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वाराणसी में फर्जी लीज डीड से स्कूल लाइसेंस लेने का आरोप, कोर्ट ने 3 के खिलाफ FIR के दिए आदेश

 
वाराणसी में फर्जी लीज डीड से स्कूल लाइसेंस लेने का आरोप, कोर्ट ने 3 के खिलाफ FIR के दिए आदेश
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Varanasi : धोखाधड़ी और कूटरचना कर पिता की संपत्ति की कथित तौर पर फर्जी लीज डीड तैयार कराने और उसके आधार पर स्कूल का लाइसेंस प्राप्त करने के मामले में कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार की अदालत ने कैंट पुलिस को आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना करने का आदेश दिया है।

यह आदेश कश्मीरीगंज, भेलूपुर निवासी शैलेन्द्र कुमार वर्मा की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद दिया गया। वादी ने अपने अधिवक्ताओं अनुज यादव और नरेश यादव के माध्यम से बीएनएनएस की धारा 173(4) के तहत अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था।

बहन पर गलत तरीके से लीज डीड कराने का आरोप

वादी के अनुसार उनके स्वर्गीय पिता जित्तूराम वर्मा के स्वामित्व वाले दो भवन तथा स्वर्गीय माता राजमनी वर्मा के नाम दर्ज एक भवन के वे और उनकी बहन सुषमा रतन वारिस हैं। वादी का दावा है कि बहन की सहमति और अनापत्ति के आधार पर वर्ष 2023 में तीनों भवनों के राजस्व अभिलेखों में उनका नाम अकेले स्वामी के रूप में दर्ज हुआ।

आरोप है कि इससे पहले 3 दिसंबर 2022 को सुषमा रतन ने भवन संख्या बी-24/70ए के संबंध में खुद को उसकी स्वामिनी बताते हुए एक लीज डीड उपनिबंधक सदर तृतीय, वाराणसी के यहां पंजीकृत करा दी। इसमें उन्होंने खुद को बनारस पब्लिक स्कूल की प्रबंधक भी बताया।

लीज डीड की तारीख को लेकर भी सवाल

वादी ने अदालत में आरोप लगाया कि लीज डीड में 18 जून 2000 से 30 वर्ष की अवधि के लिए लीज का उल्लेख किया गया है, जबकि दस्तावेज 3 दिसंबर 2022 को तैयार और पंजीकृत हुआ था। वादी के मुताबिक वर्ष 2000 में संबंधित भवन उनके पिता जित्तूराम वर्मा के नाम दर्ज था और वर्ष 2023 तक उनके ही नाम रहा।

इसी आधार पर वादी ने लीज डीड में सुषमा रतन द्वारा खुद को भवन की स्वामिनी बताए जाने को गलत और असत्य बताया।

स्कूल लाइसेंस के लिए दस्तावेज इस्तेमाल करने का आरोप

प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया कि कथित रूप से तैयार की गई जाली और कूटरचित लीज डीड का इस्तेमाल स्कूल का लाइसेंस प्राप्त करने के लिए संबंधित विभाग में किया गया। वादी ने इसे संपत्ति हड़पने की नीयत से की गई धोखाधड़ी और कूटरचना बताया।

मामले में वादी के अधिवक्ताओं की दलील सुनने के बाद अदालत ने सुषमा रतन, नील रतन और नंदा रतन के खिलाफ कैंट पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है।