दिया।

शास्त्रोक्त विधि से हुआ विवाह

विवाह संपन्न कराने वाले आचार्य शिवाकांत पांडे ने बताया कि शादी पूरी तरह शास्त्रोक्त विधि से कराई गई और किसी भी रस्म में कोई कमी नहीं छोड़ी गई। उन्होंने कहा कि काशी विश्वभर में आध्यात्मिक नगरी के रूप में प्रसिद्ध है और यहां विदेशी नागरिकों का सनातन धर्म के प्रति आकर्षित होना गर्व की बात है।

इस अनोखी शादी को देखने के लिए घाट और मंदिर परिसर में मौजूद लोग भी साक्षी बने। विदेशी नागरिकों द्वारा भारतीय संस्कृति और परंपराओं को अपनाकर विवाह करना स्थानीय लोगों के लिए उत्सुकता और गौरव का विषय बना रहा।