घर खरीदने से पहले जरूर करें ये जांच, वाराणसी में यूपी रेरा ने बताए सुरक्षित निवेश के नियम
Varanasi : रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने और घर खरीदने वाले उपभोक्ताओं को जागरूक करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश भू संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने शुक्रवार को वाराणसी मंडल के हितधारकों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें बड़ी संख्या में गृह क्रेता, आवंटी, प्रमोटर और पंजीकृत रियल एस्टेट एजेंट शामिल हुए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने की। वाराणसी मंडलायुक्त एस. राजालिंगम और वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्णा बोरा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
यूपी रेरा अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा कि सुरक्षित रियल एस्टेट निवेश का सबसे मजबूत आधार उपभोक्ताओं की जागरूकता है। उन्होंने लोगों से किसी भी परियोजना में निवेश करने से पहले यूपी रेरा पोर्टल पर उसका पंजीकरण, स्वीकृत नक्शा, भूमि स्वामित्व, निर्माण प्रगति और प्रमोटर का रिकॉर्ड अवश्य जांचने की अपील की।
कार्यक्रम में यूपी रेरा के प्रधान सलाहकार अबरार अहमद ने रेरा अधिनियम-2016 के प्रमुख प्रावधानों, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया, घर खरीददारों के अधिकारों और समयबद्ध विवाद निस्तारण की व्यवस्था की विस्तार से जानकारी दी।

निवेश से पहले इन बातों की करें जांच
- रेरा पंजीकरण संख्या और उसकी वैधता
- स्वीकृत लेआउट प्लान
- भूमि स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज
- निर्माण की प्रगति
- परियोजना की पूर्णता अवधि
- परियोजना का निर्धारित बैंक खाता
- प्रमोटर का पिछला रिकॉर्ड
- रियल एस्टेट एजेंट का रेरा पंजीकरण
यूपी रेरा ने यह भी सलाह दी कि केवल विज्ञापनों या प्रचार सामग्री के आधार पर निवेश का निर्णय न लें।
बुकिंग के बाद भी रखें निगरानी
प्राधिकरण ने खरीदारों को आवंटन पत्र, एग्रीमेंट फॉर सेल, भुगतान रसीदें और रेरा पोर्टल पर उपलब्ध रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की सलाह दी। भविष्य में किसी विवाद की स्थिति में यही दस्तावेज कानूनी सुरक्षा का आधार बनते हैं।

कब कर सकते हैं यूपी रेरा में शिकायत?
यदि प्रमोटर समय पर कब्जा न दे, अनुबंध का उल्लंघन करे, स्वीकृत नक्शे में बिना अनुमति बदलाव करे, अनुचित भुगतान मांगे या परियोजना रेरा में पंजीकृत न हो, तो खरीदार यूपी रेरा में शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने विलंब से कब्जा, धनवापसी, ब्याज, रजिस्ट्री और शिकायत निवारण प्रक्रिया से जुड़े सवालों के जवाब दिए। कार्यक्रम में यूपी रेरा मुख्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।
