कफ सीरप मामले में एक और गिरफ्तारी, सरगना शुभम जायसवाल का करीबी विकास सिंह पकड़ा गया
वाराणसी में करीब दो हजार करोड़ रुपये के कफ सीरप प्रकरण की जांच में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। रोहनिया पुलिस ने रविवार को प्रह्लादघाट से विकास सिंह को गिरफ्तार किया। विकास सिंह पर आरोप है कि उसने झारखंड के रांची में ड्रग लाइसेंस हासिल करने के लिए कफ सीरप तस्करी के कथित सरगना शुभम जायसवाल को दो साल का अनुभव प्रमाणपत्र उपलब्ध कराया था।
पुलिस के मुताबिक, कायस्थ टोला निवासी विकास सिंह बिजली उपकरणों की एक छोटी दुकान चलाता था। आरोप है कि उसने रांची में करीब दो महीने के लिए थ्री बीएचके फ्लैट किराये पर लिया और शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद की मदद से ड्रग लाइसेंस हासिल किया। इसके बाद रांची में शांभवी फार्मा नाम से दवा एजेंसी शुरू की गई।
जांच में सामने आया कि विकास सिंह ने शुभम जायसवाल को ड्रग लाइसेंस हासिल करने के लिए दो वर्ष के अनुभव का प्रमाणपत्र दिया था। इसी कड़ी में पुलिस ने उसे मामले में आरोपी बनाया और गिरफ्तार कर लिया।
500 पेटी कफ सीरप की बरामदगी से खुला कनेक्शन
रोहनिया पुलिस वाराणसी में बरामद हुई 500 पेटी कफ सीरप के मामले की जांच के सिलसिले में रांची पहुंची थी। वहां ड्रग विभाग से संपर्क करने के बाद विकास सिंह और शांभवी फार्मा से जुड़ी जानकारी पुलिस के सामने आई। इसके बाद पुलिस ने उसकी भूमिका की जांच की और रविवार को उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, विकास सिंह का बेटा वरुण सिंह भी कफ सीरप तस्करी के मामले में आरोपी है। पुलिस को उसके बैंक खाते में रुपये के लेनदेन से जुड़े तथ्य भी जांच के दौरान मिले हैं।
वरुण के दुबई भागने की चर्चा
पुलिस के अनुसार, वरुण सिंह के शुभम जायसवाल के साथ दुबई चले जाने की चर्चा है। इसी वजह से अभी उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है और मामले से जुड़े आर्थिक लेनदेन की भी जांच की जा रही है।
जांच के दौरान विकास सिंह की पत्नी और एक शराब अनुज्ञापी को भी पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। अब विकास सिंह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस कफ सीरप प्रकरण में सामने आए नेटवर्क और ड्रग लाइसेंस से जुड़े पूरे कनेक्शन की पड़ताल कर रही है।
