BHU में जल्द लगेगा Da Vinci रोबोटिक सर्जरी सिस्टम, छोटे चीरे और जल्द रिकवरी का मिलेगा फायदा
वाराणसी के बीएचयू चिकित्सा विज्ञान संस्थान में अगले महीने दा विंची रोबोटिक सर्जरी सिस्टम स्थापित होने की संभावना है। खरीद प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इस आधुनिक तकनीक से कैंसर समेत कई जटिल ऑपरेशन में मदद मिलेगी। पूर्वांचल के मरीजों को अपेक्षाकृत कम खर्च में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा मिल सकेगी।
वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान में जल्द ही अत्याधुनिक दा विंची रोबोटिक सर्जरी सिस्टम स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना के लिए खरीद प्रक्रिया अंतिम चरण में है और अगले महीने तक सिस्टम की स्थापना होने की संभावना है। इसके शुरू होने से पूर्वांचल के मरीजों को जटिल ऑपरेशन के लिए आधुनिक रोबोटिक सर्जरी की सुविधा अपेक्षाकृत कम खर्च में मिल सकेगी।
बीएचयू के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग की ओर से तैयार इस परियोजना से कैंसर समेत कई जटिल बीमारियों के ऑपरेशन में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल संभव होगा। इससे मरीजों को छोटे चीरे, कम दर्द, कम रक्तस्राव और जल्द रिकवरी जैसे फायदे मिलने की संभावना है।
बीएचयू में अंतिम चरण में रोबोटिक सिस्टम की खरीद
दा विंची रोबोटिक सर्जरी सिस्टम स्थापित करने का प्रस्ताव बीएचयू के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग ने तैयार किया था। विभाग के प्रयासों से यह परियोजना अब आगे बढ़ी है। विभाग की प्रो. मल्लिका तिवारी ने बताया कि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी और चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. एसएन शंखवार के सहयोग और पहल से सिस्टम की खरीद प्रक्रिया को गति मिली है।
उन्होंने बताया कि सिस्टम की स्थापना के बाद संस्थान में आधुनिक तकनीक की मदद से जटिल ऑपरेशन करने की सुविधा उपलब्ध होगी। फिलहाल इसकी खरीद प्रक्रिया अंतिम चरण में है और अगले महीने स्थापना होने की संभावना है।
रोबोट खुद नहीं करता ऑपरेशन, सर्जन के नियंत्रण में काम करता है सिस्टम
दा विंची रोबोटिक सर्जरी सिस्टम की खासियत यह है कि इसमें रोबोट अपने आप ऑपरेशन नहीं करता। सर्जन एक विशेष कंसोल पर बैठकर रोबोटिक उपकरणों को नियंत्रित करते हैं। शरीर में छोटे छिद्रों के जरिए ऑपरेशन किया जाता है।
इस तकनीक में सर्जन को ऑपरेशन वाले हिस्से का कई गुना बड़ा और स्पष्ट त्रिआयामी (3D) दृश्य दिखाई देता है। रोबोटिक उपकरणों की सूक्ष्म गतिविधियों और बेहतर नियंत्रण के कारण शरीर के भीतर सीमित जगह पर स्थित अंगों की जटिल सर्जरी अधिक सटीकता से करना संभव होता है।
छोटे चीरे, कम दर्द और जल्द रिकवरी का फायदा
पारंपरिक ओपन सर्जरी की तुलना में रोबोटिक सर्जरी में छोटे चीरे लगाए जाते हैं। इससे मरीज को कम दर्द होने, रक्तस्राव घटने और जल्द स्वस्थ होने की संभावना रहती है।
प्रो. मल्लिका तिवारी के अनुसार, सामान्य सर्जरी में लैप्रोस्कोपी भी प्रभावी विकल्प है। हालांकि, शरीर के भीतर सीमित जगह पर होने वाले जटिल ऑपरेशन में रोबोटिक सिस्टम के उपकरणों की बेहतर गतिशीलता और सूक्ष्म नियंत्रण विशेष रूप से उपयोगी हो सकते हैं।
कैंसर समेत कई जटिल ऑपरेशन में होगा इस्तेमाल
बीएचयू में स्थापित होने वाला यह सिस्टम कई तरह की जटिल सर्जरी में उपयोगी होगा। इसमें भोजन नली, अग्न्याशय, लिवर, कोलन, मलाशय, प्रोस्टेट और मूत्राशय से संबंधित ऑपरेशन शामिल हैं। इसके अलावा स्त्री रोग संबंधी जटिल कैंसर के ऑपरेशन में भी इस तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
इससे सर्जनों को शरीर के संवेदनशील और जटिल हिस्सों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। साथ ही, ऑपरेशन के दौरान उपकरणों की सूक्ष्म गतिविधियों के जरिए अधिक सटीकता हासिल करने में सहायता मिलेगी।
कम खर्च में रोबोटिक सर्जरी मिलने से मरीजों को राहत
दा विंची रोबोटिक सर्जरी सिस्टम देश के चुनिंदा बड़े चिकित्सा केंद्रों में उपलब्ध है। बीएचयू में इस तकनीक की सुविधा अपेक्षाकृत कम खर्च में मिलने से पूर्वांचल और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल जटिल ऑपरेशन के लिए मरीजों को दूसरे बड़े शहरों का रुख करना पड़ सकता है। बीएचयू में यह सुविधा शुरू होने के बाद ऐसे मरीजों को अपने क्षेत्र के नजदीक ही आधुनिक सर्जरी का विकल्प मिल सकेगा।
