कोतवाली से फरार आफताब अंसारी फिर गिरफ्त में, बनारस लौटते ही पुलिस ने दबोचा
वाराणसी: कोतवाली थाना क्षेत्र से 24 अप्रैल को पुलिस को चकमा देकर फरार हुआ रसूलपुर-हरहुआ, बड़ागांव निवासी आफताब अंसारी आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। सोमवार देर रात पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। लगातार फरार चल रहे आरोपी की तलाश में पुलिस टीमें प्रयागराज, दिल्ली होते हुए मुंबई तक पहुंचीं, जहां से बचते-बचाते वह वापस बनारस आ गया, लेकिन इस बार पुलिस से बच नहीं सका।
एसीपी विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस की टीमें उसकी तलाश में लगातार लगी थीं और आखिरकार उसे पकड़ने में सफलता मिली। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है और मंगलवार को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
आफताब अंसारी शादी समारोहों में खाना बनाने का ठेका लेता था। इसी दौरान एक शादी में उसकी मुलाकात एक युवती से हुई। उसने युवती को अन्य शादियों में काम दिलाने का झांसा देकर उससे दोस्ती बढ़ाई और फिर अपनी पहचान छिपाकर ‘अमित’ नाम से उससे शादी कर ली।
शादी के बाद वह युवती को अपने घर न ले जाकर लहरतारा की नई बस्ती में किराए के कमरे में रखने लगा। कुछ समय बाद युवती को उसके मुस्लिम होने की जानकारी हुई, जिस पर विरोध करने पर आफताब ने उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया।
प्रताड़ना बढ़ने पर युवती किसी तरह वहां से भागकर अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी जानकारी दी। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने आफताब उर्फ अमित, उसके पिता नबी रसूल, गंगाजलि और मिट्ठू अंसारी के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था।
