मणिकर्णिका घाट पर सभी मंदिर पूरी तरह सुरक्षित, दुष्प्रचार बेबुनियाद: विधायक नीलकंठ तिवारी
Updated: Jan 17, 2026, 11:34 IST
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वाराणसी। मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास को लेकर विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम और अफवाहों के बीच शुक्रवार को दक्षिण विधानसभा के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने घाट का भौतिक सत्यापन किया। निरीक्षण के बाद अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि घाट पर किसी भी मंदिर या धार्मिक संरचना को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और सभी विग्रह पूरी तरह सुरक्षित हैं।
स्थलीय निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि मणिकर्णिका घाट पर चल रहा निर्माण कार्य योजनाबद्ध ढंग से और शास्त्रोक्त मर्यादाओं का पालन करते हुए किया जा रहा है। किसी भी प्राचीन मंदिर को क्षति नहीं पहुंची है।
स्थलीय निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि मणिकर्णिका घाट पर चल रहा निर्माण कार्य योजनाबद्ध ढंग से और शास्त्रोक्त मर्यादाओं का पालन करते हुए किया जा रहा है। किसी भी प्राचीन मंदिर को क्षति नहीं पहुंची है।
मीडिया से बातचीत में विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि विपक्ष आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से तैयार किए गए फर्जी वीडियो और तस्वीरों के जरिए सनातन धर्म की आस्था को ठेस पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि एक भी मंदिर या मूर्ति को नुकसान नहीं हुआ है। ड्रिलिंग के दौरान उत्पन्न वाइब्रेशन से जो प्राचीन कलाकृतियां संवेदनशील स्थिति में थीं, उन्हें संस्कृति विभाग ने पूरी सावधानी के साथ सुरक्षित कर लिया है। कार्य पूरा होने के बाद इन्हें पूरे सम्मान के साथ अपने स्थान पर पुनः स्थापित किया जाएगा।
महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी और अयोध्या में सनातन धर्म की गौरवशाली परंपराओं को नई पहचान मिली है। विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह झूठ और तकनीक के सहारे जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस कुम्भा महादेव मंदिर को लेकर दुष्प्रचार किया जा रहा है, वह अपने मूल स्थान पर ससम्मान विराजमान है। मंदिर में नंदी और गणेश जी की प्रतिमाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और वहां नियमित पूजा-अर्चना जारी है। इसी तरह पुण्यश्लोक रानी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा को भी सुरक्षित रूप से संरक्षित किया गया है, जिसे परियोजना पूरी होने के बाद पुनः स्थापित किया जाएगा।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने साफ किया कि मणिकर्णिका घाट का पुनर्विकास कार्य विरासत के साथ विकास की भावना के अनुरूप किया जा रहा है और धार्मिक आस्थाओं से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा रहा है।
स्थलीय निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि मणिकर्णिका घाट पर चल रहा निर्माण कार्य योजनाबद्ध ढंग से और शास्त्रोक्त मर्यादाओं का पालन करते हुए किया जा रहा है। किसी भी प्राचीन मंदिर को क्षति नहीं पहुंची है।
स्थलीय निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि मणिकर्णिका घाट पर चल रहा निर्माण कार्य योजनाबद्ध ढंग से और शास्त्रोक्त मर्यादाओं का पालन करते हुए किया जा रहा है। किसी भी प्राचीन मंदिर को क्षति नहीं पहुंची है।
मीडिया से बातचीत में विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि विपक्ष आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से तैयार किए गए फर्जी वीडियो और तस्वीरों के जरिए सनातन धर्म की आस्था को ठेस पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि एक भी मंदिर या मूर्ति को नुकसान नहीं हुआ है। ड्रिलिंग के दौरान उत्पन्न वाइब्रेशन से जो प्राचीन कलाकृतियां संवेदनशील स्थिति में थीं, उन्हें संस्कृति विभाग ने पूरी सावधानी के साथ सुरक्षित कर लिया है। कार्य पूरा होने के बाद इन्हें पूरे सम्मान के साथ अपने स्थान पर पुनः स्थापित किया जाएगा।
महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी और अयोध्या में सनातन धर्म की गौरवशाली परंपराओं को नई पहचान मिली है। विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह झूठ और तकनीक के सहारे जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस कुम्भा महादेव मंदिर को लेकर दुष्प्रचार किया जा रहा है, वह अपने मूल स्थान पर ससम्मान विराजमान है। मंदिर में नंदी और गणेश जी की प्रतिमाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और वहां नियमित पूजा-अर्चना जारी है। इसी तरह पुण्यश्लोक रानी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा को भी सुरक्षित रूप से संरक्षित किया गया है, जिसे परियोजना पूरी होने के बाद पुनः स्थापित किया जाएगा।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने साफ किया कि मणिकर्णिका घाट का पुनर्विकास कार्य विरासत के साथ विकास की भावना के अनुरूप किया जा रहा है और धार्मिक आस्थाओं से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा रहा है।
