विश्वनाथ धाम के बाद काशी में बनेगा भव्य जगन्नाथ धाम, 110 फीट ऊंचा होगा मंदिर का शिखर
वाराणसी में सैकड़ों वर्ष पुराने श्री जगन्नाथ मंदिर का भव्य धाम के रूप में पुनर्निर्माण होगा। 1 मई को शंकराचार्य स्वामी शंकरविजयेंद्र सरस्वती शिलान्यास करेंगे। मंदिर नागर शैली में बनेगा, जिसमें 110 फीट ऊंचा शिखर, पार्किंग और श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
वाराणसी: काशी में धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नया आयाम देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। जहां एक ओर काशी विश्वनाथ धाम अपने भव्य स्वरूप में स्थापित हो चुका है, वहीं अब शहर के दक्षिणी छोर पर श्री जगन्नाथ मंदिर को भी विशाल धाम के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है।
1 मई से शुरू होगा पुनर्निर्माण कार्य
ट्रस्ट द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मंदिर के जीर्णोद्धार और विस्तार कार्य का शुभारंभ 1 मई को होगा। इस अवसर पर स्वामी शंकर विजेंद्र सरस्वती शिलान्यास करेंगे, जो इस परियोजना को आध्यात्मिक महत्व प्रदान करेगा।
कलश यात्रा से होगा कार्यक्रम का आगाज
पुनर्निर्माण कार्यक्रम की शुरुआत भव्य कलश यात्रा से की जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी होगी। इसके अलावा काशी के विद्वतजनों और धार्मिक संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी भी इस आयोजन में शामिल होंगे।
नागर शैली में बनेगा 110 फीट ऊंचा मंदिर
मंदिर को पारंपरिक नागर शैली में विकसित किया जाएगा, जो उत्तर भारतीय मंदिर वास्तुकला का प्रमुख स्वरूप है। प्रस्तावित मंदिर का शिखर लगभग 110 फीट ऊंचा होगा, जो इसे भव्य और आकर्षक बनाएगा। इसके साथ ही परिसर में पार्किंग, प्रसाद एवं फूल-माला की दुकानें और हरित क्षेत्र (पार्क) जैसी आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर जोर
ट्रस्ट के अनुसार, यह परियोजना केवल मंदिर निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य काशी की प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को और अधिक समृद्ध करना भी है। मंदिर परिसर के माध्यम से सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देने की योजना तैयार की जा रही है।
108 प्रतिभाओं का होगा सम्मान
कार्यक्रम के दौरान समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 108 प्रतिभाशाली लोगों को शंकराचार्य द्वारा सम्मानित किया जाएगा। यह पहल समाज में सकारात्मक कार्यों को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
