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रुईया हॉस्टल हिंसा और यौन उत्पीड़न मामले में BHU ने 9 छात्रों को किया आजीवन डिबार

बीएचयू प्रशासन ने अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई करते हुए नौ छात्रों को आजीवन डिबार कर दिया है। हिंसा, यौन उत्पीड़न, परीक्षा में नकल और विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर मामलों में दोषी पाए गए छात्रों पर भविष्य में प्रवेश और रोजगार दोनों पर रोक लगा दी गई है।
 
वाराणसी
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वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) प्रशासन ने परिसर में अनुशासन और शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने के लिए अब तक की सबसे सख्त कार्रवाइयों में से एक करते हुए नौ छात्रों को आजीवन डिबार (Lifetime Debar) कर दिया है। इन छात्रों पर भविष्य में विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने और रोजगार से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया में भाग लेने पर भी रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हिंसा, यौन उत्पीड़न, नकल और विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाओं पर अब 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी।

110 दागी छात्रों की सूची में से 9 पर सबसे कड़ी कार्रवाई

विश्वविद्यालय प्रशासन ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए तैयार की गई लगभग 110 दागी छात्रों की सूची की समीक्षा के बाद गंभीर मामलों में शामिल नौ छात्रों के खिलाफ स्थायी कार्रवाई की है। प्रशासन के अनुसार इन मामलों की जांच के बाद दोषी पाए गए छात्रों को हमेशा के लिए विश्वविद्यालय से निष्कासित (डिबार) कर दिया गया है।

बीएचयू ने साफ किया है कि इन छात्रों को भविष्य में विश्वविद्यालय में प्रवेश नहीं मिलेगा और रोजगार से संबंधित विश्वविद्यालय की किसी भी प्रक्रिया में भी उन्हें शामिल नहीं किया जाएगा।

रुद्रा हॉस्टल गेट हिंसा मामले में पांच छात्र डिबार

विश्वविद्यालय ने 29 जनवरी 2026 को रुद्रा हॉस्टल गेट पर हुई हिंसक झड़प को अत्यंत गंभीर मानते हुए इसमें शामिल पांच छात्रों पर आजीवन प्रतिबंध लगाया है।

इन छात्रों में अंकित पाल (एमए हिंदी), विश्वजीत कुमार राय (एमए हिंदी), दर्शित पांडेय (बीए ऑनर्स), विशाल कुमार साह (बीए ऑनर्स) और पीयूष तिवारी (शास्त्री ऑनर्स) शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि परिसर में हिंसा और अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

यौन उत्पीड़न और तोड़फोड़ के मामलों में भी सख्त फैसला

महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शिक्षा संकाय के शोध छात्र उज्ज्वल मणि सिंह को यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी पाए जाने पर आजीवन डिबार कर दिया गया है।

वहीं 17 फरवरी को बिरला 'ए' हॉस्टल के पास विश्वविद्यालय की संपत्ति में तोड़फोड़ और नुकसान पहुंचाने के आरोप में बीए छात्र आदित्य शर्मा के खिलाफ भी भविष्य में प्रवेश पर स्थायी प्रतिबंध लगाया गया है।

नकल के दोषी दो छात्रों पर भी कार्रवाई

विश्वविद्यालय ने परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के उद्देश्य से परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करने वाले दो छात्रों पर भी कड़ी कार्रवाई की है।

इनमें विपिन राज साहू (बीएससी ऑनर्स गणित) और सान्या शुक्ला (बीए ऑनर्स सांख्यिकी) शामिल हैं। दोनों छात्रों को भी भविष्य में विश्वविद्यालय में प्रवेश और संबंधित प्रक्रियाओं से स्थायी रूप से वंचित कर दिया गया है।

BHU ने दिया साफ संदेश- अनुशासन से समझौता नहीं

विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि परिसर में शांति, सुरक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए हिंसा, यौन उत्पीड़न, परीक्षा में नकल या विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी गतिविधियों में शामिल किसी भी छात्र के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।