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नशा मुक्ति केंद्र में बीएचयू छात्र की मौत का खुलासा, दिला का दौरा से नहीं, पिटाई से गई थी जान

वाराणसी के सारनाथ स्थित नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती बीएचयू छात्र आदित्य गोस्वामी की मौत पिटाई से हुई। जांच में खुलासा हुआ कि नशा छुड़ाने के नाम पर उसे प्रताड़ित किया गया। पुलिस ने संचालक समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

 
बीएचयू छात्र की मौत का खुलासा
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वाराणसी: सारनाथ थाना क्षेत्र के चुद्धा सिटी कॉलोनी स्थित जन सुधार नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती बीएचयू छात्र आदित्य गोस्वामी की मौत दिल का दौरा नहीं, बल्कि बेरहमी से की गई पिटाई के कारण हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच में यह सच्चाई सामने आई है। 

मृतक आदित्य गोस्वामी, अशोक नगर कॉलोनी मीरापुर बसही का निवासी और बीएचयू में मानव विज्ञान का छात्र था। आदित्य की मां प्रतिभा गोस्वामी, जो चंदौली के सैयदराजा स्थित जीजीआईसी की प्रधानाचार्य हैं, ने 27 दिसंबर को बेटे को नशे की आदत छुड़ाने के लिए उक्त केंद्र में भर्ती कराया था। उन्होंने केंद्र को बताया था कि नशे के कारण आदित्य छोटी-छोटी बातों पर उग्र हो जाता है।

पुलिस पूछताछ में नशा मुक्ति केंद्र के संचालक युवराज (निवासी बिसुनपुर कला, सकलडीहा, चंदौली) ने स्वीकार किया कि शराब छुड़ाने के नाम पर आदित्य के साथ मारपीट की गई। इस पिटाई में रोहतास (बिहार) के नोखा क्षेत्र निवासी कुमार सौरभ और भेलूपुर थाना क्षेत्र के सील नगर कॉलोनी निवासी जितेंद्र गुप्ता शामिल थे। पुलिस ने मौके से दो पाइप बरामद किए हैं, जिनसे पिटाई की गई थी।

एसीपी विदुष सक्सेना ने बताया कि नशा छुड़ाने के लिए योग, मेडिटेशन और काउंसिलिंग जैसी विधियों की बजाय केंद्र में अमानवीय तरीके अपनाए जा रहे थे। पूछताछ के बाद संचालक समेत तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मामले में सारनाथ थानाध्यक्ष पंकज कुमार त्रिपाठी सहित पुलिस टीम मौके पर मौजूद रही।

परिजनों को पहले आदित्य की मौत की वजह दिल का दौरा बताई गई थी, लेकिन जब वे अस्पताल पहुंचे तो शव पर चोट के स्पष्ट निशान मिले। संदेह होने पर परिजनों ने हत्या की आशंका जताई, जिसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया। रिपोर्ट आने के बाद पिटाई से मौत की पुष्टि हुई, जिससे पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना ने नशा मुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।