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काशी विद्यापीठ में हिन्दी पत्रकारिता के इतिहास पर विशेष व्याख्यान, छात्रों को बताए पत्रकारिता के मूल्य

 
काशी विद्यापीठ में हिन्दी पत्रकारिता के इतिहास पर विशेष व्याख्यान, छात्रों को बताए पत्रकारिता के मूल्य
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Varanasi : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में गुरुवार को ‘हिन्दी पत्रकारिता का इतिहास एवं वर्तमान चुनौतियां’ विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राजीव गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, अरुणाचल प्रदेश के डॉ. राजीव रंजन प्रसाद रहे।

डॉ. राजीव रंजन प्रसाद ने हिन्दी पत्रकारिता की करीब 200 वर्षों की यात्रा, उसके सामाजिक एवं राजनीतिक योगदान और मौजूदा दौर की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि पंडित जुगल किशोर शुक्ल द्वारा ‘उदंत मार्तण्ड’ के प्रकाशन के साथ हिन्दी पत्रकारिता की शुरुआत हुई।

उन्होंने भारतेंदु युग, द्विवेदी युग और गांधी युग की पत्रकारिता की प्रमुख विशेषताओं को रेखांकित करते हुए ‘उदंत मार्तण्ड’, ‘बनारस अखबार’, ‘बाला बोधिनी’, ‘प्रताप’ और ‘कर्मवीर’ जैसे प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं का उल्लेख किया।

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सामाजिक और राष्ट्रीय चेतना में पत्रकारिता की अहम भूमिका

डॉ. प्रसाद ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता ने साहित्यिक अभिव्यक्ति के साथ-साथ सामाजिक सुधार, राजनीतिक जागरूकता और राष्ट्रवादी चेतना के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ब्रिटिश शासन के खिलाफ जनमत तैयार करने में भी पत्रकारिता का योगदान उल्लेखनीय रहा।

उन्होंने कहा कि “पत्रकारिता जल्दी में लिखा गया साहित्य है”, जिसका प्रभाव व्यापक और दीर्घकालिक होता है। उन्होंने विद्यार्थियों से भारतेंदु हरिश्चंद्र, महात्मा गांधी, बाल गंगाधर तिलक, मदन मोहन मालवीय और पंडित जुगल किशोर शुक्ल के पत्रकारिता मूल्यों एवं नैतिक सिद्धांतों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

वर्तमान दौर की चुनौतियों पर भी हुई चर्चा

कार्यक्रम में डॉ. गिरीश दुबे ने भारतीय पत्रकारिता के प्रारंभिक दौर से लेकर वर्तमान समय तक की चुनौतियों पर अपने विचार रखे। उन्होंने पत्रकारिता के बदलते स्वरूप और उसके सामने मौजूद विभिन्न चुनौतियों पर विद्यार्थियों का ध्यान आकर्षित किया।

कार्यक्रम का स्वागत वक्तव्य डॉ. प्रभा शंकर मिश्र ने दिया। संचालन डॉ. मनोहर लाल ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अजय वर्मा ने किया।

इस अवसर पर डॉ. चन्द्रशील पाण्डेय, साजिया, कोमल, मुदित, पीयूष, कशिश, सानिया, समर, आशीष, अनमोल, राघव, दिलकशा, अमित सहित विभाग के शिक्षक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।