BHU के दिग्गज हृदय सर्जन प्रो. टीके लाहिरी ICU में भर्ती, कुलपति ने लिया स्वास्थ्य का हाल
बीएचयू के वरिष्ठ कार्डियोथोरेसिक सर्जन और पद्मश्री सम्मानित प्रो. टीके लाहिरी आईसीयू में भर्ती हैं। कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने अस्पताल पहुंचकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और बेहतर इलाज के निर्देश दिए।
वाराणसी: बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने देश के वरिष्ठ एवं प्रख्यात कार्डियोथोरेसिक सर्जन पद्मश्री प्रो. टीके लाहिरी के स्वास्थ्य की जानकारी ली। प्रो. लाहिरी इन दिनों सर सुंदरलाल चिकित्सालय के शताब्दी सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के पंचम तल स्थित कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (CTVS) विभाग के आईसीयू में भर्ती हैं।
कुलपति के साथ IMS के निदेशक प्रो. एसएन शंखवार और सर सुंदरलाल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. कैलाश कुमार भी मौजूद रहे। कुलपति ने इलाज में लगे चिकित्सकों से चर्चा कर प्रो. लाहिरी को हरसंभव बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
देश के अग्रणी हृदय सर्जनों में शामिल हैं प्रो. टीके लाहिरी
कोलकाता में जन्मे डॉ. टीके लाहिरी देश के सबसे अनुभवी कार्डियोथोरेसिक सर्जनों में गिने जाते हैं। उन्होंने वर्ष 1969 में इंग्लैंड से कार्डियक सर्जरी में FRCS और 1972 में थोरेसिक सर्जरी में M.Ch की डिग्री प्राप्त की।
इसके बाद उन्होंने BHU के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (IMS) में फैकल्टी सदस्य के रूप में कार्यभार संभाला। यहां वे रीडर, असिस्टेंट प्रोफेसर और बाद में कार्डियोथोरेसिक सर्जरी विभागाध्यक्ष (HOD) के पद पर रहे।
सेवा, त्याग और मानवता की मिसाल
साल 2003 में BHU से सेवानिवृत्ति के बाद प्रो. लाहिरी ने प्रोफेसर एमेरिटस के रूप में बिना वेतन सेवा जारी रखने का निर्णय लिया। इतना ही नहीं, उन्होंने 1994 से अपने वेतन और भत्तों को गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों के इलाज के लिए दान करना शुरू किया, जो आज भी जारी है।
आज भी पेंशन से केवल आवश्यक खर्च निकालकर शेष राशि गरीब मरीजों की सहायता के लिए बीएचयू को दान कर देते हैं। चिकित्सा सेवा में उनके अतुलनीय योगदान के लिए उन्हें 2016 में पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया।
