BHU में जूनियर डॉक्टर की हालत नाजुक, इंसुलिन ओवरडोज से कोमा में, सर्जरी विभाग के छात्रों का प्रदर्शन
बीएचयू के आईएमएस में सर्जरी विभाग की जूनियर डॉक्टर डॉ. सत्या ने कथित रूप से इंसुलिन की ओवरडोज ले ली, जिसके बाद उनकी हालत गंभीर हो गई और वह कोमा में हैं। घटना के विरोध में सर्जरी विभाग के जूनियर डॉक्टरों ने प्रदर्शन कर काम के अत्यधिक दबाव का आरोप लगाया है।
वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय के IMS BHU में सर्जरी विभाग की जूनियर डॉक्टर डॉ. सत्या की हालत गंभीर बनी हुई है। इंसुलिन की ओवरडोज लेने के बाद उन्हें शताब्दी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि वह फिलहाल कोमा में हैं।
इस घटना के बाद सर्जरी विभाग के जूनियर डॉक्टरों में गहरा आक्रोश देखा गया। रविवार शाम को छात्रों ने आईएमएस निदेशक कार्यालय के सामने प्रदर्शन करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका आरोप है कि विभाग में काम का दबाव काफी अधिक है, जिससे जूनियर डॉक्टर मानसिक रूप से परेशान रहते हैं।
छात्रों का कहना है कि इसी दबाव के कारण उनकी सहपाठी डॉ. सत्या ने यह कठोर कदम उठाया। उन्होंने बताया कि डॉ. सत्या ने कथित रूप से इंसुलिन की ओवरडोज ले ली थी, जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई। फिलहाल उनका इलाज अस्पताल के आईसीयू में चल रहा है।
इधर, घटना के तीसरे दिन विश्वविद्यालय के कुलपति अजय कुमार चतुर्वेदी शताब्दी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों से डॉ. सत्या की सेहत के बारे में जानकारी ली और परिजनों से मुलाकात कर उन्हें भरोसा दिलाया कि अस्पताल की ओर से हर संभव इलाज मुहैया कराया जा रहा है।
कुलपति ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया है कि डॉक्टर की हालत पर लगातार नजर रखी जाए और इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही न हो। वहीं छात्रों ने मांग की है कि विभाग में कार्य के दबाव और कार्य व्यवस्था को लेकर प्रशासन ठोस कदम उठाए।
