शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की सभा में मधुमक्खियों का हमला, बोले- किसी ने छत्ते को कुरेद दिया होगा, कुछ लोगों को...
May 14, 2026, 10:09 IST
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वाराणसी के रोहनिया क्षेत्र में आयोजित स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Swami Avimukteshwaranand Saraswati) की सभा में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने श्रद्धालुओं पर हमला कर दिया। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिसके बाद सभा को तय समय से पहले समाप्त करना पड़ा।
घटना के दौरान शंकराचार्य मंच से श्रद्धालुओं को शांत रहने की अपील करते नजर आए। उन्होंने कहा, “कुछ लोगों को अच्छी चीज अच्छी नहीं लगती, इसलिए किसी ने छत्ते को कुरेद दिया होगा। आप लोग पत्थर की मूरत की तरह शांत बैठे रहें, मधुमक्खियां कुछ नहीं करेंगी।”
गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग
सभा के दौरान शंकराचार्य ने गौ संरक्षण और गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार से मांग है कि गौमाता को माता का दर्जा दिया जाए, उन्हें पशु सूची से हटाया जाए और गौमांस की बिक्री पूरी तरह बंद की जाए।”
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में गौमाता को केवल पशु नहीं, बल्कि धर्म, संस्कृति और सृष्टि की पोषिका माना गया है। उनके अनुसार गौमाता भारतीय अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और आध्यात्मिक चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र रही हैं।
403 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचेगी यात्रा
यह सभा “गविष्ठी गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा” के तहत आयोजित की गई थी। यात्रा का उद्देश्य गौवंश संरक्षण और गौमाता को राष्ट्रमाता एवं राज्यमाता घोषित कराने की मांग को जन-जन तक पहुंचाना बताया गया है।
आयोजकों के अनुसार यह यात्रा Gorakhpur से शुरू हुई है और उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। सभा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
घटना के दौरान शंकराचार्य मंच से श्रद्धालुओं को शांत रहने की अपील करते नजर आए। उन्होंने कहा, “कुछ लोगों को अच्छी चीज अच्छी नहीं लगती, इसलिए किसी ने छत्ते को कुरेद दिया होगा। आप लोग पत्थर की मूरत की तरह शांत बैठे रहें, मधुमक्खियां कुछ नहीं करेंगी।”
गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग
सभा के दौरान शंकराचार्य ने गौ संरक्षण और गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार से मांग है कि गौमाता को माता का दर्जा दिया जाए, उन्हें पशु सूची से हटाया जाए और गौमांस की बिक्री पूरी तरह बंद की जाए।”
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में गौमाता को केवल पशु नहीं, बल्कि धर्म, संस्कृति और सृष्टि की पोषिका माना गया है। उनके अनुसार गौमाता भारतीय अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और आध्यात्मिक चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र रही हैं।
403 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचेगी यात्रा
यह सभा “गविष्ठी गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा” के तहत आयोजित की गई थी। यात्रा का उद्देश्य गौवंश संरक्षण और गौमाता को राष्ट्रमाता एवं राज्यमाता घोषित कराने की मांग को जन-जन तक पहुंचाना बताया गया है।
आयोजकों के अनुसार यह यात्रा Gorakhpur से शुरू हुई है और उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। सभा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
