स्वतंत्रता दिवस से पहले तिरंगे के रंग में रंगी काशी, लहुराबीर से निकली भव्य तिरंगा यात्रा
वाराणसी: स्वतंत्रता दिवस से पहले देशभर में तिरंगा यात्राओं का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में वाराणसी के लहुराबीर स्थित क्वीन्स इंटर कॉलेज से भी भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति का संदेश दिया।
प्रधानमंत्री के आह्वान पर आयोजित इस यात्रा का उद्देश्य तिरंगे को हर घर तक पहुंचाने के साथ लोगों में राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना रहा। यात्रा के दौरान पूरा माहौल देशभक्ति के नारों और तिरंगे की शान से सराबोर नजर आया।

स्वतंत्रता सेनानियों के रूप में नजर आए बच्चे
तिरंगा यात्रा में स्कूली बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बच्चों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस, महात्मा गांधी, भगत सिंह और रानी लक्ष्मीबाई जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों का रूप धारण किया। इनकी वेशभूषा ने लोगों का ध्यान खींचा और आजादी के संघर्ष की यादें ताजा कर दीं।
बच्चों के जरिए नई पीढ़ी को यह संदेश देने की कोशिश की गई कि देश की आजादी आसानी से नहीं मिली, बल्कि इसके पीछे असंख्य वीरों का संघर्ष और बलिदान छिपा है।

तिरंगा बना एकता का प्रतीक
यात्रा की खास बात यह रही कि इसमें हिंदू, मुस्लिम समेत विभिन्न धर्मों और वर्गों के लोग एक साथ शामिल हुए। सभी ने हाथों में तिरंगा लेकर देश की एकता और अखंडता का संदेश दिया। यात्रा में शामिल लोगों ने कहा कि तिरंगा महज एक झंडा नहीं है, बल्कि यह उन लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान का प्रतीक है, जिन्होंने देश को आजाद कराने के लिए यातनाएं सहीं और अपने प्राण तक न्योछावर कर दिए।
नई पीढ़ी को आजादी का महत्व बताने की कोशिश
तिरंगा यात्रा के जरिए युवाओं और बच्चों को स्वतंत्रता के महत्व से परिचित कराने का भी प्रयास किया गया। आयोजकों और लोगों का कहना था कि आज की पीढ़ी को यह जानना जरूरी है कि देश को आजादी कितनी बड़ी कुर्बानियों के बाद मिली।
लहुराबीर से निकली इस तिरंगा यात्रा ने देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और आपसी भाईचारे का संदेश देते हुए स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को और खास बना दिया।
