विज्ञान भारती मंच से बोले CM योगी- कृषि और MSME भारत की सबसे बड़ी ताकत, BHU में 150 करोड़ के नेशनल एजिंग सेंटर का किया निरीक्षण
वाराणसी दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विज्ञान भारती के 7वें राष्ट्रीय अधिवेशन का उद्घाटन किया। उन्होंने विज्ञान, कृषि, MSME और नवाचार को भारत की प्रगति का आधार बताया। इसके साथ ही BHU में 150 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 200 बेड के नेशनल सेंटर फॉर एजिंग का निरीक्षण किया।
वाराणसी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे के दौरान काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में आयोजित विज्ञान भारती के 7वें राष्ट्रीय अधिवेशन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने विज्ञान को मानव कल्याण का आधार बताते हुए कृषि, नवाचार, उद्यमिता और एमएसएमई क्षेत्र को भारत की आर्थिक मजबूती का प्रमुख स्तंभ बताया। कार्यक्रम में शामिल होने से पहले CM ने BHU में निर्माणाधीन अत्याधुनिक नेशनल सेंटर फॉर एजिंग का स्थलीय निरीक्षण भी किया।
विज्ञान का मूल उद्देश्य समाज का कल्याण : मुख्यमंत्री
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के स्वतंत्रता भवन में आयोजित विज्ञान भारती के दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विज्ञान का वास्तविक अर्थ लोककल्याण है। उन्होंने कहा कि जिन देशों ने विज्ञान को मानव हित और विकास से जोड़ा, उन्होंने विश्व स्तर पर उल्लेखनीय प्रगति हासिल की।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण ने कभी देश को वैश्विक अर्थव्यवस्था में अग्रणी स्थान दिलाया था। उन्होंने कहा कि इतिहास में भारत की वैश्विक अर्थव्यवस्था में बड़ी हिस्सेदारी रही है, लेकिन समय के साथ यह घटती गई। ऐसे में देश को पुनः अनुसंधान, नवाचार और ज्ञान आधारित विकास की दिशा में आगे बढ़ना होगा।
किसान और व्यापारी रहे भारत की आर्थिक शक्ति
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय किसान केवल खेती तक सीमित नहीं था, बल्कि वह नवाचार का भी केंद्र था। कृषि कभी घाटे का व्यवसाय नहीं मानी जाती थी क्योंकि किसान स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं प्रयोग और सुधार करता था।
उन्होंने कहा कि भारत का व्यापारी वर्ग केवल व्यापार नहीं करता था, बल्कि देश और दुनिया को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण आर्थिक कड़ी की भूमिका निभाता था। कृषि और कुटीर उद्योग आधारित अर्थव्यवस्था ही भारत की वास्तविक ताकत रही है।
कृषि और MSME को बताया विकास का इंजन
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति कृषि और एमएसएमई क्षेत्र है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा एमएसएमई सेक्टर को प्रोत्साहन देने के लिए अनेक कदम उठाए गए, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश में लगभग 96 लाख इकाइयों में तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 के बाद ‘एक जिला, एक उत्पाद’ (ODOP) जैसी योजनाओं के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों को बाजार, डिजाइन और पैकेजिंग की सुविधाओं से जोड़ा गया। इसका परिणाम है कि प्रदेश का निर्यात लगातार बढ़ा है और दो लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर चुका है।
जैविक और जीरो बजट खेती पर दिया जोर
सीएम योगी ने किसानों को जैविक खेती और जीरो बजट खेती की ओर बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को लेकर भी आगाह किया और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया।
अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने की जरूरत
मुख्यमंत्री ने भारतीय वैज्ञानिक परंपरा, आयुर्वेद और तक्षशिला जैसे प्राचीन ज्ञान केंद्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि अनुसंधान और नवाचार की संस्कृति को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना समय की मांग है। उन्होंने प्रसिद्ध वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बसु के योगदान का भी उल्लेख किया और विज्ञान को भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जोड़कर देखने की आवश्यकता बताई।
विज्ञान भारती अधिवेशन का हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस दौरान BHU के कुलपति प्रो. अजीत चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मंच से विज्ञान भारती की स्मारिका का भी विमोचन किया गया।
विज्ञान भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. शेखर पांडेय ने संगठन की गतिविधियों और उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष 1991 में विज्ञान को समाज से जोड़ने और वैज्ञानिक उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से इसकी स्थापना की गई थी।
BHU में 150 करोड़ के नेशनल सेंटर फॉर एजिंग का निरीक्षण
अधिवेशन में शामिल होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय के चिकित्सा विज्ञान संस्थान में निर्माणाधीन ‘नेशनल सेंटर फॉर एजिंग’ का स्थलीय निरीक्षण किया।
करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह सात मंजिला भवन 200 बिस्तरों की क्षमता वाला होगा। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने गुणवत्ता मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता न करने और निर्माण प्रक्रिया की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
बुजुर्गों के लिए उत्तर भारत का प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र बनेगा
निर्माणाधीन नेशनल सेंटर फॉर एजिंग बुजुर्गों के उपचार और देखभाल को समर्पित देश के चुनिंदा विशेष केंद्रों में शामिल होगा। यहां मल्टी-स्पेशियलिटी जेरिएट्रिक ओपीडी, मेमोरी क्लिनिक, गठिया क्लिनिक, पुनर्वास सेवाएं, डे-केयर सुविधा, आईसीयू, निजी वार्ड और आधुनिक रेडियोलॉजी सेवाएं उपलब्ध होंगी।
इसके साथ ही यह केंद्र जरा चिकित्सा (Geriatric Medicine) के क्षेत्र में विशेषज्ञ चिकित्सकों, नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण का भी प्रमुख केंद्र बनेगा। यहां अनुसंधान गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ बुजुर्गों के उपचार संबंधी विशेष दिशानिर्देश विकसित किए जाएंगे।
कार्यक्रम में रहे कई गणमान्य उपस्थित
इस मौके पर विज्ञान भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. शेखर पांडेय, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, विधायक डॉ. अवधेश सिंह, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, विधायक त्रिभुवन राम, विधायक सुशील सिंह, मुख्यमंत्री के शिक्षा सलाहकार प्रो. डी.पी. सिंह, पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार सहित अनेक जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
