53वें जन्मदिन पर 'श्रीकृष्ण' बने अखिलेश यादव! हाथ में संविधान वाला पोस्टर, जीत के लिए वाराणसी में हुआ हवन-पूजन
53वें जन्मदिन पर श्रीकृष्ण के स्वरूप में नजर आए अखिलेश यादव, वाराणसी में सपा कार्यकर्ताओं ने किया हवन-पूजन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav का बुधवार को 53वां जन्मदिन पूरे प्रदेश में उत्साह के साथ मनाया गया। प्रयागराज में सपा कार्यकर्ताओं ने इस अवसर को खास अंदाज में मनाते हुए अखिलेश यादव को भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में प्रस्तुत किया और उनकी दीर्घायु व 2027 के विधानसभा चुनाव में सफलता की कामना के लिए वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन-पूजन किया।
कार्यक्रम में जारी पोस्टर में अखिलेश यादव को चार भुजाओं वाले श्रीकृष्ण के रूप में दर्शाया गया। खास बात यह रही कि उनके हाथ में सुदर्शन चक्र की जगह भारतीय संविधान दिखाया गया, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
समाजवादी पार्टी युवजन सभा के प्रदेश महासचिव अजय फौजी ने कहा कि अखिलेश यादव हमेशा न्याय के पक्ष में और अन्याय के खिलाफ खड़े रहे हैं। इसी सोच को प्रतीकात्मक रूप देने के लिए उन्हें भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में दिखाया गया और हाथ में संविधान दिया गया।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव प्रदेश के विभिन्न मुद्दों, जैसे राम मंदिर, पेपर लीक, महिलाओं की सुरक्षा और जनहित से जुड़े मामलों पर लगातार मुखर रहते हैं। उनके अनुसार, "हमारे लिए अखिलेश यादव ही श्रीकृष्ण हैं, जो अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हैं और न्याय का साथ देते हैं।"
2027 की जीत के लिए की प्रार्थना
हवन-पूजन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। अजय फौजी ने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी और पार्टी अभी से चुनावी तैयारियों में जुट गई है।
नेताओं ने दी जन्मदिन की शुभकामनाएं
अखिलेश यादव के जन्मदिन पर कई राजनीतिक नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
Mayawati ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उन्हें जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की।
वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने भी सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्रीराम से उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु की प्रार्थना की।
इंजीनियरिंग से राजनीति तक का सफर
अखिलेश यादव का जन्म 1 जुलाई 1973 को इटावा जिले के सैफई में हुआ था। शुरुआती शिक्षा के बाद उन्होंने राजस्थान के धौलपुर मिलिट्री स्कूल में पढ़ाई की। इसके बाद कर्नाटक के मैसूर से पर्यावरण इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की और फिर ऑस्ट्रेलिया की सिडनी यूनिवर्सिटी से मास्टर्स किया।
साल 2000 में 27 वर्ष की उम्र में कन्नौज से सांसद चुने जाने के साथ उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। इसके बाद 2004 और 2009 में भी सांसद बने। वर्ष 2012 में समाजवादी पार्टी को पूर्ण बहुमत मिलने के बाद 38 वर्ष की उम्र में वह उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने।
53वें जन्मदिन पर श्रीकृष्ण के स्वरूप में नजर आए अखिलेश यादव, वाराणसी में सपा कार्यकर्ताओं ने किया हवन-पूजन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav का बुधवार को 53वां जन्मदिन पूरे प्रदेश में उत्साह के साथ मनाया गया। प्रयागराज में सपा कार्यकर्ताओं ने इस अवसर को खास अंदाज में मनाते हुए अखिलेश यादव को भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में प्रस्तुत किया और उनकी दीर्घायु व 2027 के विधानसभा चुनाव में सफलता की कामना के लिए वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन-पूजन किया।
कार्यक्रम में जारी पोस्टर में अखिलेश यादव को चार भुजाओं वाले श्रीकृष्ण के रूप में दर्शाया गया। खास बात यह रही कि उनके हाथ में सुदर्शन चक्र की जगह भारतीय संविधान दिखाया गया, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
समाजवादी पार्टी युवजन सभा के प्रदेश महासचिव अजय फौजी ने कहा कि अखिलेश यादव हमेशा न्याय के पक्ष में और अन्याय के खिलाफ खड़े रहे हैं। इसी सोच को प्रतीकात्मक रूप देने के लिए उन्हें भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में दिखाया गया और हाथ में संविधान दिया गया।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव प्रदेश के विभिन्न मुद्दों, जैसे राम मंदिर, पेपर लीक, महिलाओं की सुरक्षा और जनहित से जुड़े मामलों पर लगातार मुखर रहते हैं। उनके अनुसार, "हमारे लिए अखिलेश यादव ही श्रीकृष्ण हैं, जो अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हैं और न्याय का साथ देते हैं।"
2027 की जीत के लिए की प्रार्थना
हवन-पूजन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। अजय फौजी ने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी और पार्टी अभी से चुनावी तैयारियों में जुट गई है।
नेताओं ने दी जन्मदिन की शुभकामनाएं
अखिलेश यादव के जन्मदिन पर कई राजनीतिक नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
Mayawati ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उन्हें जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की।
वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने भी सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्रीराम से उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु की प्रार्थना की।
इंजीनियरिंग से राजनीति तक का सफर
अखिलेश यादव का जन्म 1 जुलाई 1973 को इटावा जिले के सैफई में हुआ था। शुरुआती शिक्षा के बाद उन्होंने राजस्थान के धौलपुर मिलिट्री स्कूल में पढ़ाई की। इसके बाद कर्नाटक के मैसूर से पर्यावरण इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की और फिर ऑस्ट्रेलिया की सिडनी यूनिवर्सिटी से मास्टर्स किया।
साल 2000 में 27 वर्ष की उम्र में कन्नौज से सांसद चुने जाने के साथ उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। इसके बाद 2004 और 2009 में भी सांसद बने। वर्ष 2012 में समाजवादी पार्टी को पूर्ण बहुमत मिलने के बाद 38 वर्ष की उम्र में वह उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने।
53वें जन्मदिन पर श्रीकृष्ण के स्वरूप में नजर आए अखिलेश यादव, वाराणसी में सपा कार्यकर्ताओं ने किया हवन-पूजन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav का बुधवार को 53वां जन्मदिन पूरे प्रदेश में उत्साह के साथ मनाया गया। प्रयागराज में सपा कार्यकर्ताओं ने इस अवसर को खास अंदाज में मनाते हुए अखिलेश यादव को भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में प्रस्तुत किया और उनकी दीर्घायु व 2027 के विधानसभा चुनाव में सफलता की कामना के लिए वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन-पूजन किया।
कार्यक्रम में जारी पोस्टर में अखिलेश यादव को चार भुजाओं वाले श्रीकृष्ण के रूप में दर्शाया गया। खास बात यह रही कि उनके हाथ में सुदर्शन चक्र की जगह भारतीय संविधान दिखाया गया, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
समाजवादी पार्टी युवजन सभा के प्रदेश महासचिव अजय फौजी ने कहा कि अखिलेश यादव हमेशा न्याय के पक्ष में और अन्याय के खिलाफ खड़े रहे हैं। इसी सोच को प्रतीकात्मक रूप देने के लिए उन्हें भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में दिखाया गया और हाथ में संविधान दिया गया।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव प्रदेश के विभिन्न मुद्दों, जैसे राम मंदिर, पेपर लीक, महिलाओं की सुरक्षा और जनहित से जुड़े मामलों पर लगातार मुखर रहते हैं। उनके अनुसार, "हमारे लिए अखिलेश यादव ही श्रीकृष्ण हैं, जो अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हैं और न्याय का साथ देते हैं।"
2027 की जीत के लिए की प्रार्थना
हवन-पूजन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। अजय फौजी ने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी और पार्टी अभी से चुनावी तैयारियों में जुट गई है।
नेताओं ने दी जन्मदिन की शुभकामनाएं
अखिलेश यादव के जन्मदिन पर कई राजनीतिक नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
Mayawati ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उन्हें जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की।
वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने भी सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्रीराम से उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु की प्रार्थना की।
इंजीनियरिंग से राजनीति तक का सफर
अखिलेश यादव का जन्म 1 जुलाई 1973 को इटावा जिले के सैफई में हुआ था। शुरुआती शिक्षा के बाद उन्होंने राजस्थान के धौलपुर मिलिट्री स्कूल में पढ़ाई की। इसके बाद कर्नाटक के मैसूर से पर्यावरण इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की और फिर ऑस्ट्रेलिया की सिडनी यूनिवर्सिटी से मास्टर्स किया।
साल 2000 में 27 वर्ष की उम्र में कन्नौज से सांसद चुने जाने के साथ उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। इसके बाद 2004 और 2009 में भी सांसद बने। वर्ष 2012 में समाजवादी पार्टी को पूर्ण बहुमत मिलने के बाद 38 वर्ष की उम्र में वह उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने।
53वें जन्मदिन पर श्रीकृष्ण के स्वरूप में नजर आए अखिलेश यादव, वाराणसी में सपा कार्यकर्ताओं ने किया हवन-पूजन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav का बुधवार को 53वां जन्मदिन पूरे प्रदेश में उत्साह के साथ मनाया गया। प्रयागराज में सपा कार्यकर्ताओं ने इस अवसर को खास अंदाज में मनाते हुए अखिलेश यादव को भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में प्रस्तुत किया और उनकी दीर्घायु व 2027 के विधानसभा चुनाव में सफलता की कामना के लिए वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन-पूजन किया।
कार्यक्रम में जारी पोस्टर में अखिलेश यादव को चार भुजाओं वाले श्रीकृष्ण के रूप में दर्शाया गया। खास बात यह रही कि उनके हाथ में सुदर्शन चक्र की जगह भारतीय संविधान दिखाया गया, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
समाजवादी पार्टी युवजन सभा के प्रदेश महासचिव अजय फौजी ने कहा कि अखिलेश यादव हमेशा न्याय के पक्ष में और अन्याय के खिलाफ खड़े रहे हैं। इसी सोच को प्रतीकात्मक रूप देने के लिए उन्हें भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में दिखाया गया और हाथ में संविधान दिया गया।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव प्रदेश के विभिन्न मुद्दों, जैसे राम मंदिर, पेपर लीक, महिलाओं की सुरक्षा और जनहित से जुड़े मामलों पर लगातार मुखर रहते हैं। उनके अनुसार, "हमारे लिए अखिलेश यादव ही श्रीकृष्ण हैं, जो अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हैं और न्याय का साथ देते हैं।"
2027 की जीत के लिए की प्रार्थना
हवन-पूजन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। अजय फौजी ने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी और पार्टी अभी से चुनावी तैयारियों में जुट गई है।
नेताओं ने दी जन्मदिन की शुभकामनाएं
अखिलेश यादव के जन्मदिन पर कई राजनीतिक नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
Mayawati ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उन्हें जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की।
वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने भी सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्रीराम से उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु की प्रार्थना की।
इंजीनियरिंग से राजनीति तक का सफर
अखिलेश यादव का जन्म 1 जुलाई 1973 को इटावा जिले के सैफई में हुआ था। शुरुआती शिक्षा के बाद उन्होंने राजस्थान के धौलपुर मिलिट्री स्कूल में पढ़ाई की। इसके बाद कर्नाटक के मैसूर से पर्यावरण इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की और फिर ऑस्ट्रेलिया की सिडनी यूनिवर्सिटी से मास्टर्स किया।
साल 2000 में 27 वर्ष की उम्र में कन्नौज से सांसद चुने जाने के साथ उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। इसके बाद 2004 और 2009 में भी सांसद बने। वर्ष 2012 में समाजवादी पार्टी को पूर्ण बहुमत मिलने के बाद 38 वर्ष की उम्र में वह उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने।
53वें जन्मदिन पर श्रीकृष्ण के स्वरूप में नजर आए अखिलेश यादव, वाराणसी में सपा कार्यकर्ताओं ने किया हवन-पूजन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav का बुधवार को 53वां जन्मदिन पूरे प्रदेश में उत्साह के साथ मनाया गया। प्रयागराज में सपा कार्यकर्ताओं ने इस अवसर को खास अंदाज में मनाते हुए अखिलेश यादव को भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में प्रस्तुत किया और उनकी दीर्घायु व 2027 के विधानसभा चुनाव में सफलता की कामना के लिए वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन-पूजन किया।
कार्यक्रम में जारी पोस्टर में अखिलेश यादव को चार भुजाओं वाले श्रीकृष्ण के रूप में दर्शाया गया। खास बात यह रही कि उनके हाथ में सुदर्शन चक्र की जगह भारतीय संविधान दिखाया गया, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
समाजवादी पार्टी युवजन सभा के प्रदेश महासचिव अजय फौजी ने कहा कि अखिलेश यादव हमेशा न्याय के पक्ष में और अन्याय के खिलाफ खड़े रहे हैं। इसी सोच को प्रतीकात्मक रूप देने के लिए उन्हें भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में दिखाया गया और हाथ में संविधान दिया गया।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव प्रदेश के विभिन्न मुद्दों, जैसे राम मंदिर, पेपर लीक, महिलाओं की सुरक्षा और जनहित से जुड़े मामलों पर लगातार मुखर रहते हैं। उनके अनुसार, "हमारे लिए अखिलेश यादव ही श्रीकृष्ण हैं, जो अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हैं और न्याय का साथ देते हैं।"
2027 की जीत के लिए की प्रार्थना
हवन-पूजन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। अजय फौजी ने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी और पार्टी अभी से चुनावी तैयारियों में जुट गई है।
नेताओं ने दी जन्मदिन की शुभकामनाएं
अखिलेश यादव के जन्मदिन पर कई राजनीतिक नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
Mayawati ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उन्हें जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की।
वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने भी सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्रीराम से उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु की प्रार्थना की।
इंजीनियरिंग से राजनीति तक का सफर
अखिलेश यादव का जन्म 1 जुलाई 1973 को इटावा जिले के सैफई में हुआ था। शुरुआती शिक्षा के बाद उन्होंने राजस्थान के धौलपुर मिलिट्री स्कूल में पढ़ाई की। इसके बाद कर्नाटक के मैसूर से पर्यावरण इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की और फिर ऑस्ट्रेलिया की सिडनी यूनिवर्सिटी से मास्टर्स किया।
साल 2000 में 27 वर्ष की उम्र में कन्नौज से सांसद चुने जाने के साथ उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। इसके बाद 2004 और 2009 में भी सांसद बने। वर्ष 2012 में समाजवादी पार्टी को पूर्ण बहुमत मिलने के बाद 38 वर्ष की उम्र में वह उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने।
53वें जन्मदिन पर श्रीकृष्ण के स्वरूप में नजर आए अखिलेश यादव, वाराणसी में सपा कार्यकर्ताओं ने किया हवन-पूजन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav का बुधवार को 53वां जन्मदिन पूरे प्रदेश में उत्साह के साथ मनाया गया। प्रयागराज में सपा कार्यकर्ताओं ने इस अवसर को खास अंदाज में मनाते हुए अखिलेश यादव को भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में प्रस्तुत किया और उनकी दीर्घायु व 2027 के विधानसभा चुनाव में सफलता की कामना के लिए वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन-पूजन किया।
कार्यक्रम में जारी पोस्टर में अखिलेश यादव को चार भुजाओं वाले श्रीकृष्ण के रूप में दर्शाया गया। खास बात यह रही कि उनके हाथ में सुदर्शन चक्र की जगह भारतीय संविधान दिखाया गया, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
समाजवादी पार्टी युवजन सभा के प्रदेश महासचिव अजय फौजी ने कहा कि अखिलेश यादव हमेशा न्याय के पक्ष में और अन्याय के खिलाफ खड़े रहे हैं। इसी सोच को प्रतीकात्मक रूप देने के लिए उन्हें भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में दिखाया गया और हाथ में संविधान दिया गया।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव प्रदेश के विभिन्न मुद्दों, जैसे राम मंदिर, पेपर लीक, महिलाओं की सुरक्षा और जनहित से जुड़े मामलों पर लगातार मुखर रहते हैं। उनके अनुसार, "हमारे लिए अखिलेश यादव ही श्रीकृष्ण हैं, जो अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हैं और न्याय का साथ देते हैं।"
2027 की जीत के लिए की प्रार्थना
हवन-पूजन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। अजय फौजी ने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी और पार्टी अभी से चुनावी तैयारियों में जुट गई है।
नेताओं ने दी जन्मदिन की शुभकामनाएं
अखिलेश यादव के जन्मदिन पर कई राजनीतिक नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
Mayawati ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उन्हें जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की।
वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने भी सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्रीराम से उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु की प्रार्थना की।
इंजीनियरिंग से राजनीति तक का सफर
अखिलेश यादव का जन्म 1 जुलाई 1973 को इटावा जिले के सैफई में हुआ था। शुरुआती शिक्षा के बाद उन्होंने राजस्थान के धौलपुर मिलिट्री स्कूल में पढ़ाई की। इसके बाद कर्नाटक के मैसूर से पर्यावरण इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की और फिर ऑस्ट्रेलिया की सिडनी यूनिवर्सिटी से मास्टर्स किया।
साल 2000 में 27 वर्ष की उम्र में कन्नौज से सांसद चुने जाने के साथ उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। इसके बाद 2004 और 2009 में भी सांसद बने। वर्ष 2012 में समाजवादी पार्टी को पूर्ण बहुमत मिलने के बाद 38 वर्ष की उम्र में वह उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने।
53वें जन्मदिन पर श्रीकृष्ण के स्वरूप में नजर आए अखिलेश यादव, वाराणसी में सपा कार्यकर्ताओं ने किया हवन-पूजन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav का बुधवार को 53वां जन्मदिन पूरे प्रदेश में उत्साह के साथ मनाया गया। प्रयागराज में सपा कार्यकर्ताओं ने इस अवसर को खास अंदाज में मनाते हुए अखिलेश यादव को भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में प्रस्तुत किया और उनकी दीर्घायु व 2027 के विधानसभा चुनाव में सफलता की कामना के लिए वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन-पूजन किया।
कार्यक्रम में जारी पोस्टर में अखिलेश यादव को चार भुजाओं वाले श्रीकृष्ण के रूप में दर्शाया गया। खास बात यह रही कि उनके हाथ में सुदर्शन चक्र की जगह भारतीय संविधान दिखाया गया, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
समाजवादी पार्टी युवजन सभा के प्रदेश महासचिव अजय फौजी ने कहा कि अखिलेश यादव हमेशा न्याय के पक्ष में और अन्याय के खिलाफ खड़े रहे हैं। इसी सोच को प्रतीकात्मक रूप देने के लिए उन्हें भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में दिखाया गया और हाथ में संविधान दिया गया।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव प्रदेश के विभिन्न मुद्दों, जैसे राम मंदिर, पेपर लीक, महिलाओं की सुरक्षा और जनहित से जुड़े मामलों पर लगातार मुखर रहते हैं। उनके अनुसार, "हमारे लिए अखिलेश यादव ही श्रीकृष्ण हैं, जो अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हैं और न्याय का साथ देते हैं।"
2027 की जीत के लिए की प्रार्थना
हवन-पूजन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। अजय फौजी ने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी और पार्टी अभी से चुनावी तैयारियों में जुट गई है।
नेताओं ने दी जन्मदिन की शुभकामनाएं
अखिलेश यादव के जन्मदिन पर कई राजनीतिक नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
Mayawati ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उन्हें जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की।
वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने भी सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्रीराम से उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु की प्रार्थना की।
इंजीनियरिंग से राजनीति तक का सफर
अखिलेश यादव का जन्म 1 जुलाई 1973 को इटावा जिले के सैफई में हुआ था। शुरुआती शिक्षा के बाद उन्होंने राजस्थान के धौलपुर मिलिट्री स्कूल में पढ़ाई की। इसके बाद कर्नाटक के मैसूर से पर्यावरण इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की और फिर ऑस्ट्रेलिया की सिडनी यूनिवर्सिटी से मास्टर्स किया।
साल 2000 में 27 वर्ष की उम्र में कन्नौज से सांसद चुने जाने के साथ उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। इसके बाद 2004 और 2009 में भी सांसद बने। वर्ष 2012 में समाजवादी पार्टी को पूर्ण बहुमत मिलने के बाद 38 वर्ष की उम्र में वह उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने।
53वें जन्मदिन पर श्रीकृष्ण के स्वरूप में नजर आए अखिलेश यादव, वाराणसी में सपा कार्यकर्ताओं ने किया हवन-पूजन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav का बुधवार को 53वां जन्मदिन पूरे प्रदेश में उत्साह के साथ मनाया गया। प्रयागराज में सपा कार्यकर्ताओं ने इस अवसर को खास अंदाज में मनाते हुए अखिलेश यादव को भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में प्रस्तुत किया और उनकी दीर्घायु व 2027 के विधानसभा चुनाव में सफलता की कामना के लिए वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन-पूजन किया।
कार्यक्रम में जारी पोस्टर में अखिलेश यादव को चार भुजाओं वाले श्रीकृष्ण के रूप में दर्शाया गया। खास बात यह रही कि उनके हाथ में सुदर्शन चक्र की जगह भारतीय संविधान दिखाया गया, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
समाजवादी पार्टी युवजन सभा के प्रदेश महासचिव अजय फौजी ने कहा कि अखिलेश यादव हमेशा न्याय के पक्ष में और अन्याय के खिलाफ खड़े रहे हैं। इसी सोच को प्रतीकात्मक रूप देने के लिए उन्हें भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में दिखाया गया और हाथ में संविधान दिया गया।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव प्रदेश के विभिन्न मुद्दों, जैसे राम मंदिर, पेपर लीक, महिलाओं की सुरक्षा और जनहित से जुड़े मामलों पर लगातार मुखर रहते हैं। उनके अनुसार, "हमारे लिए अखिलेश यादव ही श्रीकृष्ण हैं, जो अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हैं और न्याय का साथ देते हैं।"
2027 की जीत के लिए की प्रार्थना
हवन-पूजन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। अजय फौजी ने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी और पार्टी अभी से चुनावी तैयारियों में जुट गई है।
नेताओं ने दी जन्मदिन की शुभकामनाएं
अखिलेश यादव के जन्मदिन पर कई राजनीतिक नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
Mayawati ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उन्हें जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की।
वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने भी सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्रीराम से उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु की प्रार्थना की।
इंजीनियरिंग से राजनीति तक का सफर
अखिलेश यादव का जन्म 1 जुलाई 1973 को इटावा जिले के सैफई में हुआ था। शुरुआती शिक्षा के बाद उन्होंने राजस्थान के धौलपुर मिलिट्री स्कूल में पढ़ाई की। इसके बाद कर्नाटक के मैसूर से पर्यावरण इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की और फिर ऑस्ट्रेलिया की सिडनी यूनिवर्सिटी से मास्टर्स किया।
साल 2000 में 27 वर्ष की उम्र में कन्नौज से सांसद चुने जाने के साथ उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। इसके बाद 2004 और 2009 में भी सांसद बने। वर्ष 2012 में समाजवादी पार्टी को पूर्ण बहुमत मिलने के बाद 38 वर्ष की उम्र में वह उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने।
53वें जन्मदिन पर श्रीकृष्ण के स्वरूप में नजर आए अखिलेश यादव, वाराणसी में सपा कार्यकर्ताओं ने किया हवन-पूजन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav का बुधवार को 53वां जन्मदिन पूरे प्रदेश में उत्साह के साथ मनाया गया। प्रयागराज में सपा कार्यकर्ताओं ने इस अवसर को खास अंदाज में मनाते हुए अखिलेश यादव को भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में प्रस्तुत किया और उनकी दीर्घायु व 2027 के विधानसभा चुनाव में सफलता की कामना के लिए वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन-पूजन किया।
कार्यक्रम में जारी पोस्टर में अखिलेश यादव को चार भुजाओं वाले श्रीकृष्ण के रूप में दर्शाया गया। खास बात यह रही कि उनके हाथ में सुदर्शन चक्र की जगह भारतीय संविधान दिखाया गया, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
समाजवादी पार्टी युवजन सभा के प्रदेश महासचिव अजय फौजी ने कहा कि अखिलेश यादव हमेशा न्याय के पक्ष में और अन्याय के खिलाफ खड़े रहे हैं। इसी सोच को प्रतीकात्मक रूप देने के लिए उन्हें भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में दिखाया गया और हाथ में संविधान दिया गया।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव प्रदेश के विभिन्न मुद्दों, जैसे राम मंदिर, पेपर लीक, महिलाओं की सुरक्षा और जनहित से जुड़े मामलों पर लगातार मुखर रहते हैं। उनके अनुसार, "हमारे लिए अखिलेश यादव ही श्रीकृष्ण हैं, जो अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हैं और न्याय का साथ देते हैं।"
2027 की जीत के लिए की प्रार्थना
हवन-पूजन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। अजय फौजी ने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी और पार्टी अभी से चुनावी तैयारियों में जुट गई है।
नेताओं ने दी जन्मदिन की शुभकामनाएं
अखिलेश यादव के जन्मदिन पर कई राजनीतिक नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
Mayawati ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उन्हें जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की।
वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने भी सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्रीराम से उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु की प्रार्थना की।
इंजीनियरिंग से राजनीति तक का सफर
अखिलेश यादव का जन्म 1 जुलाई 1973 को इटावा जिले के सैफई में हुआ था। शुरुआती शिक्षा के बाद उन्होंने राजस्थान के धौलपुर मिलिट्री स्कूल में पढ़ाई की। इसके बाद कर्नाटक के मैसूर से पर्यावरण इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की और फिर ऑस्ट्रेलिया की सिडनी यूनिवर्सिटी से मास्टर्स किया।
साल 2000 में 27 वर्ष की उम्र में कन्नौज से सांसद चुने जाने के साथ उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। इसके बाद 2004 और 2009 में भी सांसद बने। वर्ष 2012 में समाजवादी पार्टी को पूर्ण बहुमत मिलने के बाद 38 वर्ष की उम्र में वह उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने।
53वें जन्मदिन पर श्रीकृष्ण के स्वरूप में नजर आए अखिलेश यादव, वाराणसी में सपा कार्यकर्ताओं ने किया हवन-पूजन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav का बुधवार को 53वां जन्मदिन पूरे प्रदेश में उत्साह के साथ मनाया गया। प्रयागराज में सपा कार्यकर्ताओं ने इस अवसर को खास अंदाज में मनाते हुए अखिलेश यादव को भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में प्रस्तुत किया और उनकी दीर्घायु व 2027 के विधानसभा चुनाव में सफलता की कामना के लिए वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन-पूजन किया।
कार्यक्रम में जारी पोस्टर में अखिलेश यादव को चार भुजाओं वाले श्रीकृष्ण के रूप में दर्शाया गया। खास बात यह रही कि उनके हाथ में सुदर्शन चक्र की जगह भारतीय संविधान दिखाया गया, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
समाजवादी पार्टी युवजन सभा के प्रदेश महासचिव अजय फौजी ने कहा कि अखिलेश यादव हमेशा न्याय के पक्ष में और अन्याय के खिलाफ खड़े रहे हैं। इसी सोच को प्रतीकात्मक रूप देने के लिए उन्हें भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में दिखाया गया और हाथ में संविधान दिया गया।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव प्रदेश के विभिन्न मुद्दों, जैसे राम मंदिर, पेपर लीक, महिलाओं की सुरक्षा और जनहित से जुड़े मामलों पर लगातार मुखर रहते हैं। उनके अनुसार, "हमारे लिए अखिलेश यादव ही श्रीकृष्ण हैं, जो अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हैं और न्याय का साथ देते हैं।"
2027 की जीत के लिए की प्रार्थना
हवन-पूजन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। अजय फौजी ने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी और पार्टी अभी से चुनावी तैयारियों में जुट गई है।
नेताओं ने दी जन्मदिन की शुभकामनाएं
अखिलेश यादव के जन्मदिन पर कई राजनीतिक नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
Mayawati ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उन्हें जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की।
वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने भी सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्रीराम से उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु की प्रार्थना की।
इंजीनियरिंग से राजनीति तक का सफर
अखिलेश यादव का जन्म 1 जुलाई 1973 को इटावा जिले के सैफई में हुआ था। शुरुआती शिक्षा के बाद उन्होंने राजस्थान के धौलपुर मिलिट्री स्कूल में पढ़ाई की। इसके बाद कर्नाटक के मैसूर से पर्यावरण इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की और फिर ऑस्ट्रेलिया की सिडनी यूनिवर्सिटी से मास्टर्स किया।
साल 2000 में 27 वर्ष की उम्र में कन्नौज से सांसद चुने जाने के साथ उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। इसके बाद 2004 और 2009 में भी सांसद बने। वर्ष 2012 में समाजवादी पार्टी को पूर्ण बहुमत मिलने के बाद 38 वर्ष की उम्र में वह उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने।
53वें जन्मदिन पर श्रीकृष्ण के स्वरूप में नजर आए अखिलेश यादव, वाराणसी में सपा कार्यकर्ताओं ने किया हवन-पूजन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav का बुधवार को 53वां जन्मदिन पूरे प्रदेश में उत्साह के साथ मनाया गया। प्रयागराज में सपा कार्यकर्ताओं ने इस अवसर को खास अंदाज में मनाते हुए अखिलेश यादव को भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में प्रस्तुत किया और उनकी दीर्घायु व 2027 के विधानसभा चुनाव में सफलता की कामना के लिए वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन-पूजन किया।
कार्यक्रम में जारी पोस्टर में अखिलेश यादव को चार भुजाओं वाले श्रीकृष्ण के रूप में दर्शाया गया। खास बात यह रही कि उनके हाथ में सुदर्शन चक्र की जगह भारतीय संविधान दिखाया गया, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
समाजवादी पार्टी युवजन सभा के प्रदेश महासचिव अजय फौजी ने कहा कि अखिलेश यादव हमेशा न्याय के पक्ष में और अन्याय के खिलाफ खड़े रहे हैं। इसी सोच को प्रतीकात्मक रूप देने के लिए उन्हें भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में दिखाया गया और हाथ में संविधान दिया गया।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव प्रदेश के विभिन्न मुद्दों, जैसे राम मंदिर, पेपर लीक, महिलाओं की सुरक्षा और जनहित से जुड़े मामलों पर लगातार मुखर रहते हैं। उनके अनुसार, "हमारे लिए अखिलेश यादव ही श्रीकृष्ण हैं, जो अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हैं और न्याय का साथ देते हैं।"
2027 की जीत के लिए की प्रार्थना
हवन-पूजन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। अजय फौजी ने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी और पार्टी अभी से चुनावी तैयारियों में जुट गई है।
नेताओं ने दी जन्मदिन की शुभकामनाएं
अखिलेश यादव के जन्मदिन पर कई राजनीतिक नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। Mayawati ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उन्हें जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की। वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने भी सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्रीराम से उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु की प्रार्थना की।
इंजीनियरिंग से राजनीति तक का सफर
अखिलेश यादव का जन्म 1 जुलाई 1973 को इटावा जिले के सैफई में हुआ था। शुरुआती शिक्षा के बाद उन्होंने राजस्थान के धौलपुर मिलिट्री स्कूल में पढ़ाई की। इसके बाद कर्नाटक के मैसूर से पर्यावरण इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की और फिर ऑस्ट्रेलिया की सिडनी यूनिवर्सिटी से मास्टर्स किया।
साल 2000 में 27 वर्ष की उम्र में कन्नौज से सांसद चुने जाने के साथ उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। इसके बाद 2004 और 2009 में भी सांसद बने। वर्ष 2012 में समाजवादी पार्टी को पूर्ण बहुमत मिलने के बाद 38 वर्ष की उम्र में वह उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने।
