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पं दीनदयाल अस्पताल में ऑपरेशन के नाम पर 15 हजार वसूली का आरोप! हालत बिगड़ी तो कर दिया रेफर, महिला आयोग तक पहुंचा मामला

वाराणसी के पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में महिला ने सर्जन पर ऑपरेशन के नाम पर 15 हजार रुपये लेने और गलत सर्जरी करने का आरोप लगाया है। हालत बिगड़ने पर महिला को BHU रेफर किया गया, जहां 50 दिन इलाज चला। मामला अब महिला आयोग तक पहुंच गया है।

 
पं दीनदयाल अस्पताल
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वाराणसी: पं दीनदयाल अस्पताल में एक महिला ने सर्जन पर ऑपरेशन के नाम पर 15 हजार रुपये लेने और गलत सर्जरी करने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला का दावा है कि ऑपरेशन के बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई, जिसके बाद उसे BHU रेफर कर दिया गया।

महिला का आरोप है कि अगर समय पर BHU में इलाज नहीं मिलता तो उसकी जान जा सकती थी। अब पीड़िता अपने पति के साथ अधिकारियों के चक्कर काट रही है और डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है।

दूरबीन बाहर से मंगानी पड़ेगी’ कहकर लिए पैसे

सिंधोरा थाना क्षेत्र के जाठी विहारी का पूरा गांव निवासी सारथी वर्मा ने बताया कि पेट में पथरी की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

महिला के मुताबिक सर्जन डॉ प्रेम प्रकाश ने ऑपरेशन से पहले कहा कि यदि दूरबीन विधि से सर्जरी करानी है तो 15 हजार रुपये खर्च होंगे, क्योंकि अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है और मशीन बाहर से मंगानी पड़ेगी।

महिला ने आरोप लगाया कि डॉक्टर के कहने पर उन्होंने दीपक और प्रमिला नाम के लोगों को 15 हजार रुपये दिए। इसके अलावा करीब 6 हजार रुपये की दवाएं भी बाहर की मेडिकल दुकान से मंगाई गईं।

ऑपरेशन के बाद बिगड़ी हालत, BHU किया गया रेफर

पीड़िता के अनुसार ऑपरेशन के बाद उसकी तबीयत लगातार खराब होने लगी। स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टर ने उसे BHU ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। महिला ने बताया कि BHU पहुंचने पर डॉक्टरों ने कहा कि पहले किया गया ऑपरेशन सही तरीके से नहीं हुआ था। इसके बाद वहां उसका लंबा इलाज चला।

BHU में 50 दिन तक चला इलाज

महिला के मुताबिक वह करीब 50 दिनों तक BHU में भर्ती रही। लंबे इलाज के बाद उसकी जान बच सकी। उसने कहा कि आज भी उसकी दवाएं चल रही हैं और वह पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो पाई है। पीड़िता का आरोप है कि शिकायत के बावजूद अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

महिला आयोग ने लिया संज्ञान

इस मामले की शिकायत राज्य महिला आयोग की सदस्य गीता विश्वकर्मा से भी की गई। मामले को गंभीर मानते हुए उन्होंने अस्पताल के सीएमएस डॉ आरएस राम से फोन पर बात कर कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही CMO को भी जांच कर उचित कदम उठाने को कहा गया है।

अस्पताल प्रशासन ने क्या कहा?

इस पूरे मामले पर अस्पताल के सीएमएस डॉ आरएस राम ने कहा कि महिला की शिकायत पर दो बार जांच कराई जा चुकी है। उन्होंने बताया कि महिला ने रुपये किसे दिए थे, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ सकी है। हालांकि महिला आयोग की ओर से दोबारा जांच कराने के निर्देश मिले हैं, जिसके बाद मामले की फिर से जांच की जाएगी।