कम OPD वाले आयुष अस्पतालों की होगी पहचान, बढ़ाने के लिए बनेगी विशेष कार्ययोजना
वाराणसी। जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला आयुष समिति (शासी निकाय) की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में जनपद में आयुष विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और चिकित्सा सेवाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथिक चिकित्सा सेवाओं की स्थिति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि लोगों को गुणवत्तापूर्ण और सुगम आयुष चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने आयुष चिकित्सालयों एवं औषधालयों में आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने देने पर जोर दिया।
बैठक में चिकित्सालयों के संचालन, चिकित्सकों एवं अन्य स्टाफ की उपलब्धता, दवाओं की आपूर्ति, मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं और विभागीय योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को नियमित रूप से चिकित्सालयों और संबंधित केंद्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
कम ओपीडी वाले आयुष चिकित्सालयों को चिन्हित कर उनकी ओपीडी बढ़ाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। साथ ही आयुष चिकित्सा पद्धतियों के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए, ताकि अधिक से अधिक लोग इन सेवाओं का लाभ उठा सकें।
जिलाधिकारी ने योग, आयुर्वेद, स्वस्थ जीवनशैली और औषधीय पौधों के महत्व को लेकर जन-जागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम तथा आयुष चिकित्सा शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
