BHU में 2027 से शुरू होगा हॉस्पिटल मैनेजमेंट कोर्स का नया पाठ्यक्रम, मरीजों की सेवा से लेकर प्रशासन तक की मिलेगी ट्रेनिंग
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) का चिकित्सा विज्ञान संस्थान (IMS) बदलते अस्पताल ढांचे और बढ़ती प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन का दो वर्षीय पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहा है। पाठ्यक्रम की रूपरेखा तैयार हो चुकी है और इसका प्रस्ताव नीति आयोग के सामने भी प्रस्तुत किया जा चुका है। अब इसे विश्वविद्यालय की अगली विद्वत परिषद की बैठक में रखा जाएगा। मंजूरी मिलने पर 2027 से पाठ्यक्रम में पढ़ाई शुरू होने की संभावना है।
आइएमएस के निदेशक प्रो. एसएन संखवार के मुताबिक, बीएचयू में तैयार किया गया यह पाठ्यक्रम देश के अन्य संस्थानों में संचालित अस्पताल प्रबंधन के पाठ्यक्रमों से अलग होगा। इसमें अस्पताल प्रशासन को सिर्फ व्यावसायिक और प्रबंधन के नजरिए से नहीं पढ़ाया जाएगा, बल्कि महामना पंडित मदन मोहन मालवीय के मानवीय विचारों को भी पाठ्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाएगा।
मानव सेवा और प्रशासन पर रहेगा जोर
पाठ्यक्रम में मानव सेवा, समर्पण और निष्ठा को अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली से जोड़ने पर जोर रहेगा। संस्थान का उद्देश्य ऐसे पेशेवर तैयार करना है, जो अस्पताल की प्रशासनिक जिम्मेदारियों को समझने के साथ मरीजों के प्रति संवेदनशीलता भी रखें।
अस्पताल प्रबंधन पाठ्यक्रम के निर्माण से जुड़ी समिति के सदस्य प्रो. विश्वंभर सिंह ने बताया कि इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसका व्यावहारिक पक्ष होगा। विद्यार्थियों को केवल कक्षाओं में अस्पताल प्रबंधन के सिद्धांत नहीं पढ़ाए जाएंगे, बल्कि उन्हें अस्पताल की वास्तविक कार्यप्रणाली को समझने का अवसर भी मिलेगा।
विद्यार्थियों को अस्पताल के दैनिक कामकाज, मरीजों से जुड़े विभिन्न पहलुओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष अनुभव कराया जाएगा। इससे उन्हें अस्पतालों में आने वाली वास्तविक चुनौतियों को समझने और उनके समाधान के लिए आवश्यक प्रबंधन कौशल विकसित करने में मदद मिलेगी।
चार सत्रों में पूरा होगा दो वर्षीय कोर्स
प्रस्तावित दो वर्षीय पाठ्यक्रम को चार सत्रों में विभाजित किया जाएगा। इसमें आइएमएस के चिकित्सकों के साथ बीएचयू के प्रबंध संस्थान के प्राध्यापक भी अध्यापन करेंगे। यानी विद्यार्थियों को चिकित्सा और प्रबंधन, दोनों क्षेत्रों के विशेषज्ञों से प्रशिक्षण मिलेगा।
अस्पतालों के विस्तार के साथ गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं का प्रभावी प्रबंधन भी बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में बीएचयू का यह प्रस्तावित पाठ्यक्रम चिकित्सकीय समझ, प्रशासनिक दक्षता और मानवीय संवेदना के बीच बेहतर समन्वय तैयार करने पर केंद्रित होगा।
