अजय राय ने पिंडरा से शुरू किया चुनावी अभियान, भाजपा पर साधा निशाना, बोले- मैं कांग्रेस का सिपाही, मुझे...
वाराणसी। कांग्रेस नेता अजय राय ने शनिवार को पिंडरा विधानसभा क्षेत्र में जनसंपर्क कर अपने चुनावी अभियान की शुरुआत की। इससे पहले उन्होंने नकटी स्थित प्रसिद्ध मां नकटेश्वरी धाम पहुंचकर विधिवत दर्शन-पूजन किया और माता का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने भाजपा और प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। अजय राय ने कहा कि वह कांग्रेस के सिपाही हैं और किसी पद या सत्ता के लालच में अपनी विचारधारा से समझौता नहीं करेंगे।
अजय राय ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा, "भाजपा पूरे देश में मछली फंसाने की तरह कांटा लगाकर बैठी है, लेकिन उसकी हिम्मत नहीं है कि मुझे सीधे फोन कर सके। वे जानते हैं कि अजय राय न डिगने वाले हैं और न ही पीछे हटने वाले।"
मां नकटेश्वरी के दरबार में टेका मत्था, 11 बार बजाया घंटा
शनिवार दोपहर अजय राय बाबतपुर पहुंचे, जहां से समर्थकों के साथ ट्रैक्टर और फिर मोटरसाइकिल से जनसंपर्क करते हुए नकटेश्वरी भवानी मंदिर पहुंचे। मंदिर में उन्होंने 11 बार घंटा बजाया और मां के दरबार में मत्था टेककर आशीर्वाद लिया।
उन्होंने बताया कि हर नवरात्र में वह अपने परिवार के साथ मां नकटेश्वरी के दर्शन करने आते हैं। यह मंदिर उनकी आस्था का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक मंदिर का जीर्णोद्धार पूरे पिंडरा परिवार के सहयोग से कराया गया था।
दर्शन-पूजन के बाद अजय राय पिंडरा बाजार के लिए रवाना हुए। इस दौरान विधानसभा क्षेत्र के करीब 12 गांवों में स्थानीय लोगों और समर्थकों ने उनका स्वागत किया।
'यह सरकार चंदा चोर ही नहीं, चढ़ावा चोर भी है'
जनसंपर्क के दौरान अजय राय ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार केवल चंदा चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि चढ़ावे में भी चोरी के आरोप सामने आए हैं। उन्होंने धार्मिक आस्था से जुड़े धन के इस्तेमाल को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
अजय राय ने कहा कि उनका उद्देश्य सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि युवाओं, किसानों और महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष करना है।
'पांच बार विधायक रहा, सत्ता का लालच होता तो मंत्री बन जाता'
कांग्रेस छोड़ने या भाजपा में शामिल होने की अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए अजय राय ने कहा कि वह जहां पहले थे, आज भी वहीं हैं। उन्होंने कहा, "मैं कांग्रेस का सिपाही हूं। पद आता-जाता रहता है, लेकिन विचारधारा और संघर्ष का रास्ता नहीं बदलता।"
अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वह पांच बार विधायक रह चुके हैं और मंत्री पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। वर्ष 1996 में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड एक राज्य थे, तब वह सबसे कम उम्र के विधायकों में शामिल थे।
अजय राय ने दावा किया कि निर्दलीय चुनाव जीतने के बाद जब वह कांग्रेस में आए थे, तब तत्कालीन बसपा सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाने का प्रस्ताव मिला था। उन्होंने कहा कि मायावती सरकार के दौरान नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कई बार उनसे संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने सत्ता के बजाय संघर्ष का रास्ता चुना।
'2014 से प्रयास कर रही भाजपा, लेकिन मैं झुकने वाला नहीं'
भाजपा की ओर से संपर्क किए जाने के सवाल पर अजय राय ने दावा किया कि वर्ष 2014 से उन्हें अपने पक्ष में करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपनी राजनीतिक विचारधारा और कांग्रेस के प्रति प्रतिबद्धता से पीछे नहीं हटेंगे।
उन्होंने भाजपा पर नेताओं और जनता को प्रलोभन देने का आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीति उनके लिए केवल पद हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं को उठाने और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करने का रास्ता है।
आराधना मिश्रा को दी शुभकामनाएं
कांग्रेस में आराधना मिश्रा को नई जिम्मेदारी दिए जाने के सवाल पर अजय राय ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पार्टी में जिम्मेदारी मिलने के बाद नेताओं को कार्यकर्ताओं के बीच रहकर काम करना चाहिए।
उन्होंने आराधना मिश्रा से मेहनत और परिश्रम के साथ संगठन को मजबूत करने तथा कार्यकर्ताओं का सम्मान करने की अपेक्षा जताई।
पिंडरा विधानसभा क्षेत्र में अजय राय की सक्रियता को आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। वह पहले ही पिंडरा सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हैं।
