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BHU में बिड़ला चौराहे पर छात्रों का हंगामा, कार्रवाई के विरोध देर रात तक दिया धरना

BHU के बिड़ला हॉस्टल छात्रों ने प्रॉक्टोरियल बोर्ड की कार्रवाई के विरोध में बिड़ला चौराहे पर धरना दिया। सर्च ऑपरेशन में बाहरी छात्रों को पकड़े जाने से नाराज छात्रों ने निष्पक्ष जांच की मांग की। CCTV फुटेज दिखाए जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।

 
BHU में बिड़ला चौराहे
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वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) परिसर में शांति बहाल करने की कोशिशों के बीच मंगलवार को एक बार फिर माहौल गरमा गया। चार दिन पहले छात्रों के बीच हुए आपसी विवाद के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई से नाराज बिड़ला-ए हॉस्टल के छात्र देर शाम बिड़ला चौराहे पर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारी छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

छात्रों का आक्रोश प्रॉक्टोरियल बोर्ड द्वारा किए गए सर्च ऑपरेशन को लेकर था। छात्रों का आरोप है कि प्रशासन इस मामले में वास्तविक दोषियों के बजाय निर्दोष छात्रों को निशाना बना रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जांच एकतरफा की जा रही है और छात्रों का मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है।

बताया गया कि सर्च ऑपरेशन के दौरान बिड़ला हॉस्टल से दो बाहरी छात्रों को चिह्नित किया गया था। इनमें से एक छात्र को पुलिस के हवाले कर दिया गया, जबकि उसके कमरे को सील कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद ही छात्रों का विरोध तेज हो गया।

धरने पर बैठे छात्रों का कहना था कि जिन बाहरी छात्रों को पकड़ा गया है, वे केवल अपने मित्रों से मिलने आए थे। वहीं, सुरक्षा अधिकारियों का दावा है कि ये छात्र लंबे समय से अवैध रूप से हॉस्टल के कमरों में रह रहे थे। इसी मुद्दे पर छात्रों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई।

बिड़ला चौराहे पर छात्रों के धरने के चलते परिसर के इस हिस्से में यातायात बाधित हो गया और स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। मौके पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड के अधिकारियों के साथ कई थानों की पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी तैनात रहे। छात्रों को समझाने के प्रयास किए गए, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। हालांकि, बाद में मौके पर मौजूद अधिकारियों ने छात्रों को सीसीटीवी फुटेज दिखाकर पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट की। फुटेज देखने के बाद छात्रों ने धरना समाप्त कर दिया और स्थिति सामान्य हुई।